लम्हों का सफ़र

605. बसन्त (क्षणिका)

बसन्त   *******   मेरा जीवन मेरा बंधु   फिर भी निभ नहीं पाता बंधुत्व   किसकी चाकरी करता नित दिन   छुट गया मेरा निजत्व   आस उल्लास दोनों बिछुड़...
clicks 15  Vote 0 Vote  10:10pm 12 Feb 2019

604. काला जादू

काला जादू...   *******   जब भी, दिल खोल कर हँसती हूँ   जब भी, दिल खोल कर जीती हूँ   जब भी, मोहब्बत के आगोश में साँसें भरती हूँ   जब भी, संसार की सुन्दरत...
clicks 20  Vote 0 Vote  2:21pm 2 Feb 2019

603.वक़्त (चोका - 10)

वक़्त (चोका)   *******   वक्त की गति   करती निर्धारित   मन की दशा   हो मन प्रफुल्लित   वक़्त भागता   सूर्य की किरणों-सा   मनमौजी-सा   पकड...
clicks 18  Vote 0 Vote  10:54pm 28 Jan 2019

602. प्रजातंत्र

प्रजातंत्र...   *******   मुझपर इल्जाम है उनकी ही तरह   जो कहते हैं कि   देश के माहौल से डर लगता है   हाँ ! मैं मानती हूँ मुझे भी अब डर लगता है   सि...
clicks 33  Vote 0 Vote  11:19pm 26 Jan 2019

601. फ़रिश्ता (क्षणिका)

फ़रिश्ता      *******   सुनती हूँ कि कोई फ़रिश्ता है   जो सब का हाल जानता है   पर मेरा?   ना-ना मेरा नहीं है वह   मुझे नहीं जानता वह   पर तुम?  &nbs...
clicks 28  Vote 0 Vote  12:15am 20 Jan 2019

600. अंतर्मन (15 क्षणिकाएँ)

अंतर्मन (15 क्षणिकाएँ)   *******   1.   मेरे अंतर्मन में पड़ी हैं   ढेरों अनकही कविताएँ   तुम मिलो कभी   तो फुर्सत में सुनाऊँ तुम्हें।   2.   ...
clicks 41  Vote 0 Vote  11:35pm 9 Jan 2019

599. हे नव वर्ष (नव वर्ष पर 5 हाइकु)

हे नव वर्ष (नव वर्ष पर 5 हाइकु)   *******   1.   हे नव वर्ष   आखिर आ ही गए,   पर जल्दी क्यों?   2.   उम्मीद जगी -   अच्छे दिन आएँगे   नव वर्ष में।...
clicks 30  Vote 0 Vote  10:44pm 8 Jan 2019

598. वृद्ध जीवन (वृद्धावस्था पर 20 हाइकु)

वृद्ध जीवन *******   1.   उम्र की साँझ   बेहद डरावनी   टूटती आस।   2.   अटकी साँस   बुढापे की थकान   मन बेहाल।   3.   वृद्ध की कथा   ...
clicks 33  Vote 0 Vote  12:19am 30 Dec 2018

597. बातें (क्षणिका)

बातें      *******रात के अँधेरे में   मैं ढेरों बातें करती हूँ   जानती हूँ मेरे साथ   तुम कहीं नहीं थे   तुम कभी नहीं थे   पर सोचती रहती हूँ&nbs...
clicks 23  Vote 0 Vote  1:40pm 25 Dec 2018

596. दुःख (दुःख पर 10 हाइकु)

दुःख (10 हाइकु)   *******1.   दुःख का पारासातवें आसमाँ पे   मन झुलसा !   2.   दुःख का लड्डु   रोज-रोज यूँ खाना   बड़ा ही भारी !   3.   दुःख की नदी&nb...
clicks 30  Vote 0 Vote  12:31pm 19 Dec 2018
[ Prev Page ] [ Next Page ]
 
CONTACT US ADVERTISE T&C

Copyright © 2009-2013