मेरी जुबानी

सिग्नल गाथा

1:गुटखा चबाकरमुँह से पीकगिराती हुईमैले वसनों मेंउस हृष्ट - पुष्टस्थूल कायस्याह वर्णपरपोषितपैंतीस छत्तीसवयीनपरोपजीवीवयस्का कोमस्तक उठाकरभीख मांगना...
clicks 27  Vote 0 Vote  8:59pm 6 Apr 2019

नयन पाश

खिंचा आया था पुष्प में, अलि की तरहपाश में ऐसा जकड़ा, निकल न सका।इन निगाहों ने ऐसा असर कर दियान मैं जिंदा रहा, और न मर ही सका।है प्रशांत सबसे गहरा, या चितवन ते...
clicks 4  Vote 0 Vote  3:47pm 6 Apr 2019

ग़रीबी - प्रश्न चिह्न

गरीबी- प्रश्नचिह्नतरसते दो जूनकी रोटी कोधन और साधन कीकमी से जूझतेमैले- कुचैलेचीथड़ों मेंजीवन केअनमोल स्वप्न सजातेसूखे शरीर से चिपकेनवजात कोअपने आँचल...
clicks 18  Vote 0 Vote  10:59pm 30 Mar 2019

कलम बीमार है..

न उठना चाहती है,न चलना चाहती है.स्वयं में सिमट कररह गई मेरी कलमआजकल बीमार रहती है.आक्रोशित हो जब लिखती है अपने मन कीतो चमकती है तेज़ टहकार- सी.चौंधिया देने ...
clicks 4  Vote 0 Vote  11:58pm 24 Mar 2019

8 मार्च

      8 मार्च8 मार्च ये कोई तारीख हैया स्त्री के जख्मों परसाल दर साल बड़े प्रेम सेछिड़का जाने वाला नमक..ये 8 मार्च आखिर आता क्यों हैऔर आता भी है तो चुपचापच...
clicks 39  Vote 0 Vote  11:09pm 9 Mar 2019

ललकार रहा है हिंदुस्तान...

ललकार रहा है हिंदुस्तानललकार रहा है हिन्दुस्तानसुधर जा ओ अब पाकिस्तान!मारो, काटो, आतंक करो...ऐ दहशत गर्दों शर्म करो...क्या इस्लाम यही सिखलाता है?क्या कुरा...
clicks 6  Vote 0 Vote  10:44pm 14 Feb 2019

धुंँधले अल्फाज़..

छूटा कुछ भी नहीं है ।जिन्दगी के हर सफ़हे कोबड़ी इत्मीनान से पढ़ा है मैंने।मटमैली जिल्द चढ़ी वह किताबबिलकुल सही पते पर आई थी।अच्छी तरह से उलट - पलट करबड़े ...
clicks 47  Vote 0 Vote  9:59pm 6 Feb 2019

आया वसंत.. हाइकू

आया वसंत (हाइकू)आया वसंत    कूजति कोयलिया         गूंजी धरणीफूली सरसो    पियराई अवनि        छाई मुस्कानअमराई में   मंजरी निहारत      ...
clicks 7  Vote 0 Vote  11:24am 6 Feb 2019

सिसकती यादें....

सिसकती यादें...उस पुराने संदूक मेंपड़ी थी यादों कीकुछ किरचें.खुलते हीहरे हो गएकुछ मवादी जख्म.जो रिस रहे थेधीरे - धीरे.खुश थेअपनी दुर्गंध फैलाकर.दफ्न कर के...
clicks 17  Vote 0 Vote  11:11am 2 Feb 2019

वो संदली एहसास...

वो संदली एहसास..खुलायादों का किवाड़,और बिखर गईहर्ष की अनगिनस्मृतियाँ.झिलमिलातीरोशनी में नहाईवो शुभ्र धवल यादें,मेरे दामन से लिपट करकरती रही किलोल.रोमा...
clicks 11  Vote 0 Vote  12:04am 2 Feb 2019
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