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Laxmirangam: टूटते बंधन

Laxmirangam: टूटते बंधन: टूटते बंधन पाश्चात्य सभ्यता के अनुसरण की होड़ में जो सबसे महत्वपूर्ण बातें सीखी गई या सीखी जा रही है उनमें जो सर्वप्रथम स्थान पर आता है...
clicks 1  Vote 0 Vote  11:26am 13 Feb 2018

♥कुछ शब्‍द♥: मुरली वाले__❤

♥कुछ शब्‍द♥: मुरली वाले__❤: मुरली वाले तू सुनले पुकार नैया मेरी, फंस गई मजधार___ भूल हुई तुझको न जाना दिलने कभी तुमको न माना तुझमें ही सारे संसार का सार मुरल...
clicks 0  Vote 0 Vote  5:04pm 1 Feb 2018

चिड़िया: दो बालगीत

चिड़िया: दो बालगीत: 1- जानवरों का नववर्ष जंगल के पशुओं ने सोचा हम भी धूम मचाएँ , मानव के जैसे ही कुछ हम भी नववर्ष मनाएँ ! वानर टोली के जिम्मे है फल-फू......
clicks 20  Vote 0 Vote  9:42pm 19 Dec 2017

चिड़िया: बूँद समाई सिंधु में !

चिड़िया: बूँद समाई सिंधु में !: प्रीत लगी सो लगि गई, अब ना फेरी जाय । बूँद समाई सिंधु में, अब ना हेरी जाय ।। हिय पैठी छवि ना मिटे, मिटा थकी दिन-रैन । निर्मोही ...
clicks 24  Vote 0 Vote  8:21pm 26 Nov 2017

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण"

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण": पुस्तक समीक्षा रचना – मन दर्पण. रचनाकार – माड़भूषि रंगराज अयंगर. प्रकाशक – बुक बजूका पब्लिकेशन्स, कानपुर. मूल्य – र...
clicks 28  Vote 0 Vote  3:09pm 13 Nov 2017

चिड़िया: जब शरद आए !

चिड़िया: जब शरद आए !: ताल-तलैया खिलें कमल-कमलिनी मुदित मन किलोल करें हंस-हंसिनी ! कुसुम-कुसुम मधुलोभी मधुकर मँडराए, सुमनों से सजे सृष्टि,जब शरद आए !!! ......
clicks 55  Vote 0 Vote  11:34am 7 Nov 2017

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...: जीवन-घट रिसता जाए है... काल गिने है क्षण-क्षण को, वह पल-पल लिखता जाए है... जीवन-घट रिसता जाए है । इस घट में ही कालकूट विष, अमृत ह...
clicks 27  Vote 0 Vote  2:10pm 5 Nov 2017

चिड़िया: आनंद की खोज

चिड़िया: आनंद की खोज: आनंद की खोज आओ साथी मिलकर खोजें, जीवन में आनंद को, क्रोध, ईर्ष्या, नफरत त्यागें पाएँ परमानंद को... जीवन की ये भागादौड़ी, लगी रही ह......
clicks 26  Vote 0 Vote  11:23am 2 Nov 2017

Laxmirangam: डिजिटल इंडिया - मेरा अनुभव.

Laxmirangam: डिजिटल इंडिया - मेरा अनुभव.: डिजिटल इंडिया – मेरा अनुभव. उस दिन मेरे मोबाईल पर फ्लेश आया. यदि आप जिओ का सिम घर बैठे पाना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें. म...
clicks 70  Vote 0 Vote  2:34pm 31 Oct 2017

चिड़िया: रहिए जरा सँभलकर

चिड़िया: रहिए जरा सँभलकर: रहिए जरा सँभलकर  मंजिल है दूर कितनी,  इसकी फिकर न करिए बस हमसफर राहों के,  चुनिए जरा सँभलकर... काँटे भी ढूँढते हैं,  नजदीकि...
clicks 53  Vote 0 Vote  9:46am 28 Oct 2017
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