Life iz Amazing

Poems By Sunny Kumar (Gallery of my latest Poems)

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clicks 11  Vote 0 Vote  9:52pm 11 Jun 2018

Khuda ka jannat ho gaya…

तुमसे मिलके दिल ये मेरा, खुदा का जन्नत है हो गया, जीने लगी हो तुम जो मुझमें, मेरा मन वृंदावन है हो गया, तुमसे मिलके दिल ये मेरा, खुदा का जन्नत है हो गया। रहने ल...
clicks 1  Vote 0 Vote  6:54pm 28 May 2018

Hindi Poem on Anniversary

To my beautiful wife on our Anniversary.. आज हमारा इश्क़ थोड़ा और सयाना हो गया, दिल ने कभी जो ख्वाब न देखे, वो सब अब हक़ीक़त हो गया… हर लत से मुझको तौबा ही था, पर तुम्हारे साथ का आदत हो गय...
clicks 1  Vote 0 Vote  1:43pm 28 May 2018

किसी की मृत्यु पर क्या प्रार्थना करे?

हिंदु धर्म पुनर्जन्म में विश्वास रखती है और मैं परिवर्तन में और ये परिवर्तन पुनर्जन्म ही है समझना थोड़ा मुश्किल है पर समझा जा सकता है, अगर बिलीफ, लॉजिक और ...
clicks 2  Vote 0 Vote  4:49pm 23 May 2018

शहर और गाँव

खरौना तिरहुत नहर कुम्हार के उस घड़े में भले बर्फ नहीं जमता, पर पानी ठंडी रहती है। पीपल के छांव तले AC का शोर नहीं पलता, वहां तो मदमस्तत हवाएं प्रकृति के गीत गा...
clicks 2  Vote 0 Vote  2:41pm 23 May 2018

जी. डी. गोयनका में प्रतिष्ठापन समारोह हुआ सम्पन्न

गया शहर में अपनी एक अलग पहचान बना चुके चर्चित विद्यालय, जी. डी. गोयंका पब्लिक में शनिवार को स्कूल ऑडिटोरियम में इंवेस्टिचर सेरेमनी(प्रतिस्ठापन समारोह ) क...
clicks 4  Vote 0 Vote  10:09pm 19 May 2018

मेरे शब्द उसके ख्वाब लिखते है

मेरे शब्द उसके ख्वाब लिखते है और आँसू उसकी हक़ीक़त। उसकी तस्वीरें दिल को सुकून देते है, और उसकी याद दिल को तड़प। ———-–——––—–——————- माफ क...
clicks 2  Vote 0 Vote  5:22pm 17 May 2018

बड़बोले मत बनिये!

गोलू शरीर से बड़ा था तो मोलू को हमेशा कम आंकता था, वहीं दूसरी ओर मोलू बहुत परिश्रमी था और गोलू को नजरअंदाज करता था। कल की ही बात है जब मोलू ने GPL में 52 रन ठोक दि...
clicks 30  Vote 0 Vote  4:37pm 16 May 2018

मैं माँ को सदा खुश रखूँ

मेरे कोई शब्द इतने मधुर नहीं, कि कोई कविता लिखूं जिसने मुझे रचा उसके भाव, मैं कैसे रचूं? वो मेरी उम्मीदों का आसमां है, उसके दुआओं की बरसात में मैं रोज भिंगु,...
clicks 9  Vote 0 Vote  7:05pm 13 May 2018

बनवास पे था मेरे घर का बचपन

बनवास पे था मेरे घर का बचपन, सबको खबर हो वो अब लौट आया है, चहकने लगी है आज सीढिया छत की, जो उनसे लिपटने, उनपे रेंगने, नन्हें कदमों का दौड़ आया है.. सज रही है खिड़क...
clicks 3  Vote 0 Vote  9:12pm 11 May 2018
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