.मेरी अभिव्यक्ति

क्या मिलेगा #बेटियों को #खिलखिलाता, #सुरक्षित और #सम्मानजनक जहान!

आज एक मासूम का सुरक्षित नहीं है मान सम्मान और जहान।आखिर बेटियों को क्यों शिकार बना रहा है  हर उम्र का इंसान।क्या हमारी सामाजिक व्यवस्था का धवस्त हो रहा...
clicks 6  Vote 0 Vote  10:19pm 20 Apr 2018

क्या मिलेगा #बेटियों को #खिलखिलाता और #सुरक्षित #जहान !

आज एक मासूम का सुरक्षित नहीं है मान सम्मान और जहान।आखिर बेटियों को क्यों शिकार बना रहा है  हर उम्र का इंसान।क्या हमारी सामाजिक व्यवस्था का धवस्त हो रहा...
clicks 1  Vote 0 Vote  10:19pm 20 Apr 2018

कब तक ज्यादिती# की बेदी# पर बेटी# चढ़ती रहेगी रोज!

कब तक ज्यादिती# की बेदी# पर बेटी# चढ़ती रहेगी रोज।जन्म से पहले ही तो सुरक्षित नहीं थी माँ की कोख ।दुनिया में आने से पहले अपने ही लगा रहे थे रोक ।जैसे तैसे इस द...
clicks 8  Vote 0 Vote  11:55pm 15 Apr 2018

तय# होते रहें सफ़र# ए जिंदगी# !

तय# होते रहें सफ़र# ए जिंदगी# !कुछ की गोद में है खेले ,कुछ की ऊँगली पकड़ चलना सीखे ।तो कुछ सीख देकर चले गए,तय होते रहें सफ़र ए जिंदगी ।कोई कम उम्र में ही छूटे,तो कि...
clicks 21  Vote 0 Vote  10:53pm 4 Apr 2018

अब तो #इंतज़ार में ही #नफा है !

अब तो #इंतज़ार में ही #नफा है !गुजर जाते हैं हर बार सामने से नजर मिला न सका है ।वो भी तो कभी कुछ कहते नहीं न जाने क्या रजा है ।कह  सकूँ दो बातें उनसे  कोशिश भी...
clicks 25  Vote 0 Vote  12:02am 29 Mar 2018

दिल# में न जाने कितने गम# छुपाये रखे सीने# में !

दिल# में न जाने कितने गम# छुपाये रखे सीने# में ।यहाँ मिलता है हर शख्स मुस्कराहट के साथ,दिल में न जाने कितने गम छुपाये रखे सीने में ।लड़ता है वक्त बेवक्त आती प...
clicks 25  Vote 0 Vote  11:27pm 22 Mar 2018

और न ही हमारा आँगन परिंदों का ठिकाना ही रहा !

न फूलों की रंगीनी रही न ही खुशबु रही ,न ही वो ठंडक लिए खुशनुमा मौसम सुहाना ही रहा ।न तो फूल और न ही क्यारियां रही ,और न ही  हमारा आँगन परिंदों का ठिकाना ही र...
clicks 39  Vote 0 Vote  11:06pm 16 Mar 2018

खिचे# चले आते हैं तेरीओर# ,जरूर तुझमे ऐसी हंसी# अदा# है!

खिचे# चले आते हैं तेरीओर# ,जरूर तुझमे ऐसी हंसी# अदा# है!मिल ही जाते हो यूँ ही जब तब,क्या तेरा मेरा कोई वास्ता है ।बढ़ने लगी है गुफ्तगू रोज,फिर भी कहने को और बचा ...
clicks 19  Vote 0 Vote  11:03pm 10 Mar 2018

कोशिश# हो लक्ष्य# को छोटा करने या बदलने# की !

कोशिश# हो लक्ष्य# को छोटा करने या बदलने# की !जब लड़खड़ा जाते हैं लक्ष्य का पीछा करते करते,एक कोशिश होती है फिर संभलकर चल पड़ने की,कमियों और कारणों के निराकरण और ...
clicks 37  Vote 0 Vote  9:42pm 6 Mar 2018

शुभमंगल हो होली का त्यौहार !

जल जाये कलह और क्लेश ,साथ होलिका दहन के इस बार । मिट जाए इस धरा का सूखा ,ऐसे भिगोये  पिचकारी की धार ।गुझिया की मिठास के संग  ,जीवन हो खुशियों से  सरोबार...
clicks 37  Vote 0 Vote  9:20am 2 Mar 2018
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