कुछ अलग सा

सम्पाती का सूर्य के नजदीक पहुंचना सिर्फ एक गल्प या कपोल कल्पना नहीं है !

सम्पाती और जटायू का यह सूर्य प्रवास कोई भावावेश में, अहम के अतिरेक में या अति उत्साह में उठा लिया गया कदम नहीं था। लाखों-लाख मील की यात्रा का आगाज, ...
clicks 4  Vote 0 Vote  5:15pm 14 Aug 2018

ऊं हूँ ! यह करना नामुमकिन है !

हमारा शरीर एक अजूबा है। चाहे सहनशक्ति हो, तेजी हो या फिर बल-प्रयोग इससे इंसान ने अनेक हैरतंगेज कारनामो को अंजाम दिया है। कइयों ने तो ऐसे-ऐसे करतब किए, दि...
clicks 16  Vote 0 Vote  10:26am 9 Aug 2018

"पिन-बॉलिंग"एक मजेदार खेल

पहले तो इस खेल को खेलने की सुविधा कहीं-कहीं ही होती थी पर आजकल यह आम होता जा रहा है। मुझे गुड़गांव के आम्बिएंस मॉल में तीन-चार बार इसे खेलने का मौका मिला ...
clicks 7  Vote 0 Vote  12:03pm 6 Aug 2018

मेन्यू इंजीनियरिंग ! यह कौन सी बला है भई ?

आज का बाजार इतना चतुर, कुटिल और चंट हो गया है कि वह सदा यह कोशिश करता है कि जो आपको लेना है वह तो आप लें ही ! जो नहीं लेना है या जिसकी जरुरत नहीं है वह भी आप ...
clicks 2  Vote 0 Vote  11:12am 2 Aug 2018

अमिताभ, जिन्होंने सबसे ज्यादा रोग-ग्रस्त पात्रों को अभिनीत किया !

अपने शुरूआती दौर में ही अमिताभ ने  फिल्म ''रेशमा और शेरा"में गूंगे-बहरे का किरदार निभाया। उसके बाद उनकी अनेक ऐसी फिल्में आईं  जिसका मुख्य किरदार ...
clicks 2  Vote 0 Vote  3:00pm 31 Jul 2018

निजाम का स्वर्ण दान ! विवशता या डर ?

अभी पिछले दिनों फिर एक बार 65 के युद्ध के बाद भारत सरकार को हैदराबाद के निजाम द्वारा स्वर्ण दिए जाने की बात चर्चा में रही थी। बात ठीक थी, समय पर देश को आर...
clicks 1  Vote 0 Vote  12:07pm 29 Jul 2018

सोनम वांगचुक, थ्री इडियट्स से मैगसेसे तक

आज अखबार में पुरस्कार मिलने की बात आने पर लोगों को #सोनम_वांगचुक और उनके कार्यों को जानने की उत्सुकता होगी बहुत से लोग पहली बार उनको जानेंगें; पर उनसे ...
clicks 2  Vote 0 Vote  6:17pm 27 Jul 2018

एक था सम्पाती  !

महाकाव्य रामायण में  कुछ अहम पात्र ऐसे भी हैं जिनका कथा में योगदान तो बहुत महत्वपूर्ण है पर उनके बारे में  विस्तृत जानकारी नहीं मिलती।  ऐसा ही एक पात...
clicks 22  Vote 0 Vote  5:28pm 26 Jul 2018

फल (आम) ही नहीं, मिठाई भी लंगड़ी होती है !

राजकुमारी की लैंग्चा खाने की इच्छा उसके मायके कृष्णनगर पहुंचाई गयी ! अब लैंग्चा क्या होता है यह किसी को भी पता नहीं था। वहाँ किसी भी हलवाई को इस तरह की ...
clicks 2  Vote 0 Vote  10:34am 22 Jul 2018

मातृभूमि ! क्यों कहा जाता है ?

मातृभूमि ! ज्यादातर या सरल भाषा में कहा जाए तो जो इंसान जहां जन्म लेता है, वही उसकी मातृभूमि कहलाती है। पर आज दुनिया सिमट सी गयी है। रोजी-रोटी, काम...
clicks 4  Vote 0 Vote  4:40pm 20 Jul 2018
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