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बाबा केदार के धाम में रात्रि विश्राम- अलौकिक अनुभूति

केदारनाथ आने वाले बहुत से श्रद्धालु ऐसे हैं तो अहले सुबह पहुंचकर दर्शन करने के बाद लौट जाते हैं। पर ज्यादातर श्रद्धालु कम से कम एक रात यहां रुक कर वापस जा...
clicks 14  Vote 0 Vote  12:16am 27 May 2020

शिव का डमरू डम डम बाजे

केदारनाथ में साधुओं की अनूठी दुनिया ...
clicks 29  Vote 0 Vote  12:12am 25 May 2020

केदारनाथ – लिंचोली से बाबा मंदिर वाया छानी कैंप, बेस कैंप रुद्रा प्वाइंट

केदारनाथ पदयात्रा के पूरे मार्ग में आपको लघु भारत के दर्शन होते हैं। बाबा के दर्शन करने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदे...
clicks 38  Vote 0 Vote  12:00am 21 May 2020

साल 2013 की आपदा में तबाह हो गया था रामबाड़ा

केदारनाथ क्षेत्र में 2013 के 14-15 जून को आई भीषण आपदा में रामबाड़ा पूरी तरह तबाह हो गया। यहां पर जो भी घर और दुकानें बनीं थी, उसे मंदाकिनी नदी ने अपनी तीव्र धारा...
clicks 6  Vote 0 Vote  12:00am 18 May 2020

केदारनाथ की ओर - जंगल चट्टी से भीमबली और रामबाड़ा

बाबा केदार के मार्ग पर हमलोग जंगल चट्टी से आगे बढ़ चले हैं। रास्ते में कुछ लोग दर्शन करके लौटते हुए मिले। भोजपुरी में बातें करते ग्रामीण लोग। मैं भी उनसे ...
clicks 33  Vote 0 Vote  12:00am 17 May 2020

श्री केदारनाथ की ओर - जंगल चट्टी से भीमबली

बाबा केदार के मार्ग पर हमलोग जंगल चट्टी से आगे बढ़ चले हैं। रास्ते में कुछ लोग दर्शन करके लौटते हुए मिले। भोजपुरी में बातें करते ग्रामीण लोग। मैं भी उनसे ...
clicks 13  Vote 0 Vote  12:00am 17 May 2020

केदारनाथ की ओर – गौरीकुंड से जंगलचट्टी तक

केदारनाथ के लिए पदयात्रा का मार्ग गौरी कुंड से आरंभ होता है। यह दूरी आजकल 16 किलोमीटर है। रामबाड़ा से अगर आप नए रास्ते से जाएं तो यह दूरी 18 किलोमीटर हो जाती ...
clicks 26  Vote 0 Vote  12:00am 15 May 2020

गुप्तकाशी से गौरीकुंड – बाबा केदार के लिए चढ़ाई

अल सुबह गुप्त काशी में हमलोग आगे की यात्रा के लिए तैयार हो गए हैं। हमारे होटल की बालकोनी से सामने उखी मठ दिखाई दे रहा है। गुप्त काशी से उखीमठ ऊंचाई प...
clicks 25  Vote 0 Vote  12:00am 13 May 2020

गुप्तकाशी – दूसरा काशी विश्वनाथ मंदिर

गुप्त काशी रुद्र प्रयाग जिले का छोटा सा शहर है पर इसका बाजार बड़ा ही सुंदर है। गुप्त काशी उतरने के बाद हमारी पहली कोशिश थी रात में रुकने के लिए एक होटल ढूं...
clicks 50  Vote 0 Vote  12:00am 11 May 2020

रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी – मंदाकिनी के संग-संग

रुद्र प्रयाग में बस आधे घंटे रुकने वाली थी। तो यहां हमलोग बस से उतर कर बाहर आ गए। यहां का बाजार गुलजार है। यहां से थोड़ी मिठाइयां, नमकीन और शीतल पेय आदि लिय...
clicks 42  Vote 0 Vote  12:00am 10 May 2020
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