बाल सजग

कविता : जिंदगी की जंग

"जिंदगी की जंग "जिंदगी की जंग खूब लड़ेंगें हम, जिंदगी की जंग जीत लेंगें हम | हमें यकीन है  ये बदलेगा मौसमआंखें नम होगी न होगें, दिल कोई गम  न होंगें | जिं...
clicks 8  Vote 0 Vote  6:07am 19 May 2020

कविता : हरियाली बन जाऊँ

"हरियाली बन जाऊँ "हरियाली को देखकर मन करता है,खुद भी हरियाली में ढल जाऊँ | शान्त स्वभाव से बढ़ता रहूँ,पानी न मिलने पर मैं सूख जाऊँ | हवा जब मेरे पास से गुजर...
clicks 29  Vote 0 Vote  6:18am 12 May 2020

कविता : मौसम है कितने प्यारे

"मौसम है कितने प्यारे "बदलते मौसम के नज़ारे ,लगते हैं कितने प्यारे |कहीं धूप तो कहीं छाँव है,इस मौसम में सब बेहाल हैखेतों में ही हरियाली है गांव में या खलिय...
clicks 5  Vote 0 Vote  5:59am 30 Apr 2020

कविता : "एक कहानी "

 "एक कहानी "इस कहानी की है बात बड़ी,एक छोटे राज्य रानी बीमार पड़ी | जिंदगी और मौत के साथ खड़ी,यह कहानी की है बात बड़ी | डॉक्टर ने उसको  दवा दिया,विश्वास के साथ इल...
clicks 10  Vote 0 Vote  6:03am 28 Apr 2020

कविता : राज पाठ

"राज पाठ "जिंदगी से बढ़कर जिसको प्यारा होता है राज, अपनों से बढ़कर जिसको प्यारा होता है राज | जिसको प्यारी है सिर्फ उसकी कुर्सी, जो राज पाठ के लिए कभी नहीं करता...
clicks 11  Vote 0 Vote  6:03am 24 Apr 2020

कविता : बसंत के मौसम में

"बसंत के मौसम में "बसंत के मौसम में,कुछ तो अलग होगा चाँद और सितारों के बीच कोई तो राज़ होगा | बसंत के मौसम में, शहर में खुशहाली है | भगवान के चरणों में प...
clicks 13  Vote 0 Vote  6:37am 25 Mar 2020

कविता : रंगों की होली

"रंगों की होली "होली है रंगों का त्यौहार,बच कर रहना मेरे यार |अबीर -गुलाल लगा रहे हैं,अच्छा - अच्छा खिला रहे हैं |सबको रंग लगा रहे हैंउड़ रहा है रंगों का फौवार,ख़...
clicks 12  Vote 0 Vote  6:23am 24 Mar 2020

कविता : नई जिंदगी

"नई जिंदगी "मनुष्य की नई जिंदगी,और स्वभाव सुन्दर बनाता है | डर और अभ्यास अपने से दूर करता है | रास्ते और सफर दोनों ही तय करते हैं की मनुष्य की परिश्र...
clicks 14  Vote 0 Vote  6:31am 23 Mar 2020

कविता : बच्चों की टोली होली में

"बच्चों की टोली होली में "होली आई होली आई,रंग बिरंगी होली आई |  होली में उड़ते हैं रंग,सब हो जाते है रंग बिरंग | सब लोग साथ में खेलते होली,एक दूसरे के मारते...
clicks 19  Vote 0 Vote  6:17am 22 Mar 2020

कविता : कल की दुनिया हमारी है

"कल की दुनिया हमारी है "शहमें हम रह चुके, गम हम सह चुके |तेरे बातों में भी गौर किया मैंनेतेरे कहने पर जिंदगी जिया हमनेपर कुछ मिलने की आशा न दिखी मुझकोक्योंक...
clicks 11  Vote 0 Vote  7:48am 20 Mar 2020
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