मेरे गीत !

आजादी का नाम कन्हैया जीतेगा -सतीश सक्सेना

घर घर से आवाज कन्हैया जीतेगा !कौओं में परवाज़ ,कन्हैया जीतेगा !बुलेट ट्रेन,स्मार्ट सिटी के झांसों में फंदे काट तमाम,कन्हैया जीतेगा !नहले दहले, अंतिम  ठठ...
clicks 24  Vote 0 Vote  2:11pm 12 Apr 2019

आदत भोजन की -सतीश सक्सेना

आज चौथा दिन है पारंपरिक भोजन का त्याग किये , रोटी , दाल , चावल, सब्जियां बंद किये हुए , और आश्चर्य है कि मन एक बार भी नहीं ललचाया और न भूख लगी न कमजोरी ...शायद इसल...
clicks 10  Vote 0 Vote  6:39pm 9 Apr 2019

मिट्ठी का स्वागत है अपने घर में , ढेरों प्यार से -सतीश सक्सेना

अंततः इंतज़ार समाप्त हुआ , विधि, गौरव की पुत्री मिट्ठी ने, आज (3April) म्युनिक, जर्मनी में जन्म लिया और मुझे बाबा कहने वाली इस संसार में आ गयी !मिट्ठी का स्वागत है ...
clicks 6  Vote 0 Vote  1:14pm 4 Apr 2019

निरंकुश मीडिया बर्बाद कर देगा इस शानदार देश को,समाज को -सतीश सक्सेना

आजकल एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक वृद्ध मां को उसका बेटा निर्दयता पूर्वक जमीन पर घसीटता हुआ ट्रेक्टर के आगे ले जा रहा है ताकि उसे कुचल कर मार सके और ...
clicks 9  Vote 0 Vote  9:05am 28 Feb 2019

६५ वर्ष में फ़िटनेस उम्र 52 वर्ष -सतीश सक्सेना

जीपीएस वाच मेरी एक्टिविटी रिकॉर्ड करती है , उसके एप्प टॉमटॉम स्पोर्ट्स के अनुसार 65 वर्ष की उम्र में, मेरी फ़िटनेस ऐज 52 वर्ष है जबकि पिछले वर्ष फिटनेस ऐज 47 वर...
clicks 11  Vote 0 Vote  9:25am 26 Feb 2019

अनमोल जीवन के प्रति लापरवाही, पछताने का मौक़ा भी नहीं देगी -सतीश सक्सेना

बिना पूर्व तैयारी लम्बे रन दौड़ने का प्रयत्न करना, सिर्फ जोश में, बचकाना पन ही कहलायेगा , मानव देह को धीरे धीरे किसी भी योग्य बनाया जा सकता है वह हर स्थिति क...
clicks 7  Vote 0 Vote  11:03am 19 Feb 2019

तू अमरलता, निष्ठुर कितनी -सतीश सक्सेना

वह दिन भूलीं कृशकाय बदन,अतृप्त भूख से , व्याकुल हो,  आयीं थीं , भूखी, प्यासी सी इक दिन इस द्वारे आकुल हो जिस दिन से तेरे पाँव पड़े  दुर्भाग्य य...
clicks 10  Vote 0 Vote  3:44pm 7 Feb 2019

हे प्रभु ! मेरे देश में ढोरों से बदतर, लोग क्यों - सतीश सक्सेना

हे प्रभु ! इस देश में इतने निरक्षर , ढोर क्यों ?जाहिलों को मुग्ध करने यह निरंतर शोर क्यों !अनपढ़ गंवारू जान वे मजमा लगाने आ गए ये धूर्त, मेरे देश में , इतने ...
clicks 16  Vote 0 Vote  10:48am 16 Jan 2019

अब एक जमुना नाम का नाला है , मेरे शहर में -सतीश सक्सेना

खांसते दम ,फूलता है जैसे लगती जान जाए अस्थमा झकझोरता है, रात भर हम सो न पाएधुआं पहले खूब था अब  यह धुआं गन्दी हवा में समय से पहले ही मारें,चला दम घ...
clicks 50  Vote 0 Vote  2:25pm 5 Jan 2019

घर में बिन बुलाया मेहमान अलेक्ज़ेन्ड्रियान पैराकीट -सतीश सक्सेना

विश्व में हमारे अलावा अन्य कितने ही जीव हैं , जो हमारी तरह सांस लेते हैं, सोते हैं, जागते हैं, भोजन करते हैं , बात करते हैं, चलते हैं,उड़ते हैं मगर बहुत कम इंसान...
clicks 61  Vote 0 Vote  11:43am 19 Dec 2018
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