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एक व्यंग्य गीत : नेता बन जाओगे प्यारे--

"छुट-भईए"नेताओं को समर्पित ----"एक व्यंग्य गीत :- नेता बन जाओगे प्यारे-----😀😀😀😀😀पढ़-लिख कर भी गदहों जैसा व्यस्त रहोगेनेता बन जाओगे ,प्यारे ! मस्त रहोगेकौए ,हंस,ब...
clicks 0  Vote 0 Vote  10:35pm 20 Aug 2018

चन्द माहिया [सावन पे] : क़िस्त 52

चन्द माहिया  [सावन पे ] : क़िस्त 52[नोट : मित्रो ! विगत सप्ताह सावन पे चन्द माहिए [क़िस्त 51] प्रस्तुत किया थाउसी क्रम में -दूसरी और आखिरी कड़ी प्रस्तुत कर रहा हूँ--]:1...
clicks 0  Vote 0 Vote  3:22am 12 Aug 2018

चन्द माहिया सावन पे : क़िस्त 51

चन्द माहिया  [सावन पे ] : क़िस्त 51:1:सावन की घटा कालीयाद दिलाती हैवो शाम जो मतवाली:2:सावन के वो झूलेझूले थे हम तुमकैसे कोई भूले:3:सावन की फुहारों सेजलता है तन-मन...
clicks 0  Vote 0 Vote  8:11pm 8 Aug 2018

एक ग़ज़ल : ये आँधी,ये तूफ़ाँ--

एक ग़ज़ल : ये आँधी ,ये तूफ़ाँ--ये आँधी ,ये तूफ़ाँ ,मुख़ालिफ़ हवाएँभरोसा रखें, ख़ुद में हिम्मत जगायेंकहाँ तक चलेंगे लकीरों पे कब तकअलग राह ख़ुद की चलो हम बनाएँबहुत दू...
clicks 0  Vote 0 Vote  9:04pm 4 Aug 2018

चन्द माहिया : क़िस्त 50

चन्द माहिया : क़िस्त 501पल जो भी गुज़र जाताछोड़ के कुछ यादेंफिर लौट के कब आता ?2होता भी अयाँ कैसेदिल तो ज़ख़्मी हैकहती भी ज़ुबाँ कैसे ?3 तुम ने मुँह फेरा हैटूट गए सप...
clicks 0  Vote 0 Vote  5:55am 31 Jul 2018

Laxmirangam: बात कहनी है...

Laxmirangam: बात कहनी है...: बा त कहनी  है. तुमसे अब बात यही कहनी है  कि तुमसे बात नहीं करनी है. जुबां से मैं भी तुमसे कुछ न कहूँ न मुख से तुम भी मुझस......
clicks 0  Vote 0 Vote  6:42am 30 Jul 2018

कविता: उपदेशों की गंगा

कविता: उपदेशों की गंगासारांश:हींग      लगे  ना    फिटकरी,            रंग       आ     जावे,     चोखा।उपदेश  द...
clicks 16  Vote 0 Vote  12:45pm 22 Jul 2018

चन्द माहिया :क़िस्त 49

चन्द माहिया : क़िस्त 49:1:ये इश्क़ है जान-ए-जांतुम ने क्या समझाये राह बड़ी आसां ?:2:ख़ामोश निगाहें भीकहती रहती हैंकुछ मन की व्यथायें भी:3:कुछ ग़म की सौगातेंजब से गए हो...
clicks 6  Vote 0 Vote  10:01pm 21 Jul 2018

कविता: "बदरा की आत्मकथा"

कविता: बदराकीआत्मकथासारांश:सभी     इस      बात   का,               ध्यान         रखना,     ज़्यादा। जब      भ...
clicks 22  Vote 0 Vote  8:13am 21 Jul 2018

कविता: शब्द की हुँकार

कविता: शब्द की हुँकारसारांश:कभी कभी ख़ामोश हो जाता,     शब्द।नजरें     और  चेहरे  से   तब,             पढा        ...
clicks 19  Vote 0 Vote  8:53am 20 Jul 2018
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