क्षितिज(horizon)

सिनेमाई नंगई के विरोध मे कौन जलाएगा मोमबत्ती

देश के किसी शहर मे किसी महिला के साथ  बलात्कार होता है तो मोमबत्तियां लिए एक सैलाब सड़कों पर आ जाता है |नारे,धरना-प्रदर्शनों का सिलसिला ही चल पड़ता है और भा...
clicks 21  Vote 0 Vote  11:49am 11 Jun 2018

महज मोमबत्ती जलाने से दूर नही होगा अंधेरा

गौर से देखें तो महिला संगठन अपनी नेतागिरी और मध्यमवर्गीय समाज मोमबत्तियां जला कर रोष व शोक व्यक्त कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं | राजनीतिक दल अवसर का लाभ उठा ...
clicks 28  Vote 0 Vote  1:47pm 4 Jun 2018

एक आंसू का सफरनामा (16 अप्रैल जन्मदिवस पर)

आज जब दुनिया से हंसी गायब हो रही है बरबस याद आते है चार्ली चैपलिन । दुनिया भर के बच्चे जिस चेहरे को आसानी से पहचान लेते है वह चार्ली चैपलिन का ही है। चैपलिन...
clicks 78  Vote 0 Vote  11:10am 16 Apr 2018

वसंतोत्सवों का चरम है होली

साहित्य में कामदेव की कल्पना एक अत्यन्त रूपवान युवक के रूप में की गई है और ऋतुराज वसंत को उसका मित्र माना गया है ।कामदेव के पास पांच तरह के बाणों की कल्पन...
clicks 38  Vote 0 Vote  1:21pm 28 Feb 2018

नाकाम मोहब्बत की एक दास्तां / मधुबाला (पुण्य तिथि 23 फरबरी )

“ हमे काश तुमसे मुहब्बत न होती,कहानी हमारी हकीकत न होती ......... शायद यह किसी को भी न पता था कि सिनेमा के परदे पर अनारकली बनी मधुबाला पर फिल्माया यह गीत उनकी असल...
clicks 54  Vote 0 Vote  11:50am 23 Feb 2018

लड़की की आंखों मे लट्टू होता मीडिया

एक लड़की ने आंख क्या मारी पूरा देश मानो उसका दीवाना हो गया |अपने को जिम्मेदार चौथा खंभा कहने वाले भारतीय मीडिया को तो मानो मन मांगी मुराद मिल गई हो |वह आंख म...
clicks 64  Vote 0 Vote  4:39pm 20 Feb 2018

सेक्स अपराधों मे पुरूष ही कटघरे मे क्यों ?

वाकई हम एक भेड़चाल समाज है |एक सुर मे चलने वाले लोग |जब पहला सुर टूटता है तब दूसरे को पकड़ लेते है और इसी तरह तीसरे सुर को |इस तरह ताले बजाने वाले इस सुर से उस सु...
clicks 50  Vote 0 Vote  1:40pm 23 Jan 2018

ओनली लिपिस्टिक इज नाट अंडर योर बुर्का

       आश्चर्य होता है कभी कभी कि राजनीति से जुडी एक घटिया गोसिप पर मीडिया के सभी माध्यमों से लेकर सोशल मीडिया मे भी कई कई दिन तक बहस हो सकती है लेक...
clicks 110  Vote 0 Vote  1:09pm 9 Aug 2017

रूठा हुआ सावन

      वसंत के बाद अगर किसी के स्वागत के लिए पलकें बिछाई जाती हैं तो वह है सावन । कौन ऐसा अभागा होगा जिसका सावनी फुहारों मे मन मयूर नृत्य करने के लिए म...
clicks 88  Vote 0 Vote  2:05pm 5 Jul 2017

तुम जियो हजारों साल ....

नींद की पांखों पर / उडा मैं स्वप्न में / ओस से तरबतर घाटी के उस पार / छ्तों से भी ऊपर / जंगल से भी ऊपर / जंगल के अंदर तक / सांभर पुकारते थे जहां अपने प्रिय को / और मो...
clicks 85  Vote 0 Vote  1:12pm 18 May 2017
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