स्वप्न मेरे ...

कुछ दराज़ों में डाल रक्खी हैं ...

चूड़ियाँ कुछ तो लाल रक्खी हैं जाने क्यों कर संभाल रक्खी हैंजिन किताबों में फूल थे सूखे शेल्फ से वो निकाल रक्खी हैं  हैं तो ये गल्त-फहमियाँ लेकिन चाहतें द...
clicks 1  Vote 0 Vote  12:51pm 17 Jul 2018

परदे न हों तो दीप जलाते नहीं ... सुनो ...

हम इसलिए फरेब में आते नहीं ... सुनोआँखों से आँख उनकी मिलाते नहीं ... सुनोअच्छा किया जो खुद ही ये झगड़ा मिटा दियाइतने तो नाज़ हम भी उठाते नहीं ... सुनोमंज़ूर है ...
clicks 6  Vote 0 Vote  6:28pm 9 Jul 2018

दरख्तों से कई लम्हे गिरेंगे ...

किसी की याद के मटके भरेंगेपुराने रास्तों पे जब चलेंगे कभी मिल जाएं जो बचपन के साथी गुज़रते वक़्त की बातें करेंगेगए टूटी हवेली पर,यकीननदिवारों से कई किस्से...
clicks 5  Vote 0 Vote  7:35am 2 Jul 2018

हवा ने दिन को सजा दिया है ...

ये दाव खुद पे लगा दिया है तुम्हारे ख़त को जला दिया है तुम्हारी यादों की ईंट चुन कर  मकान पक्का करा दिया है जहाँ पे टूटा था एक सपना वहीँ पे पौधा उगा दिया है श...
clicks 0  Vote 0 Vote  8:16am 25 Jun 2018

बच्चे ज़मीन कैश सभी कुछ निगल गए ...

सूरज खिला तो धूप के साए मचल गए कुछ बर्फ के पहाड़ भी झट-पट पिघल गए तहजीब मिट गयी है नया दौर आ गया इन आँधियों के रुख तो कभी के बदल गए जोशो जुनून साथ था किस्मत अटक ...
clicks 3  Vote 0 Vote  8:38am 18 Jun 2018

साथ गर मेरा तुम्हे स्वीकार हो ...

जीत मेरी हो न तेरी हार हो जो सही है बस वही हरबार हो रात ने बादल के कानों में कहा हट जरा सा चाँद का दीदार होनाव उतरेगी सफीनों से तभीहाथ में लहरों के जब पतवार ह...
clicks 3  Vote 0 Vote  9:40am 11 Jun 2018

सुबह की चाय में बिस्कुट डुबा कर ...

नहीं जाता है ये इक बार आ करबुढ़ापा जाएगा साँसें छुड़ा कर फकत इस बात पे सोई नहीं वो अभी सो जायेगी मुझको सुला कर तुम्हारे हाथ भी तो कांपते हैं में रख देता हूँ य...
clicks 2  Vote 0 Vote  7:51am 4 Jun 2018

बाल में ऊँगली फिराना तो नहीं ...

होठ दांतों में दबाना तो नहींयूँ ही कुछ कहना सुनाना तो नहींआप जो मसरूफ दिखते हो मुझे गम छुपाने का बहाना तो नहीं एक टक देखा हँसे फिर चल दिएसच कहो, ये दिल लगान...
clicks 23  Vote 0 Vote  7:02am 28 May 2018

दिन पुराने ढूंढ लाओ साब जी ...

दिन पुराने ढूंढ लाओ साब जी लौट के इस शहर आओ साब जी कश पे कश छल्लों पे छल्ले उफ़ वो दिन विल्स की सिगरेट पिलाओ साब जी मैस की पतली दाल रोटी,पेट फुलपान कलकत्ति खि...
clicks 38  Vote 0 Vote  9:44am 22 May 2018

यादों की खुशबू से महकी इक चिट्ठी गुमनाम मिली ...

जाने किसने भेजी है पर मुझको तो बे-नाम मिली आज सुबह दरवाज़ा खोला तो अख़बार के नीचे से यादों की खुशबू से महकी इक चिट्ठी गुमनाम मिली टूटी निब, पेन्सिल के टुकड़े,...
clicks 52  Vote 0 Vote  8:13am 16 Apr 2018
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