मेरे विचार मेरी अनुभूति

हम कहाँ जा रहे हैं ?

हम कहाँ जा रहे हैं ? दुनिया विकास की राह पकड़, आगे ही बढ़ी जा रही है, विश्व मंच पर ज्ञान विज्ञान, की अब तारीफ हो रही है |उद्योग चीन के घर घर में, अब जोरों से पनप ...
clicks 0  Vote 0 Vote  9:34am 27 Mar 2019

भारत का भ्रमित लोकतंत्र

भारत का भ्रमित लोकतंत्र***********************भारत के लोकतंत्र की उम्रअभी 71 साल है |अभी यह बचपन में है ?जवानी में है ? या वयस्क है ?इंसान के लिहाज सेवयस्क तो होना चाहिए,दे...
clicks 75  Vote 0 Vote  11:18am 6 Dec 2018

गंगा की सफाई

अतुकांत कविता***************गंगा की सफाई***********थेम्स नदी का जलगंगा जल से शुद्ध और निर्मल |क्या है कारण ?ब्रितानी शुद्ध विचारदृढ़ संकल्प और लगन |करीब पचास, पचपन साल पहल...
clicks 18  Vote 0 Vote  10:14am 3 Dec 2018

ईश्वर को पत्र

वर्तमान परिस्थिति पर शिकायत किस् से करें ? सो ईश्वर को पत्र लिख दिया | ईश्वर को पत्र हे ईश्वर ! संसार से जो निराश होते हैं वह तेरे द्वार आते हैं | हम भी निराश...
clicks 11  Vote 0 Vote  10:18am 18 Nov 2018

दशहरा और रावण दहन

दशहरे में विजयोत्सव मनाना तो उचित है पर रावण का पुतला जलाना क्या उचित है ?पढ़िए छै मुक्तक 1.आदि काल से बुरा रावण को जलाया जाता है २८बुराई पर सत्य की जय, यही बत...
clicks 32  Vote 0 Vote  12:34pm 18 Oct 2018

देवी -प्रर्थना - गीतिका

१२२ १२२  १२२ १२२करो कुछ कृपा, दींन के चौक आएसभी दीन इक बार,आशीष पाए |नहीं भक्ति, श्रद्धा,  तुम्ही कुछ बताओसभी संग आराधना गीत गाए ?      &nb...
clicks 27  Vote 0 Vote  9:22am 11 Oct 2018

एक विचार

“मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर करना…” कितनी अच्छी  पंक्ति है, किंतु क्या सच में मजहब बैर करना सिखाता नहीं है ? सदियों से  इतिहास साक्षी है एक धर्म के लोग...
clicks 31  Vote 0 Vote  1:56pm 29 Sep 2018

कविता

मात्रा १६,१५,=३१ , अंत २१२ *******************************मीठी मीठी हिंदी बोलें, जन मानस को मोहित करेसहज सरल भाषा हिंदी से, हम सबको संबोधित करे |रंग विरंगे फूल यहाँ है, यह गुलद...
clicks 84  Vote 0 Vote  3:03pm 13 Sep 2018

जगत में क्यों सदा तनहा रहा हूँ ?

जगत में बारहा आता रहा हूँखुदा का मैं बहुत प्यारा रहा हूँ |वफ़ा में प्यार मैं करता रहा हूँनिभाया प्यार मैं सच्चा रहा हूँ |मिले मुझसे यहाँ सब प्यार से यारमुह...
clicks 36  Vote 0 Vote  10:06am 4 Sep 2018

जागो उठो !

सुनो सुनो सब बच्चे प्यारे, यही अनसुनी एक कहानीकिस्सा है भारत वासी का, कुछ लोगों की नादानी |फूट डालो और राज करो, यही नीति किसने अपनाई जात-पात, भेदभाव सबको, ...
clicks 54  Vote 0 Vote  9:24am 3 Sep 2018
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