Author aman mishra at प्रेम बिंदु ...
सुकून के साथ अब मैं सोना चाहता हूं,किसने कहा तुझको मैं, तेरा होना चाहता हूं।कर लिया प्यार और सुन लिया दिल को हमने,बिखरी हुई जिंदगी को, अब पिरोना चाहता हूं।देखा असर दुआओं का, मांगा बहुत तुझको,फिर से अपने आप मे, मैं खोना चाहता हूं।है जन्नत मेरी साथ तेरे,ये मालूम है मुझको ,दो...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   11:39pm 23 Jun 2017
Author Praveen Kumar Gupta at HAMARA VAISHYA SAMAJ - हमार...
Shri Krishna has been addressed as Varshney in Verse 40-Chapter 1 and Verse 36-Chapter 3 of Bhagavad Gita , as of Vrishnilineage. Barahsaini or Varshney Vaish regard themselves as descendants of Akrurji of the same lineage,which was primarily settled in Vrij (or Braj).Advent of Indian CultureAt the beginning of the present 28th Chaturyug of 7th Manvantar, Caspian Sea isolated to form a lake like large water body. Offsprings of great sage Kashyap and Aditi,daughter of Daksh Prajapati thrived along the banks of this water body. Their son Vivaswan continued the lineage with Shraddhdev(Manu) ,Ila, Aayu, Nahusha and Yayati.Vedic- Saraswati Culture in Central Part of Bharat- VarshThe Great Saras...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   1:19pm 23 Jun 2017
Author माधवी रंजना at DAANA PAANI...
बेंगलुरु के कनकपुरा रोड पर है आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी का आश्रम। इस बार के बेंगलुरु यात्रा में हमारी इच्छा श्री श्री के आश्रम में जाने की थी। तो संयोग ऐसा बना कि हिंदू नववर्ष यानी युगादि हमने यहां मनाया। बेंगलुरु पहुंचने पर हम उत्तरहाली के पास गुबलाला म...
clicks 18 View   Vote 0 Vote   1:00pm 23 Jun 2017
Author वीर विनोद छाबड़ा at Yaadein...
- वीर विनोद छाबड़ापति-पत्नी के मध्य सुबह-सुबह की बहस। एक पत्रिका में पढ़ी। पसंद आई। रोचक बनाने के लिए थोड़ा तड़का लगा कर पेश कर रहा हूं।पति तैयार हो कर मॉर्निंग वॉक पर निकलने को था।   पत्नी ने आदतन पूछा - जनाब, सुबह- सुबह कहां चल दिए?पति सहज भाव से बोला - वही डेली का रूटीन, मॉर...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   12:55pm 23 Jun 2017
Author डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
सावन सूखा बीत न जाये।नभ की गागर रीत न जाये।।कृषक-श्रमिक भी थे चिन्ताकुल।धान बिना बारिश थे व्याकुल।। रूठ न जाये कहीं विधाता।डर था सबको यही सताता।।लेकिन बादल है घिर आया। घटाटोप अंधियारा छाया।। अम्बुआझार चली पुरवायी।शायद बारिस की रुत आयी।।बिजली कड़की, बादल गर...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   5:33am 23 Jun 2017
Author साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- सुनीता काम्बोज जन्म : 10 अगस्त 1977 ब्याना , जिला -करनाल (हरियाणा) भारत । विधा : ग़ज़ल , छंद ,गीत,हाइकु ,बाल गीत ,भजन एवं हरयाणवी भाषा में ग़ज़ल व गीत । शिक्षा : हिन्दी और इतिहास में परास्नातक । प्रकाशन :अनभूति काव्य संग्रह ब्लॉग : मन के मोती । पत्र पत्रिकाओं व ब्लॉ...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   12:00am 23 Jun 2017
Author Hemant Kumar at Fulbagiya...
दृश्य –2  (मंच पर पार्क का दृश्य।शाम का झुटपुटा।एक कोने में लड़का-1,लड़का-2,लड़की-1और कुछ दूसरे  बच्चे खेलते दिखाई पड़ रहे हैं।कुछ बड़े लोग एक किनारे खड़े कसरत कर रहे।पार्क के एक तरफ से काली,रामू ,दीनू,मल्लिका और सलमा आते हैं।सब खेल रहे बच्चों के पास जाकर कुछ देर उनका खेल देखते...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   11:27pm 22 Jun 2017
Author Sanjay Grover at सरल की डायरी Sa...
एक चुटकी  ुतियापा-1स्त्रियों का मैं बहुत सम्मान करता हूं।मैं हर स्त्री का सम्मान करता हूं।आजकल ऐसे नारे घर-घर में चल निकले हैं। हो सकता है कई लोग करते भी हों। सुबह उठकर मां-बहिनों-पत्नियों का सम्मान करते हों-अरे, तुम अभी तक उठी नहीं ? बताओ, पहले ही देर हो चुकी है, सम्मान क...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   11:11pm 22 Jun 2017
Author shikha kaushik at भारतीय नारी...
मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की"की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी पहली बुक कविताओ और कहानीओ का अनुपम संकलन है|http://www.bookstore.onlinegatha.com/bookdetail/450/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80.......htmlआप सभी इसे ऑनलाइन गाथा (Onl...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   5:28pm 22 Jun 2017
Author Gagan Sharma at कुछ अलग सा...
शूर्पणखा ने कालकेय दानव से विवाह किया था।  (उसी कालकेय जाति को "बाहुबली फिल्म"के पहले भाग में विस्तृत रूप में तथा दूसरे भाग में कुछ देर के लिए दर्शाया गया है) अपने पति के वध का पूरा सत्य जाने बिना ही उसने अपने भाई-भतीजों के साथ-साथ पूरी राक्षस जाति को उसके अंत तक पहुं...
clicks 14 View   Vote 0 Vote   3:24pm 22 Jun 2017
Author अपर्णा त्रिपाठी at palash "पलाश"...
मै तो मुसाफिर हूँ, रास्ते घर हैं घर मेरामुझे बसने के लिये, दीवार नही उठानी हैमेरे दोस्त कुछ फूल भी है, कुछ कांटे भी मेरी जिन्दगी अखबार नही, बहता पानी हैरात से दिन कब हुआ है, चांद के जाने सेयहाँ अंधेरा भी, कुछ महलो की निशानी हैबहुत हो रहे हैं चर्चे, गांव में तरक्कियों के  फ...
clicks 13 View   Vote 0 Vote   9:40am 22 Jun 2017
Author डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
मित्रों! गुरुवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- कोई दरमान नहीं मिलता  kuchlamhe पर seema gupta  -- कविता   "छोटे पुत्र विनीत का जन्मदिन"   उच्चारण  -- योग दिवस  उठना जल्दी जागना ,रहना अगर निरोग।  करते रहना रोज ही ,योग ...
clicks 12 View   Vote 0 Vote   4:00am 22 Jun 2017
Author डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at सृजन मंच ऑनला...
मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की"की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी पहली बुक कविताओ और कहानीओ का अनुपम संकलन है|http://www.bookstore.onlinegatha.com/bookdetail/450/%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80.......htmlआप सभी इसे ऑनलाइन गाथा (Onl...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   9:17pm 21 Jun 2017
Author rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   स्पष्ट प्रतीत हो रहा था कि अपने दो बेटों को एक के बाद एक वायु-यानों और हवाई-अड्डों से ले चलने के कारण माता-पिता थके हुए थे; और अब उनकी इस अन्तिम उड़ान में विलंब हो रहा था। मैं देख रहा था कि वे दोनों छोटे बेटे काफी सक्रीय थे, और उड़ान के लिए वायु-यान में चढ़ने जाने से पहले वा...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   8:45pm 21 Jun 2017
Author वन्दना गुप्ता at ज़िन्दगी…एक ...
जाने कैसे चलते चलते किसी को कोई यूं ही मिल जाया करता है ...यहाँ तो उम्र के सिरे हाथ से छूटते रहे मगर किसी गुनगुनी धूप का कोई साया भी न पसरा किसी कोने में ...जाने कौन से लोग थे जिन्हें तुम और मैं दो रूपक मिले यहाँ तो सिर्फ उम्र से ही बावस्ता रहे ...कि किरच किरच चटखती है अक्सर रूह...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   4:49pm 21 Jun 2017
Author Mayank bhatt at Dil Ki Kitaab ( दिल की ...
Click on the link to Read Shayari – दिल का कब्रिस्तान .. (Graveyard of Heart) For More Hindi Shayari, Urdu Shayari- उसे याद किया…. (Use Yaad Kiya…) शायर का इज़हार… (Shayar ka Izhaar…) वो गिरती बूंद मोती की… ( Vo Girti Boond Moti Ki…) #567. उसकी बेवफाई…( Uski Bewafai…) #354. पलकें ख़ुशी और गम में भीगी थीं।। #338. साहब ये लोकतंत्र है।। #561. लड़की हो, पर्दे में रहना सीखो… Doston Dil Ki Kitaab अब WordPress.com से ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   3:39pm 21 Jun 2017
Author Sanjay Grover at नास्तिक The Atheist...
एक बार मैंने फ़्लैट बेचने के लिए अख़बार में विज्ञापन दे दिया, बाद में उसे 4-5 बार रिपीट भी करवा दिया। एक सज्जन (लिखते समय थोड़ा शिल्प-शैली का ध्यान रखना पड़ता है वरना ‘श्रेष्ठजन’ उखड़ जाते हैं:-) जो प्रॉपर्टी का काम करते थे, मेरे पास चले आए कि हमारे होते अख़बार में विज्ञापन क्यो...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   2:53pm 21 Jun 2017
Author Rajesh Tripathi at Kalam Ka Sipahi / a blog by Rajesh ...
सुनिए मेरा गीत- प्यारा सा वह गांव                     ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   12:19pm 21 Jun 2017
Author सरिता भाटिया at गुज़ारिश ...
उठना जल्दी जागना ,रहना अगर निरोग।करते रहना रोज ही ,योग योग तुम योग।।भारत ने जो दे दिया ,सकल विश्व को योग।अब पीछे चलने लगे, दुनिया भर के लोग।।सुबह शाम करते अगर, नित्य लग्न से योग।रहते हैं तब स्वस्थ हम , दूर भागते रोग।।अपनाओ अब योग को, सब जन देश विदेश।होगा नव निर्माण औ,सुधरे...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   10:26am 21 Jun 2017
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