मन पाए विश्राम जहाँ

गीत कोई कसमसाता

गीत कोई कसमसाता नील नभ के पार कोई मंद स्वर में गुनगुनाता, रूह की गहराइयों में गीत कोई कसमसाता ! निर्झरों सा कब बहेगा संग ख़ुशबू के उड़ेगा, जंगलों का ...
clicks 6  Vote 0 Vote  1:53pm 25 Jun 2019

योग करो

योग करो ख़ुशी से जीना यदि चाहते शांति हृदय की सदा खोजते तन निरोग बने, यदि मांगते योग करो ! दूर अकेलापन करने को उर का खालीपन भरने को तन की हर पीड़ा हरने ...
clicks 1  Vote 0 Vote  11:11am 22 Jun 2019

कुछ ऐसा है कि

कुछ ऐसा है कि आँखें बाहर देखती हैं मन संसार की सुनता है कान शब्दों में डूबे हैं और वह भीतर बैठा है ! फिर इसमें कैसा आश्चर्य ? हम कभी उससे मिले नहीं... अ...
clicks 28  Vote 0 Vote  9:53am 15 Jun 2019

मन से कुछ बातें

मन से कुछ बातें कितने दिन और यहाँ घूमोगे, गाओगे भटके हो बार-बार कब तक झुठलाओगे ?  एक न एक.. दिन घर तो आओगे ! स्वाद लिए, रूप देखे, सुर, सुवास में रमे कदम थके ...
clicks 7  Vote 0 Vote  10:11am 11 Jun 2019

गंध और सुगंध

गंध और सुगंध जब मन द्वेष के धुंए से भर जाये या भीतर कोई चाह जगे अपने को खोजने की थोड़ी कोशिश करें यह गंध कहाँ से आ रही है ? दबी होगी कहीं कोई दुर्वासना कि...
clicks 4  Vote 0 Vote  11:52am 9 Jun 2019

भूटान यात्रा - ४

भूटान यात्रा - ४  पारो में हमारा दूसरा दिन है. सुबह नदी  किनारे टहलने गये. पानी ठंडा था, कुछ देर पानी में पैर रखने से ही सारे शरीर में ठंडक का अहसास होने लग...
clicks 2  Vote 0 Vote  10:44am 8 Jun 2019

कभी ख़ुशी कभी गम

कभी ख़ुशी कभी गम तन जाती हैं शिराएँ जब भी सिर की खो जाता है पल भर को चैन भी मन का जाने कितना गहरा दर्द है या अहंकार भारी बिसर जाती है किन्हीं परिस्थितियो...
clicks 4  Vote 0 Vote  9:54am 6 Jun 2019

भूटान की यात्रा -३

आज चौथे दिन भी सुबह हम जल्दी उठे और प्रातः भ्रमण के लिए गये. होटल से उतरकर निचली सड़क पर दायीं ओर एक इमारत थी, जिसके चारों ओर कुछ महिलाएं हाथ में माला लिए जप क...
clicks 4  Vote 0 Vote  10:00am 5 Jun 2019

अपने आप

अपने आप सुबह आँख खुलते ही झलक जाता है संसार भीतर   कानों में गूँजती है कोयल की कूक हवा का स्पर्श सहला जाता है गाल को आहिस्ता से कोई जान रहा है हर बात को ...
clicks 25  Vote 0 Vote  10:41am 3 Jun 2019

भूटान की यात्रा -२

भूटान की यात्रा -२  भूटान में पर्यटकों का आना १९७४ में आरम्भ हुआ, जब यहाँ के चौथे राजा जिग्मी सिंग्वाई वांगचुक का राज्याभिषेक हुआ था. इन्होने ही देश को ...
clicks 4  Vote 0 Vote  1:50pm 2 Jun 2019
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