KAVITA RAWAT

चल पड़ी है गाड़ी आजकल उनके प्यार की

आज वैवाहिक जीवन की 23वीं वर्षगांठ पर पहले पहल प्यार में गुजरे प्रेम पातियों में से निकली एक पाती प्रस्तुत है-   चल पड़ी है गाड़ी आजकल उनके प्यार की सुना है क...
clicks 52  Vote 0 Vote  11:29am 30 Nov 2018

उखड़े हुए पेड़ पर हर कोई कुल्हाड़ी मारता है

मक्खन की हंड़िया सिर पर रखकर धूप में नहीं चलना चाहिए बारूद के ढ़ेर पर बैठकर आग का खेल नहीं खेलना चाहिए छोटा से पैबंद न लगाने पर बहुत बड़ा छिद्र बन जाता है धार...
clicks 59  Vote 0 Vote  8:00am 26 Nov 2018

यौवन गुलाबी फूलों का सेहरा तो बुढ़ापा कांटों का ताज होता है

लम्बी उम्र सब चाहते हैं पर बृढ़ा होना कोई नहीं चाहता है यौवन गुलाबी फूलों का सेहरा तो बुढ़ापा कांटों का ताज होता है छोटी उम्र या कोरे कागज पर कोई भी छाप छोड़ी...
clicks 48  Vote 0 Vote  8:00am 16 Nov 2018

आओ मिलकर दीप जलाएं

आओ मिलकर दीप जलाएं अँधेरा धरा से दूर भगाएं रह न जाय अँधेरा कहीं घर का कोई सूना कोना सदा ऐसा कोई दीप जलाते रहना हर घर -आँगन में रंगोली सजाएं आओ मिलक...
clicks 20  Vote 0 Vote  2:30pm 7 Nov 2018

रावण ने सीताहरण को मुक्ति का मार्ग बनाया

मुझे बचपन से ही रामलीला देखने का बड़ा शौक रहा है। आज भी आस-पास जहाँ भी रामलीला का मंचन होता है तो उसे देखने जरूर पहुंचती हूँ। बचपन में तो केवल एक स्वस्थ मनोर...
clicks 61  Vote 0 Vote  8:00am 19 Oct 2018

क्यों परीक्षा पड़ती सब पर भारी!

आज आया है शिवा का जन्मदिन पर नहीं है कोई मनाने की तैयारी मेज पर केक बदले पसरी किताबें क्यों परीक्षा पड़ती सब पर भारी! अनमना बैठा है उसका मिट्ठू टीवी-मोबाईल ...
clicks 93  Vote 0 Vote  8:00am 20 Sep 2018

सुख-शांति और ज्ञान-बुद्धि के दाता है गणपति जी

हमारी भारतीय संस्कृति में गणेश जी के जन्मोत्सव की कई कथाएं प्रचलित हैं। हिन्दू संस्कृति (कल्याण) के अनुसार भगवान श्रीगणेश के जन्मकथा का इस प्रकार उल्ले...
clicks 92  Vote 0 Vote  8:00am 13 Sep 2018

भरे पेट भुखमरी के दर्द को कौन समझता है

पहनने वाला ही जानता है जूता कहाँ काटता है जिसे कांटा चुभे वही उसकी चुभन समझता है पराये दिल का दर्द अक्सर काठ का लगता है पर अपने दिल का दर्द पहाड़ सा लगता ह...
clicks 87  Vote 0 Vote  8:20am 1 Sep 2018

अबकी बार राखी में जरुर घर आना

राह ताक रही है तुम्हारी प्यारी बहना अबकी बार राखी में जरुर घर आना न चाहे धन-दौलत, न तन का गहना बैठ पास बस दो बोल मीठे बतियाना मत गढ़ना फिर से कोई नया बहाना ...
clicks 137  Vote 0 Vote  8:00am 24 Aug 2018

फायदे अक्सर आदमी को गुलाम बना देते हैं

सोने की बेड़ियां हों तो भी उसे कौन चाहता है? स्वतंत्रता स्वर्ण से अधिक मूल्यवान होता है बंदी  राजा  बनने से आजाद पंछी बनना भला जेल के मेवे-मिठाई से रूखा-सूख...
clicks 119  Vote 0 Vote  8:00am 14 Aug 2018
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