देहात

पौराणिक आख्यानों की ओर

पौराणिक आख्यानों में कई ऐसे दृष्टांत मिल जाते हैं जो आज के सन्दर्भ में भी प्रासंगिक लगते हैं.कहा जाता है कि प्राचीन भारतीय समाज में वर्ण व्यवस्था प्रचलि...
clicks 0  Vote 0 Vote  7:32am 24 Jul 2017

मृत्यु का देवता

दुनियां के प्रायः सभी देशों,सभी सभ्यताओं में प्राचीन आख्यानों और मिथकों की समुद्ध परंपरा रही है.ये आख्यान और मिथक एक तरह से मनुष्य के आध्यात्मिक और भौति...
clicks 19  Vote 0 Vote  7:23am 17 Jul 2017

खो गए बुलबुल के तराने

कहा जाता है कि चिड़िया तो मनुष्य के बिना रह सकती है लेकिन मनुष्य चिड़ियों के बिना सूना महसूस करता है.चीन में चिड़ियों की कमी वहां के पर्यटकों को अत्यधिक महसू...
clicks 25  Vote 0 Vote  8:10am 10 Jul 2017

यादें नई पुरानी

मैथिली में एक कहावत है कि ‘एना कते दिन’ ,मतलब इस तरह कितने दिन.याद आया, इस नाम से मैथिली में एक फिल्म भी बनी है. आलस्य में इस तरह कितने दिन बीत गए पता ही नहीं च...
clicks 28  Vote 0 Vote  9:50am 3 Jul 2017

एक लेखक का जाना

एक लेखक का ख़ामोशी से जाना और कोई खबर नहीं बनना साहित्यिक जगत के लिए कोई नया नहीं है.पहले भी ऐसा कई बार हुआ है.साहित्यिक जगत तो फिर भी उसे लेखक मानने को तैया...
clicks 36  Vote 0 Vote  8:57am 23 Feb 2017

इन दोहन पर न जाइए

हालांकि, हिंदी साहित्य की दृष्टि से दोहा एक छोटा सा मांत्रिक छंद है लेकिन कथ्य  का संक्षिप्त एवं स्पष्ट वर्णन करने के लिए  यह बड़ा सशक्त माध्यम है.चरणो...
clicks 51  Vote 0 Vote  8:22am 14 Feb 2017

ऐतिहासिक चरित्रों से निकलती चिंगारी

इन दिनों मलिक मुहम्मद जायसीका पद्मावतऔर रानी पद्मावती इतर कारणों से चर्चा में है.फिल्मों और धारावाहिकों में ऐतिहासिक चरित्रों या जनमन में बसे चरित्रो...
clicks 56  Vote 0 Vote  8:05am 30 Jan 2017

अफ़साने और भी हैं

आज के इस वैज्ञानिक युग में निरंतर रहस्यपूर्ण खोजें होती रही हैं और आगे भी होती रहेंगी.प्रतिदिन के समचार पत्र नित नयी खोजों और अध्ययनों से भरी रहती हैं.21व...
clicks 57  Vote 0 Vote  8:10am 11 Jan 2017

कुछ रंग इनके भी

फ़िल्मी गीत,संगीत से इतर कुछ गीत,नज्म क्या दिल के करीब हैं आपके? जाहिर है,हममें से बहुतों के होंगें.कई गीत,नज्म जो किसी फिल्म के हिस्सा नहीं बने लेकिन हम सब ...
clicks 64  Vote 0 Vote  10:11am 5 Jan 2017

भुला नहीं देना जी भुला नहीं देना

हम हिन्दुस्तानियों को पुराने चीजों से खासा लगाव होता है.इन चीजों या उपकरणों पर मरम्मत में इसकी वास्तविक कीमत से ज्यादा खर्च कर बैठते हैं लेकिन इसे सहेज ...
clicks 70  Vote 0 Vote  11:55am 31 Dec 2016
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