मेरे विचार मेरी अनुभूति

भारत का भ्रमित लोकतंत्र

भारत का भ्रमित लोकतंत्र***********************भारत के लोकतंत्र की उम्रअभी 71 साल है |अभी यह बचपन में है ?जवानी में है ? या वयस्क है ?इंसान के लिहाज सेवयस्क तो होना चाहिए,दे...
clicks 39  Vote 0 Vote  11:18am 6 Dec 2018

गंगा की सफाई

अतुकांत कविता***************गंगा की सफाई***********थेम्स नदी का जलगंगा जल से शुद्ध और निर्मल |क्या है कारण ?ब्रितानी शुद्ध विचारदृढ़ संकल्प और लगन |करीब पचास, पचपन साल पहल...
clicks 10  Vote 0 Vote  10:14am 3 Dec 2018

ईश्वर को पत्र

वर्तमान परिस्थिति पर शिकायत किस् से करें ? सो ईश्वर को पत्र लिख दिया | ईश्वर को पत्र हे ईश्वर ! संसार से जो निराश होते हैं वह तेरे द्वार आते हैं | हम भी निराश...
clicks 5  Vote 0 Vote  10:18am 18 Nov 2018

दशहरा और रावण दहन

दशहरे में विजयोत्सव मनाना तो उचित है पर रावण का पुतला जलाना क्या उचित है ?पढ़िए छै मुक्तक 1.आदि काल से बुरा रावण को जलाया जाता है २८बुराई पर सत्य की जय, यही बत...
clicks 18  Vote 0 Vote  12:34pm 18 Oct 2018

देवी -प्रर्थना - गीतिका

१२२ १२२  १२२ १२२करो कुछ कृपा, दींन के चौक आएसभी दीन इक बार,आशीष पाए |नहीं भक्ति, श्रद्धा,  तुम्ही कुछ बताओसभी संग आराधना गीत गाए ?      &nb...
clicks 15  Vote 0 Vote  9:22am 11 Oct 2018

एक विचार

“मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर करना…” कितनी अच्छी  पंक्ति है, किंतु क्या सच में मजहब बैर करना सिखाता नहीं है ? सदियों से  इतिहास साक्षी है एक धर्म के लोग...
clicks 21  Vote 0 Vote  1:56pm 29 Sep 2018

कविता

मात्रा १६,१५,=३१ , अंत २१२ *******************************मीठी मीठी हिंदी बोलें, जन मानस को मोहित करेसहज सरल भाषा हिंदी से, हम सबको संबोधित करे |रंग विरंगे फूल यहाँ है, यह गुलद...
clicks 55  Vote 0 Vote  3:03pm 13 Sep 2018

जगत में क्यों सदा तनहा रहा हूँ ?

जगत में बारहा आता रहा हूँखुदा का मैं बहुत प्यारा रहा हूँ |वफ़ा में प्यार मैं करता रहा हूँनिभाया प्यार मैं सच्चा रहा हूँ |मिले मुझसे यहाँ सब प्यार से यारमुह...
clicks 26  Vote 0 Vote  10:06am 4 Sep 2018

जागो उठो !

सुनो सुनो सब बच्चे प्यारे, यही अनसुनी एक कहानीकिस्सा है भारत वासी का, कुछ लोगों की नादानी |फूट डालो और राज करो, यही नीति किसने अपनाई जात-पात, भेदभाव सबको, ...
clicks 36  Vote 0 Vote  9:24am 3 Sep 2018

हमारा लोक तंत्र

संविधान है सबके ऊपर, आकाएं देश चलाते हैंशासन, संसद,न्यायालय ही, सब मसलों को सुलझाते हैं |लोक तंत्र में लोक है मुख्य, लोग ही तंत्र को लाते हैंभारत में दशा उल...
clicks 25  Vote 0 Vote  8:07am 28 Aug 2018
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