क्रिएटिव कोना

प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार और कहानीकार प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी के 90वें जन्मदिवस पर हुआ “बालवाटिका” पत्रिका का लोकार्पण

     प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार और कहानीकार प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी के 90वें जन्मदिवस पर हुआ “बालवाटिका” पत्रिका का लोकार्पण       &nbs...
clicks 90  Vote 0 Vote  6:03pm 12 Mar 2019

पुस्तक समीक्षा---लोक चेतना और टूटते सपनों की कवितायें

पुस्तक समीक्षा      लोक चेतना और टूटते सपनों की कवितायें                                       ...
clicks 89  Vote 0 Vote  10:01pm 7 Feb 2019

लेख-- पहले खुद करें–फ़िर कहें बच्चों से

“पिंकी--सुबह जल्दी उठना है जाकर सो जाओ।”“राजू इतने नजदीक से टी वी मत देखो--आंखें खराब होती हैं।”“मीना सीधे बैठ कर पढ़ो---झुक कर बैठने से कूबड़ निकल आएगा।”“तन...
clicks 165  Vote 0 Vote  11:06pm 4 Oct 2017

संजा पर्व–मालवा संस्कृति का अनोखा त्योहार।

यादोंकाझरोखागीतांजलि गिरवाल       बचपन की कुछ यादो में एक हैंये संजा पर्व।मम्मा, पापा सरकारी नौकरी में थे और हम जहाँ रहते थे वहां गली में और कई परिव...
clicks 105  Vote 0 Vote  9:47pm 19 Sep 2017

घर में बनाएं माहौल कुछ पढ़ने और पढ़ाने का------

          स्कूलों में जाकर अक्सर अभिभावक यह शिकायत करते हैं कि उनके “बच्चे का मन पढ़ाई में लगता ही नहीं है।”या कि “मास्साब आप कैसे पढ़ाते हैं कि इसे कुछ ...
clicks 109  Vote 0 Vote  10:54pm 15 Sep 2017

ठहराव

ठहरावठहरो जरा सुस्ता लोकिसी बूढ़े बरगद की छांव मेंकिसी घनी नीम की छाया मेंकिसी बँसवारी के झुरमुट मेंकिसी कुएं की जगत परया इन सबको छोड़जहां तुम्हें सकून म...
clicks 132  Vote 0 Vote  11:05pm 23 Aug 2017

विश्व फोटोग्राफी दिवस

विश्व फोटोग्राफी दिवस आज विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर मैंने भी सोच लाओ अपने खजाने के अनमोल रत्नों की झाड पोंछ कर उनकी सफाई तो कर ही ली जाय।(वैसे अपने ...
clicks 132  Vote 0 Vote  10:10pm 19 Aug 2017

प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव स्मृति साहित्य प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण

          आज दिनांक 31 जुलाई 2017 को प्रतिष्ठित बालसाहित्यकार श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी की पहली पुण्य तिथि है।उनकी स्मृति में पिछले दिनों प्रतिष...
clicks 154  Vote 0 Vote  9:35pm 31 Jul 2017

सूरज सी हैं तेज बेटियां

                       (यह लेख मैंने आज से लगभग 6 साल पहले लिखा था।इन 6 सालों में देश,समाज,अर्थव्यवस्था सभी कुछ में भारी बदलाव आ चुका है।यहाँ तक की ...
clicks 165  Vote 0 Vote  11:03pm 26 Jul 2017

गीतांजलि गिरवाल की दो कविताएँ

(युवा रंगकर्मी और कवयित्री गीतांजलि गिरवाल की कविताएँ लीक से एकदम अलग हट कर हैं।आज की  नारी के प्रति वो हमेशा चिंतित रहती हैं।नारी के ऊपर सदियों से पुर...
clicks 170  Vote 0 Vote  10:51pm 23 Jul 2017
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