मन का पंछी

जिंदगी तेरा मेरा रिश्ता बड़ा अजीब है

(फोटो गूगल से साभार)जिंदगी तेरा मेरा रिश्ता बड़ा अजीब हैकभी तुम मुझे देख कर हँसती  हो तो कभी मैं तुम्हें देख कर हँसता हूँ संग संग तुम्हारे चलना बड़ा अन...
clicks 23  Vote 0 Vote  5:34pm 15 Jan 2019

निमिया के डाढ़ी मैया

(फोटो गूगल से साभार)निमिया के डाढ़ी मैया एक प्रचलित माता गीत है बिहार, उत्तरप्रदेश आदि क्षेत्रों में।  इस गीत का लिरिक्स (बोल)  ढूंढ रहा था इंटरनेट पे हि...
clicks 14  Vote 0 Vote  4:28pm 12 Oct 2018

खुली किताब

(फोटो गूगल से साभार)मैं एक खुली किताबजिसने भी मुझे पढ़ामुझे भिगोता गया अपने आँसूओं से जिस वजह से मेरे शब्द धुंधले हो गए हैं मुझे पढ़ने में अबलोगों ...
clicks 68  Vote 0 Vote  4:35pm 10 Oct 2018

जरा तबियत से उसे गले लगाता चलूँ

(फोटो गूगल से साभार)चलो दो चार किस्से बतियाता चलूँजिंदगी को गुनगुनाता चलूँ तबियत में उतार चढ़ाव लाजिमी है जरा तबियत से उसे गले लगाता चलूँ हसरतें कई ...
clicks 77  Vote 0 Vote  2:54pm 5 Dec 2017

जमाना जिसके लिए आज मूक बधिर है

(फोटो गूगल से साभार)हाथ में एक तस्वीर हैचेहरे पर जिसके आरी तिरछी लकीर है गड्ढे हैं आँखों के नीचेउन गड्ढों में तैरता कोई छंद है आँखों से निकल कर ए...
clicks 39  Vote 0 Vote  3:29pm 28 Aug 2017

जाग उठा अंदर का मौसम, अब तक था जो अँखियाँ मूंदे

(फोटो गूगल से साभार) लगा सुनाने बारिश का पानीभीत छुपी थी कोई कहानीबहने लगा है संग संग जिसकेयादें जो हो चुकी पुरानीछप्पक छईं पानी में उतरा कोई  लौट आई फ...
clicks 77  Vote 0 Vote  3:45pm 4 Aug 2017

टूट कर गिर जाएगा आसमां यह किसने कह दिया

(फोटो गूगल से साभार)कुछ लोग बिहार को बहुत ही निम्न दृष्टि से देखते हैं और गाहे बगाहे कुछ ऐसे बयान दे जाते हैं जो काफी दुखदायी होता है।  आज बिहार की वर्तमा...
clicks 62  Vote 0 Vote  2:11pm 29 Sep 2016

मन श्रावणी हो उठा है जाग उठा फिर वृंदावन

(फोटो गूगल से साभार)आँख मिचौली करता बादलप्रिये, खेल रहा तेरी आँखों में अभी अभी बरसा है सावन लिपट सिमट तेरी बाहों मेंदिन रात किनारे बैठे दोनों, देख रह...
clicks 62  Vote 0 Vote  3:20pm 19 Jul 2016

पहला और दूसरा

पहला शांत है पर चेतन है दूसरा अशांत हैउद्वेलित है कोशिश कर रहा  दूसरा  पहले को परेशान करने की पर पहले को गुस्सा नहीं प्यार आ रहा  दूसरे प...
clicks 98  Vote 0 Vote  10:50am 20 May 2016

राह दिखाएँ खुद को

(फोटो गूगल से साभार)तमस में घिरते व्याकुल मन को देख रहीं अदृश्य निगाहें (मन की)दीपक लेकर चलता कोई पर नहीं खुलती हैं बंद निगाहें सृजन और विध्वंस&...
clicks 70  Vote 0 Vote  7:28pm 26 Dec 2015
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