.मेरी अभिव्यक्ति

#बारात के दो #दृश्य !

मस्तियाँ और खुमारियों का छाया है आलम ,रंग बिरंगी रोशनियाँ से बरात ए जश्न है रोशन ,अपनी पसंद की बाराती बजवा रहे है धुन ,बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों के थिरके ...
clicks 8  Vote 0 Vote  11:42pm 10 Dec 2017

अलाव से गर्मी का पाया सुरूर .

दिन भर की कड़ी मेहनत से थक कर चूर ,शाम ढलते ही सभी चिंताओं से दूर ,कर रहें है सब मिलकर सामना भरपूर ,ठण्ड जो कुछ ज्यादा ही हो रही क्रूर ।तन पर गर्म कपड़े लिबास नह...
clicks 19  Vote 0 Vote  10:13pm 6 Dec 2017

प्रभाव या अभाव - मासूमों का बचपन कुचलने पर आमादा ।

यह इंसान की  पतित विकृत मानसिकता का प्रभाव है ,या भौतिकवादी इंसान की नैतिक सोच का आभाव ?यह धड़ल्ले से परोसी जा रही अश्लीलता का प्रभाव है ,या इंसान के अच्छे ...
clicks 9  Vote 0 Vote  6:27pm 13 Sep 2017

आज़ादी के अपने मायनों का जहान !

आज़ादी के अपने मायनों का जहान,  मेरा प्यारा हिन्दुस्तान ।कोई देश के लिए जी जी जान से लड़ता ,कोई देश के खिलाफ जहर उगलता ।कोई अपने कर्तव्यों पर खरा उतरता ,कोई ...
clicks 44  Vote 0 Vote  7:22pm 13 Aug 2017

🌹🌷शुभ एवं मंगलमय रक्षाबंधन । 🌺🙏

💐भाई- बहिन के अपार  स्नेह और अटूट बंधन के पावन पर्व की कोटिशः बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं । 💐🌹🌷शुभ एवं मंगलमय रक्षाबंधन । 🌺🙏...
clicks 37  Vote 0 Vote  3:11pm 7 Aug 2017

खुलकर मुस्कुराने दो हमें ।

खुलकर मुस्कुराने दो हमें ,न दबे बचपन किताबों के बोझों  के  तले ।फूलों की तरह खिलने दो हमें ,न झुलसे  मासूमियत  बड़ों के अरमानों के तले ।बातें करने दो &nb...
clicks 90  Vote 0 Vote  4:24am 25 Jul 2017

आदत सी हो गई है इस दिल को समझाने की ।

अब तो आदत सी हो गई है  इस दिल#dil को समझाने की ।नहीं होती है मुकम्मिल मंजिल जिंदगी के हर फंसाने की ।होती है बात पत्थर उछालकर आसमान में छेद कर जाने की।बातें ह...
clicks 41  Vote 0 Vote  9:12pm 20 Jul 2017

बढ़ गयी है दूरियां मेरे ही अपनों से ।

कुछ यूँ ही बढ़ गयी है दूरियां मेरे ही अपनों से ।जब से गढ़ ली है  दुनिया छोटे बड़े सपनों से ।जिन रिश्तों ने संभाला था मुझे बड़े जतनों से ।सब कुछ पाने की आपाधापी...
clicks 57  Vote 0 Vote  12:00am 17 Jul 2017

गुम है मेघा , रूठी है वर्षा !

ग़ुम हो गए हैं कहां  मेघा , कहां रूठ चली गयी है वर्षा ।इंतज़ार मैं आँखे सूखी ,  कैसे मिटे तन मन की तृष्णा ।है नीर बिना ताल सूखा , ना कल कल करे  सरिता ।ताप्ती ...
clicks 47  Vote 0 Vote  2:35pm 9 Jul 2017

डिअर व्हाटसअप/ फेसबुक

डिअर व्हाटसअप/ फेसबुक ,तुम हर दिन हर पल 24 घंटे मैसेज को बिना रुके एवं बिना थके भेजने और लेने का काम करते हो  । टेक्स्ट , चित्र और ऑडियो वीडियो ,यंहा तक की आजक...
clicks 42  Vote 0 Vote  9:22am 8 Jul 2017
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