अंतर्मंथन

टाइम बैंक -- बुजुर्गों का साथी :

देश में बुजुर्गों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। विशेषकर शिक्षित परिवारों में बुजुर्गों के एकाकीपन की समस्या और भी गंभीर होती जा रही है क्योंकि अक्सर ...
clicks 29  Vote 0 Vote  12:41pm 11 Jul 2018

न जाने क्यों ---

न जाने क्यों ,बारिश का मौसम है ,पर बरखा नहीं होती !सावन का महीना है ,वो काली घटा नहीं होती। न जाने क्यों ,आंधियां चलती हैं पर ,अब पुरवाई नहीं चलती,मौसम बदलता...
clicks 39  Vote 0 Vote  12:04pm 5 Jul 2018

कुछ बातें इतिहास के पन्नों में दब कर गुम हो जाती हैं --

देश के इतिहास में १९७५ -७७ का समय एक काला धब्बा माना जाता है जब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने देश में एमरजेंसी लागु कर दी थी। इसी दौरान इं...
clicks 22  Vote 0 Vote  9:00am 23 Jun 2018

देश को कैसे विकास की राह पर आगे ले जाएँ ---

हमारे देश की सबसे बड़ी और जन्मदाता समस्या है जनसँख्या। १३० + करोड़ की जनसँख्या में जिस तरह निरंतर वृद्धि हो रही है, उससे यह निश्चित लगता है कि अगले ५ वर्षों म...
clicks 28  Vote 0 Vote  10:25am 18 Jun 2018

डर है तो इंसान है , वर्ना हैवान है ...

हम भारतीय अपने देश में जितना चाहे अराजकता फैला लें , लेकिन विदेश जाकर सभ्य इंसानों की तरह व्यवहार करना शुरू कर देते हैं।  इसका कारण है वहां नियमों और कान...
clicks 21  Vote 0 Vote  2:30pm 7 Jun 2018

कुदरत की देन को संभालना तो खुद ही पड़ता है - यूरोप , एक सैर ....

पिछले १७ -१८ दिन से हम आपको यूरोप की मुफ्त सैर करा रहे हैं।  अच्छी अच्छी फोटोज दिखा रहे हैं , लुभा रहे हैं , चिड़ा रहे हैं और शायद जला भी रहे हैं। लेकिन अब समय ...
clicks 9  Vote 0 Vote  10:37am 27 May 2018

अध्यक्ष के चुनाव में फूलवालों की होड़ ...

सभा समाप्त होते ही :नव निर्वाचित अध्यक्ष पर फूल मालाओं की जो लगी झड़ी।सारे श्रोताओं में फोटो खिंचवाने की जैसे होड़ सी लग पड़ी।देखते देखते श्रोताओं से सारा ...
clicks 62  Vote 0 Vote  2:44pm 16 Apr 2018

वाट्स अप जिंदगी ---

आंधी वर्षा से नर्माई रात्रि उपरांत ,शीतल सुहानी भोर में अपार्टमेंट की,बालकॉनी में बैठ कर चाय की चुस्कियां लेते,दूर क्षितिज में छितरे बादलों की खिड़की सेश...
clicks 54  Vote 0 Vote  9:58am 7 Apr 2018

हमारे रंग देख कर तो गिरगिट क्या नेता भी जलते हैं --

एक हास्य कवि ने चुनाव में नामांकरण पत्र भर दिया,तो एक पत्रकार ने मंच पर ही कवि जी को धर लिया।  बोला, ज़नाब क्या एक सवाल का जवाब दे पाएंगे !आप तो कवि हैं, फिर आ...
clicks 34  Vote 0 Vote  12:45pm 3 Apr 2018
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