मेरी जुबानी

ओ धृतराष्ट्र

ओ धृतराष्ट्र ओ धृतराष्ट्र, क्यों तुझे शर्म नहीं आई? घर की आबरू से जब सारेआम खिलवाड़ हो रहा था.. जब तथाकथित अपने ही अपनों को दांव पर लगा रहे थे.. "तो तू मौन खड़ा...
clicks 15  Vote 0 Vote  7:34pm 1 Jan 2019

रात की थाली.( लघुकथा)

रात की थाली(बीस वर्षीया रागिनी को क्या पता था कि सिंक में रखी वह एक थालीउसके ऊपर इतनी भारी पड़ेगी।) भोजन समाप्त होने के पश्चात रागिनी, विकास, और उनका बे...
clicks 4  Vote 0 Vote  3:11pm 29 Dec 2018

जी चाहता है...

जी चाहता है फिर से जी लूँउन लम्हों कोबने थे साखी जो हमारे पवित्र प्रेम के,गुजर गए जो बरसों पहले ,कर लूँ जीवंत उन्हें ,फिर एक बार ....जी चाहता है अलौकिक...
clicks 10  Vote 0 Vote  12:21am 24 Nov 2018

कुछ द्वीपदियाँ

कुछ द्वीपदियाँ1 : फितरतछीन लूँ हक किसी का, ऐसी फितरत नहीं.आईना जब भी देखा, खुशी ही हुई.**2: नियतिनियत तो अच्छी थी,पर नियति की नीयत बिगड़ गई *जीवन के थपेड़े ख...
clicks 9  Vote 0 Vote  11:16pm 20 Nov 2018

एक और वनवास

~एक और वनवास~ढूँढ रही थी अपने पिता की छविउस घर के  सबसे बड़े पुरुष मेंएक स्त्री को माँ भी समझ लिया थाप्रेम की गंगा बह रही थी हृदय से मेरेलगा था बाबुल का घर ...
clicks 20  Vote 0 Vote  9:01pm 17 Nov 2018

मेरी प्रेयसी.... 💖हाइकू

मेरी प्रेयसी... 💖 हाइकू1:मन मंदिरप्रेयसी का हमारीप्रेम अमर2:उजला रंगसुन्दर चितवनछेड़े तरंग3:अपनापनगोरी तू जतातीन सकुचाती4:मनभावनलबों पर मुस्कानतू मेरी ज...
clicks 32  Vote 0 Vote  2:55pm 5 Nov 2018

ढल जा ऐ रात....

ढल जा ऐ रात...मुझे सूरज को मनाना हैबहुत दिन हुएन जाने क्यूँ...मुझसे रूठा हुआ है......
clicks 19  Vote 0 Vote  11:44pm 11 Oct 2018

Happiness is....

...
clicks 35  Vote 0 Vote  1:52pm 23 Sep 2018

कान्हा.... ओ कान्हा..

तेरे काँधे पर सिर रखके सुकूं पाती हूँ. कान्हा, तुझमें इतनी कशिश क्यों है????...
clicks 21  Vote 0 Vote  11:04pm 20 Sep 2018

मना है...

न  दौड़ना मना है, न  उड़ना मना हैन गिरना मना है , न चलना मना है! जो बादल घनेरे, करें शक्ति प्रदर्शन तो भयभीत होना, सहमना मना है! पत्थर मिलेंगे, और कंकड़ भी हो...
clicks 23  Vote 0 Vote  10:50pm 19 Sep 2018
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