आर्यन

जल-जंगल-जमीन

जल जंगल जमीन ने कब कहा नदियों में बहेगी खून की धारजल जंगल जमीन ने कब कहा हरियाली पहनेगी खूनी हारजंगल से पूछा है तुमनेअमन चाहिए या चित्कारनदियों से पूछा &nbs...
clicks 37  Vote 0 Vote  3:53pm 15 Apr 2018

नीम का पेड़...

नीम का पेड़मूक-मौन खड़ा हैदशकों सेलड़ता रहा हैतपिश से छांव के लिएनिःशब्द सवाल करता हैइंसान सेजाति-धर्म काविधान क्या है?इंसानियत कासंविधान क्या है?लोग ...
clicks 11  Vote 0 Vote  2:57pm 30 Dec 2017

इस अंधेरी बस्ती में....

इस अंधेरी बस्ती में,उम्मीद की लौ जलती है|टूटे हुए छप्पर में,गरीबी सिसकती है|लिहाफ के छेद में,सपने हजार पलते हैं|सूरज की ईष्या से,पलभर में दरकते हैं |दिन के ...
clicks 11  Vote 0 Vote  3:53pm 27 Dec 2017

शहर में पसरा सन्नाटा....

शहर में पसरा सन्नाटा कुछ कह रहा हैलेकिन उनके पास वक्त नहीं दरअसल वो देशहित चिंतक हैंउनके अपने विचार और आदर्श हैंवे विमर्श करेंगे वर्तमान हालात पर प्रका...
clicks 11  Vote 0 Vote  3:28pm 27 Dec 2017

दूंगा जब आवाज मैं...

गीत या गजल बन कर दूंगा जब आवाज मैंगुनगुना लेना तुम बन जाउंगा राग मैंइश्क़ को सजदा करेंगे, तारे जगमगाएंगेआशिकी की दास्तां संग तेरे गुनगुनाएंगेचुपके चुप...
clicks 11  Vote 0 Vote  2:38pm 25 Dec 2017
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