Author प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने आरक्षण के बारे में जो कहा है, वह संघ के परंपरागत विचार के विपरीत नहीं है. संघ लंबे अरसे से कहता रहा है कि आरक्षण अनंतकाल तक नहीं चलेगा. संविधान-निर्माताओं की जो मंशा थी हम उसे ही दोहरा रहे है...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   8:53am 21 Jan 2017
Author सुशील बाकलीवाल at जिन्दगी के रं...
             किसी जंगल में एक वृक्ष पर चिडा-चिडी घोसला बनाकर प्रेमपूर्वक रहते थे । एक दिन चिड़िया बोली - मुझे छोड़ कर कभी उड़ तो नहीं जाओगे ?               चिड़े ने कहा - यदि मैं उड़ जाऊं तो तुम पकड़ लेना ।            चिड़िया बो...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   7:18am 21 Jan 2017
Author डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
मौसम कितना हुआ सुहाना।रंग-बिरंगे सुमन सुहाते।सरसों ने पहना पीताम्बर,गेहूँ के बिरुए लहराते।।दिवस बढ़े हैं शीत घटा है,नभ से कुहरा-धुंध छटा है,पक्षी कलरव राग सुनाते।काँधों पर काँवड़ें सजी हैं,बम भोले की धूम मची है,शिवशंकर को सभी रिझाते।तन-मन में मस्ती छाई है,अपनी बेरी ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   5:43am 21 Jan 2017
Author डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at नन्हे सुमन...
 इतनी जल्दी क्या है बिटिया, सिर पर पल्लू लाने की।अभी उम्र है गुड्डे-गुड़ियों के संग,समय बिताने की।।मम्मी-पापा तुम्हें देख कर,मन ही मन हर्षाते हैं।जब वो नन्ही सी बेटी की,छवि आखों में पाते है।।जब आयेगा समय सुहाना, देंगे हम उपहार तुम्हें।तन मन धन से सब सौगातें, देंग...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   5:31am 21 Jan 2017
Author S.M.MAasum at हमारा जौनपुर ...
जौनपुर के वोटरों को जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी एव जिला निर्वाचन अधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी हर संभव कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए सोशल मीडिया पे उन्होंने एक पेज बनाया है "वोट करेगा जौनपुर "जिस से हर दिन हज़ारों लोग जुड़ रहे हैं और आशा की जाती है की जौनपुर का रहने वाला ...
clicks 25 View   Vote 0 Vote   2:02am 21 Jan 2017
Author साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
साहित्य शिल्पी के पाठकों के लिये आचार्य संजीव वर्मा "सलिल" ले कर प्रस्तुत हुए हैं "छंद और उसके विधानों"पर केन्द्रित आलेख माला। आचार्य संजीव वर्मा सलिल को अंतर्जाल जगत में किसी परिचय की आवश्यकता नहीं। आपने नागरिक अभियंत्रण में त्रिवर्षीय डिप्लोमा, बी.ई., एम.आई.ई., एम. आई. ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   12:00am 21 Jan 2017
Author Krishna Kumar Yadav at डाकिया डाक ला...
डाकिया डाक लाया, डाकिया मनीऑर्डर लाया, डाकिये ने बचत खाता खुलवाया और अब डाकिया देश में लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए लोगों को मतदान के लिए भी प्रेरित करेगा। यह प्रयोग पंजाब मे शुरू किया गया है। पंजाब विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को अपने मतदान का प्रयोग करने के लिए प्र...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   3:25pm 20 Jan 2017
Author माधवी रंजना at DAANA PAANI...
स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहासमें युवाओं के जोश को जब जब याद किया जाएगा तब तब पटना के उन सात शहीदों के बिना चर्चा अधूरी रहेगी। ये सातो स्कूली छात्र थे जो गांधी जी के करो या मरो के ऐलान के बाद 11 अगस्त 1942 को पटना में सचिवालय पर तिरंगा फहराने निकले थे। पर ब्रिटिश फौज की गोलियों ...
clicks 14 View   Vote 0 Vote   2:00pm 20 Jan 2017
Author Ghanshyam Maurya at मेरी बात...
Thank you very much, Madam Speaker, for giving me this opportunity to speak on one of the most important legislations relating to the rights of disabled persons, in this august House. Madam, you know that from the day one onwards since 16th of last month, we have been trying to discuss the issues relating to the problems being faced by the common man in Indiadue to the demonetization issue. But anyway, the Government is not ready to discuss that. Madam, although every piece of legislation is important, yet this piece of legislation, which is dealing with the rights of the disabled persons, is the most important legislation and needs a special consideration. That is why, the entire Opposition...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   12:03pm 20 Jan 2017
Author Anshu Mali Rastogi at चिकोटी...
पुस्तक मेला- खासकर लेखकों के- बड़े काम का होता है। उनके बीच यह ‘पिकनिक स्पॉट’ की भूमिका निभाता है। जहां किस्म-किस्म के लेखक एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं। अपनी किताबों की ‘मार्केटिंग’ करते हैं। किताबों का विमोचन करवाते हैं। किताबों पर चर्चा-बहस, विवाद-संवाद होता है। इसी...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   11:57am 20 Jan 2017
Author Roshan Vikshipt at आधारशिला...
ऊनऔर सिलाइयों के बीचअंगुलियांबुन डालती थीजुराबें सर्दियों के लिए,टीवी पर निरतन्तर देखते धारावाहिक के बीच हीदेख लेत...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   11:08am 20 Jan 2017
Author प्रमोद जोशी at Gyaankosh ज्ञानकोश...
मोटे तौर पर हमारे गणतंत्र दिवस का मतलब है संविधान लागू होने का दिन. संविधान सभा ने 29नवम्बर 1949को संविधान को अंतिम रूप दे दिया था. इसे उसी रोज लागू किया जा सकता था या 1दिसम्बर या 1जनवरी को लागू किया जा सकता था. पर इसके लिए 26जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई. वह इसलिए कि भारतीय राष्ट...
clicks 13 View   Vote 0 Vote   11:00am 20 Jan 2017
Author Ajit at अजित गुप्‍ता ...
हमेशा कहानी से अपनी बात कहना सुगम रहता है। एक धनवान व्यक्ति था, वह अपने रिश्तेदारों और जरूरतमंदों की हमेशा मदद करता था। लेकिन वह अनुभव करता था कि कोई भी उसका अहसान नहीं मानता है, इस बात से वह दुखी रहता था। एक बार उसके नगर में एक संन्यासी आए, उसने अपनी समस्या संन्यासी को ब...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   10:31am 20 Jan 2017
Author erunfun at ERunFun...
आईये हमारे विडियो के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय स्वादिष्ट और स्पाइसी व्यंजन फरा बनाना सीखे The post चावल का फरा – छत्तीसगढ़ का लोकप्रिय व्यंजन appeared first on ERunFun. ...
clicks 11 View   Vote 0 Vote   10:29am 20 Jan 2017
Author akhtar khan akela at आपका-अख्तर खा...
सच कितने बदल गए हो तुम ,,प्यार निभाने वफ़ा दिखाने का एक मौक़ा और मिला था उसे भी हमने आज गवां दिया ,,सच कितने बदल गए हो तुम ,,फिर वही बेवफाई फिर वही झूँठ फिर वही फरेब फिर वही तन्हाई फिर वही जुदाई शायद यही सब मेरा नसीब है ,,,मेने तो एक कोशिश की थी बस तुम मर्ज़ी के मालिक हो तुम मेरा नसी...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   6:54am 20 Jan 2017
Author सुशील बाकलीवाल at नजरिया...
                        एक किसान के पास दो घडे थे जिसमें पानी की समस्या के कारण उसे दूर से पानी लाना पडता था । उनमे से एक घड़ा कहीं से फूटा हुआ था जबकि दूसरा बिल्कुल सही था, इस वजह से रोज़ घर पहुँचते-पहुँचते किसान के पास डेढ़ घड़ा पानी ही बच पात...
clicks 7 View   Vote 0 Vote   5:40am 20 Jan 2017
Author Hemant Kumar at क्रिएटिव कोन...
पुस्तक समीक्षा पुस्तकसुविख्यात मनीषी-संवादों के आईने मेंलेखक--डा०सुनील केशव देवधरप्रकाशक--सुभांजलि प्रकाशन ;कानपुरमूल्य -तीन सौ पचास रूपये।                        मनीषियों से संवाद--एक अनवरत सिलसिला                 &...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   11:12pm 19 Jan 2017
Author देवेन्द्र पाण्डेय at बेचैन आत्मा...
क्या पाण्डे जी! विश्व पुस्तक मेला लगा था दिल्ली में, गये नहीं?हाँ मिर्जा, नहीं गये। टिकट नहीं था।आप कहते तो टिकट कटा देता आपका। दिल्ली कौन दूर है?ट्रेन के टिकट की बात नहीं कर रहा मिर्जा, मैं पुस्तक मेला के टिकट की बात कर रहा हूँ! पुस्तक मेले में वही लेखक जाता है जिसकी एका...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   10:35pm 19 Jan 2017
Author रश्मि at रूप-अरूप...
आधी रात को हम कोवलम तट पर थे। कोवलम का अर्थ है 'नारि‍यल के वृक्षों का समूह'। केरल को देवताआें का देश कहा जाता है।हमलोग बेताब थे समुंंदर में जाने को, मगर रात में जाना ठीक नहीं। सो सुबह जल्‍दी जाने का मन बना लि‍ए। हम लाइट हाउस बीच के पास न ठहरकर थोड़ी दूर भीड़ से परे हव्‍वा ब...
clicks 12 View   Vote 0 Vote   9:14pm 19 Jan 2017
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