अंतर्मंथन

हैप्पी होली --

होली पर्व हैमस्ती में आने का।खाने खिलाने का ,पीने पिलाने का।हंसने हंसाने का ,और सबको प्यार से गले लगाने का।लेकिन इतना प्यार भी नहीं दिखाने का ,कि तकरार ही...
clicks 43  Vote 0 Vote  12:20pm 20 Mar 2019

मुक्तक --

कभी सर्जिकल स्ट्राइक को फ़र्ज़ी बता रहे हैं,पत्थरबाजों की पिटाई पर आंसू बहा रहे हैं।स्विस बैंकों में अरबों रखने वाले पूछ रहे हैं ,बताओ खाते में पंद्रह लाख ...
clicks 57  Vote 0 Vote  9:55am 16 Mar 2019

भारत के नंदन , अभीनंदन , तुम्हे वंदन --

आतंक के ठिकानों की तबाही से मुँह मोड़ना पड़ा ,नापाक पाक को खुद अपना ही गुरुर तोड़ना पड़ा। मोदी ने विश्व नेताओं से मिलकर कसा ऐसा शिकंजा ,अभीनंदन को सही सलामत ...
clicks 51  Vote 0 Vote  3:52pm 5 Mar 2019

कुछ हंसी मज़ाक , कुछ बातें साफ साफ --

जिंदगी के सफर में हमसफ़र अनेक होते हैं ,कुछ बेवफा, बेगैरत , कुछ बन्दे नेक होते हैं।अच्छी सूरत देखकर झांसे में ना आओ यारो ,फेसबुक पर दिखते चेहरे अक्सर फेक होत...
clicks 47  Vote 0 Vote  12:00pm 11 Feb 2019

सर्दी में बाल कभी मत कटाओ --

आज फिर हमने कटिंग कराई ,आज फिर अपनी हुई लड़ाई ।नाई ने पूर्ण आहुति की पुकार जब लगाईं ,तो हमने कहा , बाल कुछ तो काटो भाई ।भले ही ले लो जितना तुमको माल चाहिए ,वो बो...
clicks 44  Vote 0 Vote  12:48pm 5 Feb 2019

पहले मुर्गी आई या अंडा --

विदेशों में सडकों पर,कोई हॉर्न नहीं बजाता।हॉर्न नहीं बजाता,क्योंकि वहां आवश्यकता नहीं होती।  आवश्यकता नहीं होती,क्योंकि वहां अनुशासन होता है।अनुशास...
clicks 46  Vote 0 Vote  11:00am 2 Feb 2019

जब अपना खाना खुद ही बनाना पड़ा --

एक दिन एक महिला बोली ,डॉक्टर साहब,आप पत्नी पर कविताक्यों नहीं सुनाते हैं।हमने कहा , हम लिखते तो हैं ,लेकिन पत्नी को सुनाने सेघबराते हैं।एक बार हमने,पत्नी ...
clicks 41  Vote 0 Vote  10:23am 31 Jan 2019

पत्नी और कविता --

एक दिन एक महिला बोली ,डॉक्टर साहब,आप पत्नी पर कविताक्यों नहीं सुनाते हैं।हमने कहा , हम लिखते तो हैं ,लेकिन पत्नी को सुनाने सेघबराते हैं।एक बार हमने,पत्नी ...
clicks 40  Vote 0 Vote  2:36pm 29 Jan 2019

एयर चाइना की एयर होस्टेस -- एक मुक्तक --

एयर चाइना की एयर होस्टेसबोल कम मुस्करा ज्यादा रही थी,इंग्लिश में उसकी बातें हमें कुछ भीसमझ में नहीं आ रही थी।हम थे परेशान और उसकीपेशानी पर भीआ रहा था पसी...
clicks 47  Vote 0 Vote  12:44pm 28 Jan 2019

गत वर्ष का एक निष्पक्ष लेखा जोखा --

देखते देखते गुजर गया एक और साल ,जाते जाते देखिये कर गया क्या हाल । हम ले रहे थे ऑस्ट्रेलिया में गर्मियों के मज़े ,वापस आये तो सर्दी और प्रदुषण ने कर दिया बे...
clicks 66  Vote 0 Vote  12:46pm 3 Jan 2019
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