Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
सात सुरों के योग से, बन जाता है संगीत।योग हमारी सभ्यता, योग हमारी रीत।१।अगर चाहते आप हो, पास न आये रोग।रोज सुबह कर लीजिए, ध्यान लगा कर योग।।मत-मज़हब का है नहीं, जिससे कुछ अनुबन्ध।रखना ऐसे योग से, जीवन भर सम्बन्ध।।मधुर कण्ठ से ही सदा, अच्छा लगता गीत।योग हमारी सभ्यता, योग...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   8:16am 20 Jun 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
सुधि पाठकों! बुधवार की चर्चा में  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। राधा तिवारी (राधे गोपाल) -- दोहे   "क्या होता है प्यार"   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  उच्चारण  -- दोहे  "रावण की ससुराल" जोधपुर (राजस्थान)  राधा तिवारी "राधेगोपाल" RADHA TIWARI at राधे का संसार  -- बनावटें हुज़ूर ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   3:30am 20 Jun 2018
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      सातवें महीने के पहले दिन, 444 ईसा पूर्व, जब सूर्योदय हुआ, तब एज्रा ने मूसा द्वारा परमेश्वर से प्राप्त हुई व्यवस्था की पुस्तक को, जो आज हमारे पास परमेश्वर के वचन बाइबल की पहली पाँच पुस्तकों के रूप में विद्यमान है, यरूशलेम के लोगों के सामने एक मंच पर खड़े होकर पढ़ना ...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   8:45pm 19 Jun 2018
Blogger: S.M.MAasum at हमारा जौनपुर ...
मात पिता से सीखी संस्कृतिसीधा सरल सुहाया मुझको !लाल बहादुर -गाँधी जैसे कितने सारेखोज -खोज आदर्श बनाया !!—————————————ईमां -धन -की गठरी बांधेलिए पोटली निकल पड़ाजीवन पथ दुर्गम इतना थाचोर उचक्के ठग ही मिलतेमाया मोह लालसा दे- देदोस्त बनो -या -आ-कह देते——————————पोटली उन्ह...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   8:01pm 19 Jun 2018
Blogger: अर्चना तिवारी at कुछ लम्हे दिल...
भीड़भीड़ की न कोई चेतना होती हैन ही कोई विचारभीड़ बस भीड़ होती हैभीड़ एक ही समय में दो जगह होती हैभीड़ पक्ष में होती हैभीड़ विपक्ष में होती हैभीड़ किसी की नहीं होतीभीड़ बस भीड़ होती हैभीड़ एक पल में प्रतिष्ठित करती हैभीड़ एक पल में धूल-धूसरित करती हैभीड़ बस भीड़ होती ह...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   4:39pm 19 Jun 2018
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी at palash "पलाश"...
जाने कब कैसे बदलेअपने, रिश्तेदारों मेंप्यार मोहब्बत बदल गयादेखो कैसे व्यवहारों मेंछोटी छोटी बातों परजिनसे कल तक लडते थेमार पीट झगडे करके भीसंग घूमते खाते खेलते थेजीवन चक्र कुछ यूं घूमाहम आ बैठे नातेदारों मेंप्यार मोहब्बत बदल गयादेखो कैसे व्यवहारों मेंझूठ मूठ के ...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   3:42pm 19 Jun 2018
Blogger: माधवी रंजना at DAANA PAANI...
पटियाला पेग और सोनू के कुलचेपटियाला पेग देश भर में प्रसिद्ध है। पर जैसे पंजाब का शहर अमृतसर अपने शहर नाम पर कई तरह के व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है उसी तरह पटियाला की भी अपनी पहचान है। खास तौर पर स्ट्रीट फूड के मामले में बड़ा समृद्ध शहर है। कुलचे तो आपने खूब खाए होंगे पर प...
clicks 15 View   Vote 0 Vote   1:00pm 19 Jun 2018
Blogger: Amit Mishra at Amit Mishra...
पिछला भाग पढ़ने के लिये इस लिंक पर:https://poetmishraji.blogspot.com/2018/03/blog-post_24.html सुनी मैंने तुम्हारी चाय और वो बातें...हाँ  मुझे  तो  सब  कुछ  याद हैवो  चाय  और  अपनी  वो  सारी  बातेंपर शायद तुम कुछ भूल रहे होचाय के बहाने अपनी हसीन मुलाकातें...कैसे  भूल  सकती  हूँ   उन  पल...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   11:10am 19 Jun 2018
Blogger: Bal Sajag at बाल सजग...
"साल बेहाल " जनवरी में हम सर्दी झेले ,फरवरी में हम शाम को खेले | परीक्षाएं हैं अपनी मार्च में, अप्रैल में परिणाम है | मई है लू का महीना, पूरा जून आया पसीना | जुलाई में थोड़ा बूँदा बांदी,  अगस्त का दिन है आज़ादी | सितम्बर है शिक्षक दिवस का,  अक्टूबर में वध किया र...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   7:36am 19 Jun 2018
Blogger: Krishna Kumar Yadav at डाकिया डाक ला...
अपने देश के प्रति आपके मन में कई खूबसूरत विचार उमड़ते होंगे। अब इन मनोभावों को आप खत के रूप में कागज पर भी लिख सकते हैं।  डाक विभाग की "ढाई आखर "राष्ट्रीय स्तर पत्र लेखन प्रतियोगिता के तहत "मेरे देश के नाम ख़त"लिखिए और  यदि आपका पत्र चुना गया तो पाँच हजार से पचास हजार रूपय...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   8:04pm 18 Jun 2018
Blogger: सु-मन (Suman Kapoor) at बावरा मन...
तमाम खुशियों के बावजूद गम हरा है अभीजिंदगी की सूखी सतह पर नमी बाकी है शायद ।।सु-मन ...
clicks 11 View   Vote 0 Vote   3:20pm 18 Jun 2018
Blogger: pashchimi ujala at pashchimiujala...
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clicks 9 View   Vote 0 Vote   12:13pm 18 Jun 2018
Blogger: रश्मि at रूप-अरूप...
सि‍न्‍धु का मोह मन में लि‍ए सीधे पहुँचे हॉल ऑफ फेम । यह शहर से 4 कि‍लोमीटर की दूरी पर है। पर्यटक यहां सुबह नौ से शाम के सात बजे तक जा सकते हैं। दोपहर मे एक से दो तक बंद रहता है। लद्दाख में भारतीय सेना की वीरता व कुर्बानियों का इतिहास समेटने वाले हॉल ऑफ फेम को एशि...
clicks 11 View   Vote 0 Vote   11:58am 18 Jun 2018
Blogger: Asha News at Jhabua Hindi News, Live News Jhabua...
झाबुआ। आमतौर पर यह माना जाता है की अगर मोबाइल गुम हो गया है तो पुलिस कुछ ख़ास मदद नहीं करती इस वजह से लोग पुलिस के पास शिकायत ले कर नहीं जाते। लेकिन झाबुआ पुलिस ने गुम हुए 27 महंगे मोबाइल न सिर्फ खोज निकाले बल्कि उनके मालिकों को बुला कर वापस भी किए हैं। पुलिस के साइबर सेल ...
clicks 12 View   Vote 0 Vote   11:36am 18 Jun 2018
Blogger: Dr T S Daral at अंतर्मंथन...
हमारे देश की सबसे बड़ी और जन्मदाता समस्या है जनसँख्या। १३० + करोड़ की जनसँख्या में जिस तरह निरंतर वृद्धि हो रही है, उससे यह निश्चित लगता है कि अगले ५ वर्षों में हम चीन को पछाड़ कर विश्व के नंबर एक देश हो जायेंगे। लेकिन जिस तरह के हालात हमारे देश में हैं, उससे बढ़ती जनसँख्या अन...
clicks 15 View   Vote 0 Vote   10:25am 18 Jun 2018
Blogger: दिगम्बर नासवा at स्वप्न मेरे ......
सूरज खिला तो धूप के साए मचल गए कुछ बर्फ के पहाड़ भी झट-पट पिघल गए तहजीब मिट गयी है नया दौर आ गया इन आँधियों के रुख तो कभी के बदल गए जोशो जुनून साथ था किस्मत अटक गई हम साहिलों के पास ही आ कर फिसल गए झूठे परों के साथ कहाँ तक उड़ोगे तुम मंज़िल अभी है दूर ये सूरज भी ढल गए निकले तो कितन...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   8:38am 18 Jun 2018
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- राजीव रंजन प्रसाद राजीव रंजन प्रसाद ने स्नात्कोत्तर (भूविज्ञान), एम.टेक (सुदूर संवेदन), पर्यावरण प्रबन्धन एवं सतत विकास में स्नात्कोत्तर डिप्लोमा की डिग्रियाँ हासिल की हैं। वर्तमान में वे एनएचडीसी की इन्दिरासागर परियोजना में प्रबन्धक (पर्यवरण) के पद...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   12:00am 18 Jun 2018
Blogger: sandhya arya at हमसफ़र शब्द...
आजबंजरजमीनकीघासेपीलीथीधरतीसूखी, पररातेंकालीनहीथीउसनेबचपनसेहीतारोंकेआसपासजीनेकीआदतडालरखीथीहलांकिबचपनमेसुबह,फ़ूलोकीखुशबूसेहोतीथीजोमांको पूजाकेलियेचाहियेहोताथाऔरशाम, पापाकेआनेकेइन्तजारमेखुबसूरतहोजातीथीपापाशांतसमन्दरकीतरहरिश्तोकीशीतलताकोअ...
clicks 12 View   Vote 0 Vote   9:45pm 17 Jun 2018
Blogger: Randhir Singh Suman at लो क सं घ र्ष !...
 काबूल में इस्लाम का इस्तेमाल करने की कहानीसाम्राज्यवादी अंग्रेज़ों को न तो मुसलमानों से कोई मुहब्बत थी, न हिन्दुओं से कोई नफ़रत। उनको तो बस अपने सियासी और आर्थिक लाभ से मतलब था।ब्रिटिश इण्डिया में अंग्रेज़ों का फ़ायदा मुस्लिम लीग को बढ़ावा देने में था, इसलिये उन्होंन...
clicks 7 View   Vote 0 Vote   7:58pm 17 Jun 2018
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