बाल सजग

कविता : दोस्ती रंग लाती है

"दोस्ती रंग लाती है " दोस्ती  भी क्या रंग लाती हैं,दोस्तों की भी याद आती है | दोस्ती ऐसा ज़ख्म दे जाती है, दूसरों को प्यार , हमें रुलाती है | दोस्ती नीं...
clicks 0  Vote 0 Vote  3:39pm 10 Apr 2018

कविता : लोगों की भरमारी

"लोगों की भरमारी "ये दुनिया है कितनी प्यारीजहाँ है लोगों की भरमारी | कुछ से लोग होते हैं अमीर,तो कुछ से लोग होते हैं गरीब | जिनमें है ऊँच नीच , न जाने ...
clicks 0  Vote 0 Vote  3:26pm 10 Apr 2018

कविता : आँखों के ख्वाब

"आँखों के ख्वाब " नन्हें आँखों के ख्वाब चूर हो गया , क्योंकि मैं उस लम्हें से दूर हो गया | प्यारी सी आँखों में ,जिसमें ख्वाब थे,जिसमें सपने सजे थ...
clicks 15  Vote 0 Vote  4:08pm 9 Apr 2018

कविता :"ख्वाबों को सजाना चाहता हूँ "

"ख्वाबों को सजाना चाहता हूँ "छोटे छोटे ख्वाबों को सजाना चाहता हूँ,हर लम्हा को याद करना  चाहता हूँ | खुलकर मैं जीना चाहता हूँ, हर एक यादगार पल को | और या...
clicks 0  Vote 0 Vote  6:24am 8 Apr 2018

Poem " Value of your one word "

" Value of your one word "The value of your one word, might be create difference .word will not be worthless, it bring a shiny appearance . persistence of your goal,endeavour it till last movement .get your resulted reward,with full of enjoyment  .word could be creation celebration, lack of sorrow only admiration .Name : Pranjul kumar , Class : 9th , Apna Ghar ...
clicks 0  Vote 0 Vote  4:06pm 4 Apr 2018

कविता "क्या कहेंगे आप "

"क्या कहेंगे आप "मेरे कुछ न कह सकने की, विवस्ता को क्या कहेंगे आप | मैं  कायर भी नहीं हूँ, मैं गूँगा भी नहीं हूँ | लेकिन फिर भी मैं,कुछ नहीं कह पाता ...
clicks 0  Vote 0 Vote  3:46pm 4 Apr 2018

कविता "जीवन के मोड़ "

"जीवन के मोड़ "जीवन के मोड़ अनजान होते हैं, हर नए मोड़ में हम मेहमान होते हैं | समझकर चलते रहना है हमको,हर मुसीबत को सुलझाना है तुझको | किस मोड़ पर क्या हो पता...
clicks 0  Vote 0 Vote  5:12am 4 Apr 2018

कविता : चिड़िया

"चिड़िया " चिड़िया बैठी थी दो - चार, पेड़ पर अपने पंख पसार | बिना कष्ट बिना मेहनत के,नहीं मिलता यहाँ आराम | उनके जीवन में होता है, बस काम ही काम | चा...
clicks 3  Vote 0 Vote  7:09am 26 Mar 2018

कविता : एक बात

"एक बात "सपनों में पली एक बात, नहीं बता पायेंगें हम | नहीं रहेगी ये खुदगर्ज दुनियाँ,, नहीं रहेंगें हम | बढ़ गई है ये दुनिया, नहीं बदले हम | दुनियाँ की ...
clicks 2  Vote 0 Vote  7:00am 25 Mar 2018

कविता : विलाप करके क्या फायदा

"विलाप करके क्या फायदा "सोच - सोचकर सपने देखकर,विलाप करके क्या फायदा | मन की अचरज बात को सोचकर,सहमे जिंदगी जीने का क्या फायदा | चिंता के साथ क्या जीना,जो ज...
clicks 0  Vote 0 Vote  9:44pm 24 Mar 2018
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