ठिकाना

#मी टू : टूट रही चुप्पी

‘बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी’को यूं भी कहें कि ‘आवाज उठेगी तो दूर तक जाएगी’, तो इसके अर्थ में कोई अंतर नहीं आएगा। मौजूं सिर्फ यही है कि आवाज उठनी चाहिए। श...
clicks 48  Vote 0 Vote  3:59pm 13 Nov 2017

देवी पूजन : गुम होता बचपन

शक्ति पूजन भारतीय संस्कृति और धर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के एक भाग में नहीं बल्कि पूरे देश में शक्ति के रूप में स्त्री रूप का ही पूजन होता है। न...
clicks 19  Vote 0 Vote  3:22pm 15 Oct 2017

मौत के खेल का चैलेंज

एक अंग्रेजी कहावत है- नो रिस्क, नो गेम। हमने खेल में तलवारबाजी, घुड़दौड़, जल्लीकुट्टू या फिर आधुनिक समय के मौत का कुंआ,हांटेड हाउस, रेस ऐसे बहुतेरे खेल हैं,...
clicks 19  Vote 0 Vote  3:26pm 4 Sep 2017

हमारी है हर तीसरी बालिका वधु

सालों-साल चला बालिका वधु टीवी सीरियल दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। इस सीरियल ने बाल विवाह के प्रति लोगों का काफी ध्यान खींचा था। हाल ही सोनी चैनल प...
clicks 22  Vote 0 Vote  2:35pm 27 Aug 2017

और मैं स्वतंत्रता दिवस भूल गया

मैं सुबह की मीठी नींद सो रहा था कि किसी भारी-भरकम आवाज का कानों में प्रवेश हुआ। और मैं स्वप्न लोक से इहलोक में आ गया। आंख खोलकर देखा तो मेरे सात जन्मों की स...
clicks 28  Vote 0 Vote  5:55pm 15 Aug 2017

हम सब का चैन!

आधी रात के बाद!वह बूढ़ा चौकीदारडंडा टेकता हुआठक ठक ठक ठकसीटी बजाता हुआ,रात की रखवाली करता हैचोरों से,कि वे चुरा न ले जाएरात की कालिमारात की नीरवता,उसकी ख़ा...
clicks 31  Vote 0 Vote  10:05pm 18 Dec 2016

डिजिटल वर्ल्ड की न्यू 'वुमनिया'

एक समय जानीमानी साहित्कार एवं महिला मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी करने वाली मैत्रेयी पुष्पा ने कहा था कि आज गांव-देहात में मोबाइल ने स्त्रियों को अधिक स्वतं...
clicks 38  Vote 0 Vote  11:31am 15 Sep 2016

बुंदेलखंड सूखा : मतलब अकाल, मतलब भूख, मतलब मौत

’इक बगल में चाँद होगा, इक बगल में रोटियाँ।इक बगल में नींद होगी, इक बगल में लोरियाँ।।हम चाँद पे, रोटी की चादर डाल के सो जाएँगे।और नींद से कह देंगे लोरी कल सु...
clicks 79  Vote 0 Vote  5:26pm 18 Jun 2016

शादी सात जन्मों का बंधन है!

‘विवाह एक पवित्र संस्कार है।’ ‘षादी सात जन्मों का बंधन है।’ ‘जोड़ियां ऊपर से बन कर आती हैं।’ ‘पति-पत्नी का रिष्ता एक पवित्र बंधन है’...आदि, इत्यादि। ये कुछ ...
clicks 95  Vote 0 Vote  6:08pm 1 Jun 2016

अब इतना पढ़ गई हो तो...!

 न जाने कब सफर उबाऊ बन जाए, उससे पहले  कोई पुस्तक या पत्रिका हाथ में ले लेनी चाहिए। इसलिए सफर के दौरान मैं पढने के लिए कुछ न कुछ जरूर रखती हुँ ताकि ज...
clicks 131  Vote 0 Vote  10:14pm 17 Jan 2016
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