लम्हों का सफ़र

552. मुल्कों की यही रीत है...

मुल्कों की यही रीत है...  *******  कैसा अजब सियासी खेल है, होती मात न जीत है  नफ़रत का कारोबार करना, हर मुल्कों की रीत है!  मज़हब व भूख़ पर, टिका हुआ सारा दारोमद...
clicks 24  Vote 0 Vote  11:15pm 17 Jul 2017

552. मुल्कों की रीत है...

मुल्कों की रीत है...  ******* कैसा अजब सियासी खेल है, होती मात न जीत है नफ़रत का कारोबार करना, हर मुल्कों की रीत है! मज़हब व भूख़ पर, टिका हुआ सारा दारोमदार है गैरो...
clicks 6  Vote 0 Vote  11:15pm 17 Jul 2017

551. उदासी...

उदासी...  *******  ज़बरन प्रेम ज़बरन रिश्ते  ज़बरन साँसों की आवाजाही  काश! कोई ज़बरन उदासी भी छीन ले!  - जेन्नी शबनम (7. 7. 2017)  _______________________________...
clicks 19  Vote 0 Vote  7:36pm 7 Jul 2017

550. ज़िद (क्षणिका)

ज़िद...  *******  एक मासूम सी ज़िद है -  सूरज तुम छुप जाओ  चाँद तुम जागते रहना  मेरे सपनों को आज  ज़मीं पर है उतरना!  - जेन्नी शबनम (1. 7. 2017)_________________________ ...
clicks 25  Vote 0 Vote  11:11pm 1 Jul 2017

549. धरा बनी अलाव (गर्मी के 10 हाइकु)

धरा बनी अलाव  (गर्मी के 10 हाइकु)  *******  1.  दोषी है कौन?  धरा बनी अलाव,  हमारा कर्म!  2.  आग उगल  रवि गर्व से बोला -  सब झुलसो!  3.  रोते थे वृक्ष -  'मत ...
clicks 23  Vote 0 Vote  2:49pm 30 Jun 2017

548. फ़ौजी-किसान (19 हाइकु)

फ़ौजी-किसान  (19 हाइकु)  *******  1.  कर्म पे डटा  कभी नहीं थकता  फ़ौजी-किसान!  2.  किसान हारे  ख़ुदकुशी करते,  बेबस सारे!  3.  सत्ता बेशर्म  राजनीति ...
clicks 28  Vote 0 Vote  8:21am 25 Jun 2017

547. मर गई गुड़िया...

मर गई गुड़िया...  *******  गुड़ियों के साथ खेलती थी गुड़िया  ता-ता थइया नाचती थी गुड़िया  ता ले ग म, ता ले ग म गाती थी गुड़िया  क ख ग घ पढ़ती थी गुड़िया  तित...
clicks 33  Vote 0 Vote  3:01pm 1 Jun 2017

546. तहज़ीब...

तहज़ीब...*******  तहज़ीब सीखते-सीखते  तमीज़ से हँसने का शऊर आ गया  तमीज़ से रोने का हुनर आ गया  नहीं आया तो  तहज़ीब और तमीज़ से  ज़िन्दगी जीना न आया।  - ज...
clicks 20  Vote 0 Vote  9:07pm 13 May 2017

545. हमारी माटी (गाँव पर 20 हाइकु)

हमारी माटी  (गाँव पर 20 हाइकु)  *******  1.  किरणें आई  खेतों को यूँ जगाए  जैसे हो माई।  2.  सूरज जागा  पेड़ पौधे मुस्काए  खिलखिलाए।  3.  झुलसा खेत  ...
clicks 37  Vote 0 Vote  11:01pm 11 May 2017

544. सुख-दुःख जुटाया है...

सुख-दुःख जुटाया है...*******तिनका-तिनका जोड़कर  सुख-दुःख जुटाया है  सुख कभी-कभी झाँककर  अपने होने का एहसास कराता है  दुःख सोचता है  कभी तो मैं भूलूँ उस...
clicks 52  Vote 0 Vote  11:25pm 24 Apr 2017
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