उच्चारण

मुक्तकगीत "बैरियों को कब्र में दफन होना चाहिए" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

-१-घण्टे-घड़ियाल, ताल-खड़ताल लेके अब,भारत माँ का कीर्तन-भजन होना चाहिए।देश की सीमाओँ को बचाने के लिए तो आज,तन-मन प्राण का हवन होना चाहिए।-२-शासकों को सीधी ...
clicks 11  Vote 0 Vote  4:00am 20 Apr 2019

दोहे "बलशाली-हनुमान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हनुमान जयन्ती कीसभी भक्तों और पाठकों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।धीर-वीर, रक्षक प्रबल, बलशाली-हनुमान।जिनके हृदय-अलिन्द में, रचे-बसे श्रीराम।।--महासिन्धु ...
clicks 20  Vote 0 Vote  6:30am 19 Apr 2019

दोहे "ईवीएम में बन्द" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हुआ दूसरे चरण का, जगह-जगह मतदान।सब अपनी ही जीत का, लगा रहे अनुमान।।किसको मिले विषाद अब, मिले किसे आनन्द।क्या होगा परिणाम सब, ईवीएम में बन्द।।आ जायेगा सामन...
clicks 15  Vote 0 Vote  4:12pm 18 Apr 2019

विविध दोहे "धड़कन बिना शरीर" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

बचा न कोई काल से, राजा-रंक फकीर।मिट्टी का है लोथड़ा, धड़कन बिना शरीर।।सच्चे जियें अभाव में, झूठे बनें वजीर।दर-दर भटकें देश में, ज्ञानी सन्त कबीर।।कोई धन क...
clicks 15  Vote 0 Vote  12:08pm 17 Apr 2019

समीक्षा "कोशिश तीन मिसरी शायरी (तिरोहे)" (समीक्षक-डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

 कोशिशतीन मिसरी शायरी (तिरोहे)     काफी दिनों से डॉ. सत्येन्द्र गुप्ता की तीन मिसरी शायरी (तिरोहे)की नई विधा पर प्रकाशित कृति “कोशिश”मेरे पास समी...
clicks 17  Vote 0 Vote  11:14am 16 Apr 2019

"गौरैया ने घर बनाया" (समीक्षक-डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

आसान नहीं है बाल साहित्य को रचना      कई दिनों पूर्व मुझे डाक से जय सिंह आशावत जी की बालकृति "गौरैया ने घर बनाया"प्राप्त हुई। जो मुझे बहुत अच्छी लग...
clicks 18  Vote 0 Vote  7:00am 15 Apr 2019

"मित्र अलबेला खत्री की 5वीं पुण्य तिथि पर"

आज मेरे मित्रअलबेला खत्री जी की5वीं पुण्यतिथि है।उनको शत्-शत् नमन करते हुए-सूखे हुए छुहारे, किसको लुभायेंगे अब?अपने नये तराने, किसको सुनायेंगे अब?हास्...
clicks 22  Vote 0 Vote  12:39pm 14 Apr 2019

दोहे "भीम राव अम्बेदकर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')

निर्बल-शोषित वर्ग पर, किया बहुत उपकार।भीम राव अम्बेदकर, नमन तुम्हें शत् बार।।पढ़ने-लिखने का रहा, मन में रहा जुनून।भारत को तुमने दिया, उपयोगी कानून।।न...
clicks 25  Vote 0 Vote  8:24am 14 Apr 2019

वन्दना "दुर्गा माता" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')

तुमको सच्चे मन से ध्याता।दया करो हे दुर्गा माता।।व्रत-पूजन में दीप-धूप हैं,नवदुर्गा के नवम् रूप हैं,मैं देवी का हूँ उद् गाता।दया करो हे दुर्गा माता।। प...
clicks 6  Vote 0 Vote  8:38am 13 Apr 2019

गीत "बैशाखी की धूम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

खेतों में बिरुओं पर जब, बालियाँ सुहानी आती हैं।जनमानस के अन्तस में तब, आशाएँ मुस्काती हैं।।सोंधी-सोंधी महक उड़ रही, गाँवों के गलियारों में,खुशियों की भर...
clicks 2  Vote 0 Vote  7:13am 12 Apr 2019
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