सृजन मंच ऑनलाइन

श्रीकृष्ण--त्रिगुणात्मक प्रकृति से प्रकट होती चेतना सत्ता---डा श्याम गुप्त...

    कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष------ \\श्रीकृष्ण--त्रिगुणात्मक प्रकृति से प्रकट होती चेतना सत्ता--- \श्रीकृष्ण आत्मतत्व के मूर्तिमान रूप हैं। मनुष्य में इ...
clicks 1  Vote 0 Vote  12:40pm 15 Aug 2017

श्याम सवैया छंद--- निज हाथ में प्यारा तिरंगा उठाए--डा श्याम गुप्त....

                                   भारत जैसे विश्व के प्राचीनतम देश जो विश्व में अग्रणी देश था , उसकी गौरव गाथ...
clicks 0  Vote 0 Vote  11:49pm 14 Aug 2017

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दो पद----- डा श्याम गुप्त

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दो पद-----\\१.ब्रज की भूमि भई है निहाल |सुर गन्धर्व अप्सरा गावें नाचें दे दे ताल |जसुमति द्वारे बजे बधायो, ढफ ढफली खडताल |पुरजन परिज...
clicks 14  Vote 0 Vote  1:39pm 13 Aug 2017

ज़िन्दगी--गज़ल ---डा श्याम गुप्त

ज़िन्दगी--गज़लराहोंकेरंगन जीसके,कोईज़िन्दगीनहीं।यूहींचलतेजानादोस्त, कोईज़िन्दगीनहीं।कुछपलतोरुककेदेखले, क्याक्याहैराहमें,यूहींराहचलतेजानाकोई...
clicks 2  Vote 0 Vote  8:05pm 11 Aug 2017

३० वर्ण की दो घनाक्षरी-----सूर घनाक्षरी...व श्याम-घनाक्षरी....डा श्याम गुप्त ...

                       ३० वर्ण की दो घनाक्षरी-----सूर घनाक्षरी...व श्याम-घनाक्षरी.......  \\१. श्याम-घनाक्षरी, ...वर्ण- १६-१४ ..८ ८, ७ ७ पर ...
clicks 2  Vote 0 Vote  2:03pm 11 Aug 2017

श्याम स्मृति-१२६. --- काव्य -- मानवीय सृजन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण – डा श्याम गुप्त

-----श्याम स्मृति-१२६. --- *****काव्य -- मानवीय सृजन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण – *** -------- काव्य मानव-मन की संवेदनाओं का बौद्धिक सम्प्रेषण है--मानवीय सृजन में सर्वाधिक ...
clicks 14  Vote 0 Vote  10:31am 10 Aug 2017

भारत ७० साल का होगया है - डा श्याम गुप्त

                                                        १.भारत ७० साल का होगया है -----ए...
clicks 3  Vote 0 Vote  10:28am 10 Aug 2017

रिश्ता सारमेय सुत का.-----..डा श्याम गुप्त की कहानी ----

रिश्ता सारमेय सुत का.-----..डा श्याम गुप्त की कहानी ---- \\कालू कुत्ते ने झबरीली कुतिया का गेट खटखटाया और बोला,-'भौं .s.s.भौं ऊँ भुक -अरे कोई है। 'झबरीली ने गेट की सलाख...
clicks 3  Vote 0 Vote  11:04pm 9 Aug 2017

ब्रज कुमुदेश पत्रिका में---कुछ शायरी की बात होजाए --की समीक्षा--- डा श्याम गुप्त की ...

          ब्रज कुमुदेश पत्रिका में  डा श्याम गुप्त की कृति---कुछ शायरी की बात होजाए --की समीक्षा---...
clicks 3  Vote 0 Vote  11:10am 8 Aug 2017

गरीबी, भूखे को रोटी-दूध .....मंदिर, भगवान, आस्था...डा श्याम गुप्त ....

               प्रेमचंद आदि गरीबों के मसीहा एवं आजकल कवियों, लेखकों, व्यंगकारों , समाज के ठेकेदारों, नेताओं, मीडिया का प्रिय विषय है...गर...
clicks 2  Vote 0 Vote  8:17pm 2 Aug 2017
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