SHABD MANCH :Pradeep Bahuguna Darpan

शिक्षा जगत से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए पठनीय पुस्तक...

पुस्तक समीक्षापुस्तक का नाम:  शिक्षा का अधिकार               स्थिति और प्रभाव लेखक :डॉ.सुनील कुमार गौड़ मूल्य: रु.120   पृष्ठ :106 प्...
clicks 20  Vote 0 Vote  7:49pm 9 Oct 2018

ये क्या देखता हूँ

किसी बुरी शै का असर देखता हूं ।जिधर देखता हूं जहर देखता हूं ।।रोशनी तो हो गई अंधेरों में जाकर।अंधेरा ही शामो सहर देखता हूं ।।किसी को किसी की खबर ही नहीं ह...
clicks 49  Vote 0 Vote  9:39pm 2 Aug 2018

खजाना हम भी रखते हैं...

बसाकर दिल में मस्ती का, घराना हम भी रखते हैं।जो दिल में सबके गूँजे वो, तराना हम भी रखते हैं। हम अपने पास में केवल गम ही गम नहीं रखते,लौटाने को तो खुशियों क...
clicks 101  Vote 0 Vote  6:41pm 25 Feb 2018

नव वर्ष पर

वर्ष नूतन आ गया है, प्यार और उल्लास लेकर।आ गया लेकर उमंगें, एक नया अहसास लेकर॥वर्ष नूतन..क्या खो दिया क्या पा लिया , तुम जरा ये सोच लो।वर्ष  आगत  के लिए नव,...
clicks 71  Vote 0 Vote  3:03pm 5 Jan 2018

तो कितना भला होता

न मैं हिन्दू होता ,न तू मुसलमाँ होता ।दरम्यां न फिर हमारे,फिर फासला होता।।न कहीं मंदिर गिरता,न मस्जिद कोई ढहती।न कहीं दंगे ही  होते, न जलजला होता॥न होत...
clicks 91  Vote 0 Vote  6:49pm 12 Nov 2017

साँझ से संवाद

नव निशा की बेला लेकर,साँझ सलोनी जब घर आयी।पूछा मैंने उससे क्यों तू ,यह अँधियारा संग है लायी॥सुंदर प्रकाश था धरा पर,आलोकित थे सब दिग-दिगंत।है प्रकाश विकास ...
clicks 99  Vote 0 Vote  9:32pm 8 Nov 2017

बदलते गाँव

“भारत गांवों का देश है,भारत गाँव में बसता है। - आज से सात दशक पूर्व देश की आजादी के समय यह बात अक्षरश: सत्य थी। इसी आधार पर महात्मा गांधी,बिनोबा भावे,पंडित द...
clicks 70  Vote 0 Vote  12:19pm 4 Nov 2017

विज्ञान की जय

      आज अपने काव्य में,विज्ञान की जय बोलता हूँ,चिर पुरातन नित्य नूतन ज्ञान की जय बोलता हूँ।।     हैं कहाँ से प्राणी आये,और मनुज आया कहाँ से।मूल सब...
clicks 70  Vote 0 Vote  8:19pm 25 Aug 2017

तुम्हारे जन्मदिवस पर

जन्मदिवस पर आज तुम्हारे,सुने मेरी विनती भगवान । हर इच्छा हो पूर्ण तुम्हारी,सुख के नभ में भरो उड़ान।।बुरे-बुरे जो पल बीते हैं,उनकी याद कभी न आये।सुखद स्मृ...
clicks 77  Vote 0 Vote  8:47pm 21 Mar 2017

दुख से अपना गहरा नाता

दुख से अपना गहरा नाता, सुख तो आता है, और जाता. दुख ही अपना सच्चा साथी, हरदम ही जो साथ निभाता. जब से जग में आंखें खोली, सुनी नहीं कभी मीठी बोली. दिल को...
clicks 96  Vote 0 Vote  12:39pm 9 Mar 2017
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