कारवॉं karvaan

अपने दुख से सौंदर्य की रचना करो : वॉन गॉग - कुमार मुकुल

चित्रकार बनने की आकांक्षा वॉन गॉग में शुरू से थी। गरीबी और अपमान में मृत्यु को प्राप्त होनेवाले महान चित्राकार रैम्ब्रां बहुत पसंद थे विन्सेन्ट को और ...
clicks 6  Vote 0 Vote  12:29pm 12 Dec 2018

स्त्रियां पिकासो की - कुमार मुकुल

सिद्ध मनोविज्ञानी कार्ल युंगने अपने एक लेख में पिकासो और उसकी कला को स्क्जिोफ्रेनिक कहा था। पिकासो के जीवन में और उसके चित्रों में आई दर्जन भर से ज्याद...
clicks 24  Vote 0 Vote  2:06pm 5 Dec 2018

कथा - लगभग खुशी

4 फरवरी 2016क्या आज का मेरा दिन खुशी में बीता है? दुकानदार से छुटटा पैसों की जगह माचिस की बजाए मिले तीन चॉकलेट मुंह में डालते हुए मैंने सोचा कि लगभग खुशी ही है ...
clicks 13  Vote 0 Vote  1:03pm 26 Nov 2018

दम तोड़ती जातिवादी राजनीति - कुमार मुकुल

करीब बीस साल पहले लिखा गया आलेखजाति और धर्म के काठ की हांड़ी राजनीति के चूल्हे पर एक-एक बार चढ़ चुकी है और अब अपने स्वाभाविक विकृत अंत की ओर बढ़ रही है। बिहार ...
clicks 15  Vote 0 Vote  11:33am 24 Nov 2018

स्त्री को लेकर प्रबुद्ध समाज का नजरिया

Thursday, 22 March 2012  लगाएक पूरी नदी उछल कर मुझे डुबो देगीपर मुझे डर न थामारे जाने की सदियों की धमकियों के बीचमन ठहरा था आज    -  वर्तिका नंदास्त्री विमर्श के इस ...
clicks 14  Vote 0 Vote  3:06pm 22 Nov 2018

हिंसा और अहिंसा, ईसा, बुद्ध, गांधी और गोडसे - कुमार मुकुल

 हिंसा और अहिंसा क्या हैजीवन से बढ़ हिंसा क्या है - केदारनाथ अग्रवालउपरोक्‍त पंक्तियां स्‍पष्‍ट करती हैं कि हिंसा और अहिंसा अपने आप में कुछ नहीं हैं। उ...
clicks 40  Vote 0 Vote  11:48am 21 Nov 2018

आलोचना के संदिग्ध संसार में एक वैकल्पिक स्वर : प्रकाश

इधरके वर्षों में हिंदी आलोचना का वरिष्ठ संसार बड़ी तेजी से संदिग्ध और गैरजिम्मेदारन होता गया है। आलोचना की पहली, दूसरी...परंपरा के तमाम उत्तराधिकारी, जिन...
clicks 34  Vote 0 Vote  11:29am 20 Nov 2018

‘सामाजिक परिवर्तन में बाधक हिन्दुत्व’ दलित चिंतक एच एल दुसाध

 ‘सामाजिक परिवर्तन में बाधक हिन्दुत्व’दलित चिंतक एच एल दुसाध का दुसाध प्रकाशन से आया हजार पृष्ठों का ग्रंथ है। श्री दुसाध पत्रकारिता को समर्पित अके...
clicks 46  Vote 0 Vote  10:42am 19 Nov 2018

वेदों में क्‍या है (1) - कुमार मुकुल

वेदों की आधारभूमी स्पष्ट है कि खेतिहर समाज के लिए वर्षा प्राथमिक जरूरत है, इसी तरह बादलों से वर्षा कराने वाले इंद्र की पूजा भी स्वाभाविक है।वेद आदिग्रंथ...
clicks 17  Vote 0 Vote  10:59am 17 Nov 2018

दास्‍तोएवस्‍की के प्रेम - कुमार मुकुल

उपन्‍यास जगत की महान हस्‍ती और अपराध और दंडजैसी सार्वकालिक कृति के सर्जकदास्‍वोएवस्‍की के जीवन को हम देखें तो वह भी अपराध और दंड के जटिल संजाल में गुत्...
clicks 17  Vote 0 Vote  11:26am 16 Nov 2018
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