कुछ अलग सा

सबरीमाला अय्यपा मंदिर, कुछ जाने-अनजाने तथ्य

महिष की बहन महिषी ने अपने भाई के वध का देवताओं से बदला लेने की प्रतिज्ञा कर वर प्राप्ति हेतु ब्रह्मा जी की तपस्या करनी शुरू कर दी। उसकी घोर तपस्या ...
clicks 4  Vote 0 Vote  4:50pm 15 Oct 2018

यदि पौराणिक काल में आज जैसी संस्थाएं होतीं तो ?

असली बवाल मचता शूर्पणखा के नाक-कान काटने पर ! सारी गलती राक्षस कुमारी की होने पर भी पहले तो बिना कुछ कहे-सुने सारा दोष राम-लक्ष्मण पर ही मढ़ दिया जाता। ब...
clicks 6  Vote 0 Vote  7:30pm 12 Oct 2018

पृथ्वी शॉ के पहले चौदह भारतीय खिलाड़ी ऐसा कर चुके हैं

करीब 85 साल पहले लाला अमरनाथ ने 1933 में इंग्लैंड के साथ अपना पहला टेस्ट खेलते हुए 118 रन बनाए थे। यह किसी भारतीय द्वारा क्रिकेट में बनाया गया पह...
clicks 4  Vote 0 Vote  2:56pm 5 Oct 2018

जलोटा कहां और शर्मा यहां....! ऐसा क्यों ?

आज हारमोनियम ने पंजाब के एक छोटे से शहर के, एक छोटे से मोहल्ले के, एक छोटे से घर में रहने वाले अपने प्रियजन, पुरषोत्तम दास जलोटा के सुपुत्र अनूप जलोटा क...
clicks 10  Vote 0 Vote  6:17pm 24 Sep 2018

जलोटा कहां और मैं यहां ! ऐसा क्यों ? फिर सोचता हूँ.....

आज हारमोनियम ने पंजाब के एक छोटे से शहर के, एक छोटे से मोहल्ले के, एक छोटे से घर में रहने वाले अपने प्रियजन, पुरषोत्तम दास जलोटा के सुपुत्र अनूप जलोटा क...
clicks 1  Vote 0 Vote  6:17pm 24 Sep 2018

क्रिकेट में हीरो फिल्म में जीरो, एक चिरंतन परंपरा

इतने बड़े-बड़े नामों के सफल ना होने,  फिल्मों की इतनी भद्द पिटने के बावजूद भी, ना खिलाड़ी फ़िल्मी हीरो बनने का मोह छोड़ पा रहे हैं और ना हीं फिल्मकार उनको ल...
clicks 2  Vote 0 Vote  6:16pm 22 Sep 2018

एक मंत्र, जिसके सिद्ध होने पर हनुमान जी आज भी दर्शन देते हैं

हनुमान जी के चिरंजीवी होने के रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए पिदुरु के आदिवासियों की हनु पुस्तिका आजकल " सेतु एशिया" नामक आध्यात्मिक संगठन क...
clicks 2  Vote 0 Vote  6:05pm 19 Sep 2018

महाभारत में अंक "18"की प्रमुखता, संयोग या रहस्य !

महर्षि वेदव्यास जी ने 18 पुराणों की रचना की थी। इस महाग्रंथ में भी 18 अध्याय हैं। श्रीकृष्ण जी ने 18 दिन तक अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया, जिसके भी ...
clicks 16  Vote 0 Vote  11:37am 13 Sep 2018

मंदिरों में प्रवेश-निषेद्ध का कारण

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में फूहड़ता प्रदर्शित करती युवती जैसे लोग अच्छी तरह जानते हैं कि उनके कर्म-कुकर्म के विरोध में यदि हजार आवाजें उठेंग...
clicks 19  Vote 0 Vote  4:35pm 8 Sep 2018

कुछ मंदिरों में प्रवेश निषेध जैसे नियमों का औचित्य

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में फूहड़ता प्रदर्शित करती युवती जैसे लोग अच्छी तरह जानते हैं कि उनके कर्म-कुकर्म के विरोध में यदि हजार आवाजें उठेंग...
clicks 2  Vote 0 Vote  4:35pm 8 Sep 2018
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