साझा आसमान

सर बचा कर...

सियासत  सीख  कर  पछताए  हो  क्यासलामत  सर  बचा  कर  लाए  हो  क्याउड़ी  रंगत   कहीं   सब   कह  न  डालेहमारे    तंज़  से    म...
clicks 6  Vote 0 Vote  5:18pm 4 May 2018

करो हो क़त्ल ....

परेशां  हैं  यहां  तो  थे  वहां  भीकरे  है  तंज़  हम  पर  मेह्र्बां  भीहमें  ज़ाया  न  समझें  साहिबे-दिलहरारत  है  अभी  बाक़ी  यहा...
clicks 1  Vote 0 Vote  5:26pm 27 Apr 2018

बग़ावत का सैलाब ...

मोहसिनों   की    आह    बेपर्दा  न  होशर्म  से    मर  जाएं   हम  ऐसा  न  होइश्क़  का  इल्ज़ाम  हम  पर  ही  सहीतू   अगर    ऐ  ...
clicks 3  Vote 0 Vote  5:11pm 22 Apr 2018

क्या मिल गया ?

गर्दिशे-ऐयाम  से            दिल  हिल  गयाआज  का  दिन  भी  बहुत  मुश्किल  गयादेख  कर  हमको              परेश...
clicks 3  Vote 0 Vote  4:39am 20 Apr 2018

नरगिस और हम

हर  तरफ़  मौजे हवादिस  और  हम सामने      सुल्ताने बेहिस  और  हमआज फिर उम्मीद का  सर झुक गयाफिर  वही गुस्ताख़ इब्लीस  और हमक्या  मुक़द्दर&nbs...
clicks 15  Vote 0 Vote  5:18pm 20 Mar 2018

हमारे ज़ख़्म उरियां...

तबाही  के    ये:  मंज़र    देख  लीजेकहां  धड़  है  कहां  सर  देख  लीजेबुतों के  साथ क्या क्या  ढह  गया हैज़रा    गर्दन  घुमा  कर&...
clicks 22  Vote 0 Vote  5:22pm 12 Mar 2018

ख़ामुशी बेज़ुबां ...

ख़ुश्बुए-दिल  जहां  नहीं  होतीकोई  बरकत  वहां  नहीं  होतीहौसले   साथ- साथ    बढ़ते  हैंसिर्फ़  हसरत  जवां  नहीं  होतीज़र्फ़  है   ...
clicks 9  Vote 0 Vote  11:22pm 9 Mar 2018

सोचते नहीं बाग़ी ...

आजकल  ज़माने  में    ऐतबार  किसका  हैबेवफ़ा  हवाओं  पर  इख़्तियार  किसका  हैक्यूं  बताएं  दुनिया  को  राज़  गुनगुनाने  कालोग  जान&n...
clicks 18  Vote 0 Vote  4:21pm 4 Feb 2018

होकर शहीदे-अम्न...

नाक़ाबिले-यक़ीं   है     अगर      दास्तां  मेरीबेहतर  है  काट ले  तू   इसी  दम  ज़ुबां  मेरीदेखी  तेरी  दिल्ली    तेरी  सरकार...
clicks 23  Vote 0 Vote  4:26pm 30 Jan 2018

बाज़ को आस्मां...

हम  ख़ुदा  के  क़रीब  रहते  हैंवां,  जहां  बदनसीब   रहते   हैंबन  रही  है  वहां  स्मार्ट  सिटीजिस जगह सब ग़रीब रहते  हैंकर रहे हैं गुज़र  ...
clicks 23  Vote 0 Vote  9:32pm 24 Jan 2018
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