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एक ग़ज़ल : दिल न रोशन हुआ----

एक ग़ज़ल :  दिल न रोशन हुआ-----दिल न रोशन हुआ ,लौ लगी भी नही, फिर इबादत का ये सिलसिला किस लिएफिर ये चन्दन ,ये टीका,जबीं पे निशां और  तस्बीह  माला  लिया किस लिए&...
clicks 14  Vote 0 Vote  5:59pm 17 Jul 2017

दिल्ली से चेन्नई : एक लम्बी ट्रेन यात्रा

दिल्ली से चेन्नई : एक लम्बी ट्रेन यात्रा4 महीने से जिस दिन का इंतज़ार कर रहा था आख़िरकार वो दिन आ गया। आज रात 10 बजे तमिलनाडु एक्सप्रेस से चेन्नई के लिए प्रस्थ...
clicks 9  Vote 0 Vote  11:05am 17 Jul 2017

एक क़ता-----

एक क़ता-----भला होते मुकम्मल कब यहाँ पे इश्क़ के किस्सेकभी अफ़सोस मत करना कि हस्ती हार जाती हैपढ़ो ’फ़रहाद’ का किस्सा ,यकीं आ जायेगा तुम कोमुहब्बत में कभी ’तेशा’...
clicks 4  Vote 0 Vote  12:45pm 15 Jul 2017

एक लघु चिन्तन:--देश हित में

एक लघु चिन्तन : --"देश हित में"जिन्हें घोटाला करना है वो घोटाला करेंगे---जिन्हें लार टपकाना है वो लार टपकायेगें---जिन्हें विरोध करना है वो विरोध करेंगे--- सब अप...
clicks 19  Vote 0 Vote  10:52am 12 Jul 2017

एक ग़ैर रवायती ग़ज़ल : कहने को कह रहा है------

एक  ग़ैर रवायती ग़ज़ल : कहने को कह रहा है-----कहने को कह रहा है कि वो बेकसूर हैलेकिन कहीं तो दाल में काला ज़रूर हैलाया "समाजवाद"ग़रीबो  से छीन कर बेटी -दमाद ,भाई -...
clicks 5  Vote 0 Vote  11:37am 10 Jul 2017

एक ग़ज़ल : मिल जाओ अगर तुम तो-----

एक ग़ज़ल :  मिल जाओ अगर तुम---मिल जाओ अगर तुम तो ,मिल जाये खुदाई हैक्यों तुम से करूँ परदा , जब दिल में सफ़ाई हैदेखा तो नहीं अबतक . लेकिन हो ख़यालों में सीरत की ते...
clicks 24  Vote 0 Vote  11:12am 1 Jul 2017

चन्द माहिया : क़िस्त 42

चन्द माहिया  :क़िस्त 42:1:दो चार क़दम चल करछोड़ तो ना दोगे ?सपना बन कर ,छल कर:2:जब तुम ही नहीं हमदमसांसे  भी कब तकअब देगी साथ ,सनम !:3:जज्बात की सच्चाईनापोगे कैसे ?इ...
clicks 11  Vote 0 Vote  10:49am 24 Jun 2017

मेरे मन की

मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की"की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी पहली ...
clicks 10  Vote 0 Vote  5:36pm 22 Jun 2017

चन्द माहिया : क़िस्त 41

चन्द माहिया: क़िस्त 41:1:सदक़ात भुला मेराएक गुनह तुम कोबस याद रहा मेरा:2:इक चेहरा क्या भायाहर चेहरे में वोमख़्सूस नज़र आया;3:कर देता है पागल जब जब साने सेढलता है ...
clicks 20  Vote 0 Vote  6:15pm 11 Jun 2017
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