...Sochtaa hoon......!

लघुकथा- सपना

लघुकथा- सपनाअर्धरात्रि का समय।  दिनभर की मजदूरी से थक-मांदा रग्घू फटी-सी कथरी पर गहरी नींद में सो रहा था ।गहरी नींद के साथ स्वप्न में डूबा वह देख रहा था,स...
clicks 16  Vote 0 Vote  3:06pm 10 Mar 2018

लघुव्यंग्य- हमने तो यही कहा था

लघुव्यंग्य-हमने तो यही कहा थायूँ तो राजधानी बहुत सी विशेषताओं के अलावा हड़तालों ,जुलुस और रैलियों की भीड़ के लिए भी पहचानी जाती है । ऐसे ही एक कर्मचारी सं...
clicks 31  Vote 0 Vote  8:06pm 1 Mar 2018

लघुकथा -जवाब

लघु कथा - जवाबशहर के फ़्लैट में ब्लू फिल्म बनाये जाने की सूचना मिली ।पुलिस ने छापामार कर एक लड़की व दो लड़कों को संदिग्ध हालात सहित फिल्मांकन करने वाली पूरी ...
clicks 36  Vote 0 Vote  11:53am 14 Feb 2018

लघु व्यंग्यकथा - परिवर्तन

लघु व्यंग्य कथा- परिवर्तन"मुझे तो कमाऊ पति चाहिए ।भले वह मुझसे कितना ही कम पढ़ा -लिखा हो ।"उसने सहेली से चर्चा के दौरान कहा ।"क्या कह रही है तू इतनी पढ़ी-लिखी ह...
clicks 12  Vote 0 Vote  11:12am 14 Feb 2018

लघुकथा -संतुष्ट सोच

लघुकथा - संतुष्ट सोच नगर के करीब ही सड़क से सटे पेड़ पर एक व्यक्ति की लटकती लाश मिली । देखने वालों की भीड़ लग गयी ।लोगों की जुबान पर तर्कों का सिलसिला शुरू हो...
clicks 28  Vote 0 Vote  10:33am 11 Feb 2018

लघु कथा -समर्पण

लघुकथा- समर्पणवह छः माह बाद अपने गाँव लौटा था । मजदूरी के चक्कर में पूरे परिवार सहित पलायन कर जबलपुर चला गया था । "रमलू कब लौटा ?"किसी ने उससे पूछा ।"आज ही ग...
clicks 19  Vote 0 Vote  12:03pm 4 Feb 2018

लघु कथा-न्याय

लघु कथा- न्याययूँ तो वह थाने में आने वाली रेप पीड़िताओं के साथ कभी न्याय करता नजर नहीं आया । अक्सर पीड़िताओं को उसकी दबंगई के चलते दुत्कार ही मिली पिछले मा...
clicks 18  Vote 0 Vote  11:40am 4 Feb 2018

लघुकथा- फर्क

 लघुकथा-फर्कएक होटल में पुलिस का छापा पड़ा  ।छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार जोड़ों को गिरफ्तार किया । वे सब रईस खानदान से थे ।छापामार टीम  एक सिपाही -"ये...
clicks 57  Vote 0 Vote  8:45pm 30 Jan 2018

लघु कथा - संस्कृति का दान

लघु कथा - संस्कृति का दानक्षेत्र आपदा पीड़ित । सहयोग हेतु एक संस्था आगे आयी । वह संस्था जरूरतमंद लोगों के लिए नए पुराने कपड़ों का दान मांग रही थी ।संस्था की ...
clicks 32  Vote 0 Vote  8:14pm 30 Jan 2018

लघुकथा - सोच

लघु कथा - सोच"रमेश सुना है ,आजकल तुम गरीब बस्ती बहुत दिख रहे हो । धनाढय पिता का प्रश्न  ।"हाँ ,मैं गरीबों की मदद करने जाता हूँ ।उन्हें मुफ्त शिक्षा दे रहा हू...
clicks 45  Vote 0 Vote  7:18pm 28 Jan 2018
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