स्वप्न मेरे ...

जाने क्यों आँखें रहती नम नम ...

गीत प्रेम के गाता है हर दमजाने क्यों आँखें रहती नम नम नाच मयूरी हो पागल अम्बर पे छाए बादल बरसो मेघा रे पल पल बारिश की बूँदें करतीं छम छम जाने क्यों आँखें ...स...
clicks 19  Vote 0 Vote  9:28am 19 Aug 2019

रोज़ प्रातः बोलते हैं विश्व का कल्याण हो ...

हम कहाँ कहते हैं केवल स्वयं का ही त्राण हो रोज़ प्रातः बोलते हैं विश्व का कल्याण होहै सनातन धर्म जिसकी भावना मरती नहीं निज की सोचें ये हमारी संस्कृति कहती ...
clicks 15  Vote 0 Vote  9:54am 12 Aug 2019

घास उगी सूखे आँगन ...

धड़ धड़ धड़ बरसा सावनभीगे, फिसले कितने तन घास उगी सूखे आँगन प्यास बुझी ओ बंजर धरती तृप्त हुईनीरस जीवन से तुलसी भी मुक्त हुई, झींगुर की गूँजे गुंजन घास उगी ...घा...
clicks 38  Vote 1 Vote  8:34am 5 Aug 2019

आशा का घोड़ा ...

 आशा की आहट का घोड़ासरपट दौड़ रहासुखमय जीवन-हार मिलासाँसों में महका स्पंदनमधुमय यौवन भार खिलानयनों में सागर सनेह कासपने जोड़ रहा सरपट दौड़ रहा ...खिल...
clicks 48  Vote 0 Vote  10:31am 22 Jul 2019

मेघ हैं आकाश में कितने घने ...

मेघ हैं आकाश में कितने घनेलौट कर आए हैं घर में सब जने  चिर प्रतीक्षा बारिशों की हो रही   बूँद अब तक बादलों में सो रही हैं हवा में कागजों की कत-रने मेघ है...
clicks 44  Vote 0 Vote  1:23pm 15 Jul 2019

बिन पैरों चलती बातें

आँखें से निकली बातें यहाँ वहां बिखरी बातें अफवाहें, झूठी, सच्ची  फ़ैल गईंकितनी बातें मुंह से निकली खैर नही  जितनेमुहउतनीबातें फिरती हैं आवारा सीकुछ ...
clicks 59  Vote 0 Vote  10:33am 8 Jul 2019

कौन मेरे सपनों में आ के रहता है ...

कौन मेरे सपनों में आके रहता है जिस्म किसी भट्टी सा हरदम दहता है यादों की झुरमुट से धुंधला धुंधला सादूर नज़र आता है साया पतला सा  याद नहीं आता पर कुछ कुछ कह...
clicks 32  Vote 0 Vote  6:13pm 1 Jul 2019

अभी जगजीत की गजलें सुनेंगे ...

अंधेरों को मिलेंगे आज ठेंगे ये दीपक रात भर यूँ ही जलेंगे  जो तोड़े पेड़ से अमरुद मिल कर  दरख्तों से कई लम्हे गिरेंगे किसी के होंठ को तितली ने चूमा किसी के ...
clicks 92  Vote 0 Vote  8:15am 24 Jun 2019

आसमानी पंछियों को भूल जा ...

धूप की बैसाखियों को भूल जा  दिल में हिम्मत रख दियों को भूल जाव्यर्थ की नौटंकियों को भूल जा मीडिया की सुर्ख़ियों को भूल जा उस तरफ जाती हैं तो आती नहीं इस नद...
clicks 57  Vote 0 Vote  7:09pm 17 Jun 2019

मुहब्बत की है बस इतनी कहानी ...

अपने शहर की खुशबू भी कम नहीं होती ... अभी लौटा हूँ अपने कर्म क्षेत्र ... एक गज़ल आपके नाम ...झुकी पलकें दुपट्टा आसमानीकहीं खिलती तो होगी रात रानीवजह क्या है तेरी...
clicks 66  Vote 0 Vote  5:16pm 12 Jun 2019
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