गीतों की महफिल

मोरे सैयां तो है परदेस- मैं क्या करूं सावन को- हिन्दी फिल्मों में वर्षा, सावन एवं विरहिणी नायिका

राजस्थान पत्रिका ग्रुप के अखबार डेली न्यूज में प्रकाशित लेख“मोरे सैयां तो है परदेस- मैं क्या करूं सावन को”हिन्दी फिल्मों में वर्षा, सावन एवं विरहिणी ना...
clicks 6  Vote 0 Vote  10:04pm 21 Aug 2019

अकेले में वो घबराते तो होंगे:शर्मा जी यानि खै़याम साहब का संगीतबद्ध गीत

मधुर संगीत के दौर की आखिरी कड़ी थे ख़ैयाम साहब, इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कह गए।  रहमान वर्मा के साथ मिलकर ख़ैयाम साहब ने “शर्माजी-वर्माजी के नाम से जोड़ी ब...
clicks 4  Vote 0 Vote  11:05pm 20 Aug 2019

उठ लखन लाल प्रिय भाई - राम की आकुलता पर आधारित सुन्दर गीत

प्रेम अदीब एवं शोभना समर्थ की जोड़ी ने 1938 में अपनी पहली फिल्म industrial India के बाद 1954 तक कई फिल्मों में एक साथ काम किया। पौराणिक एवं धार्मिक फिल्मों का दौर था सो ज्य...
clicks 10  Vote 0 Vote  10:00am 19 Aug 2019

दिल ही बुझा हुआ हो तो फ़स्ले बहार क्या: मुकेश की कम सुनी-अनसुनी गज़ल

हिन्दी फिल्मों के लिए शकील बूंदायूनी, हसरत जयपुरी, साहिल लुधियानवी, नक़्श ल्यालपुरी, निदा फ़ाज़ली, नीरज, कैफ़ी आज़मी, जावेद अख्तर, मख़दूम मोईनुद्दीन, गुलज़ार, शह...
clicks 57  Vote 0 Vote  9:00am 3 Jun 2019

जाते हो तो जाओ हम भी यहां, वादों के सहारे जी लेंगे-सज्जाद हुसैन की कठिन रचना

हिन्दी फिल्मों में सबसे जटिल और perfectionist संगीतकार अगर कोई थे तो वे सज्ज़ाद हुसैन यानि सज्ज़ाद। मैंडोलिन, सितार, वीणा, बैंजो, एकॉर्डियन, गिटार, क्लेरिनेट के अला...
clicks 64  Vote 0 Vote  10:00am 21 May 2019

रूम झूम बादोलो आजि बोरोशे: कमला झारिया

कई सालों पहले इस बांग्ला गीत का टुकड़ा मिला तब यह मुश्किल से तीस चालीस सैकंड का था, बरसों तक खोजने के बाद एक दिन आखिरकार यह  पूरा गाना मिल गया। तब से मैं इस ...
clicks 57  Vote 0 Vote  10:00am 17 May 2019

ले चल मोहे अपनी नागरिया: नलिनी जयवन्त/हुस्न बानो का दुर्लभ भजन

नलिनी जयवन्त को हमने ज्यादातर अभिनय करते ही देखा है, लेकिन उन्होने कई गीत भी गाए हैं। हिन्दी फिल्मों की शुरुआती फिल्मों की सबसे खूबसूरत और अच्छी अभिनेत्...
clicks 55  Vote 0 Vote  10:00am 16 May 2019

क्या तुझपे नज़्म लिखूँ, और कैसा गीत लिखूँ..सुन्दर रागमाला

शास्त्रीय संगीत के विभिन्न रागों को एक गीत में उन के नामों का जिक्र करते हुए और उसी राग में गाना कितना मुश्किल रहा होगा ग्वालियर घराने के प्रख्यात ठुमरी ...
clicks 42  Vote 0 Vote  10:36pm 21 Jun 2018

मारी सवा लाख री लूम गम गई इडाणी

जुलाई महीने में सूरत में भतीजी का विवाह था और वहां पूजा घर में कौड़ियों से सजी एक इडाणी (इडोनी/इढोनी...सर पर मटकी रखने से पहले रखने वाली कपडे की रिंग) दिख गई, फ...
clicks 105  Vote 0 Vote  8:56pm 28 Aug 2016

घन गरजत बादर आए.. मियां की मल्हार- अनोखी जुगलबन्दी

इस बार का सावन भी यूं ही सूखा बीत गया... आँखे तरस गई उन बूंदों के लिए जिन के तन पर गिरने से तन ही नहीं मन झूम भी उठता है। लेकिन तन को शीतलता तो जब मेहा आएंगे और ब...
clicks 120  Vote 0 Vote  9:30am 7 Sep 2015
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