अनकहे किस्से

हिस्से

मन सबसे बड़ा विद्रोही है। ये अक़्सर वही करना चाहता है जो दुनिया को लगता है कि नही करना चाहिए। पर ये दुनिया तो हमसे बनती है, और हम कौन हैं? हम मन के मालिक हैं। य...
clicks 7  Vote 0 Vote  8:46pm 22 Jan 2020

हिन्द नाम के सूरज को इस तरह नही ढलने देंगे

हिंद नाम के सूरज को, इस तरह नही ढलने देंगेहम हृदय प्रेम से भर देंगे, अब द्वेष नही पलने देंगेये चिंगारी जो भड़की है, ना दिल में घर करने पाएसींचा है खून से धरती ...
clicks 26  Vote 0 Vote  1:21pm 13 Jan 2020

कौन यहाँ अब आएगा

दिल है बंजर सूनी बस्ती,कौन यहाँ अब आएगाबादल भी जिस घर से रूठे,बारिश कौन बुलाएगाउम्मीदों का सूरज डूबा,अब ना फ़िर से निकलेगाअँधियारा फैला गलियों में,रस्ता ...
clicks 3  Vote 0 Vote  1:20pm 14 Dec 2019

स्वप्न या हकीकत

नींद एक दैनिक क्रिया है और स्वप्न उसका परिणाम। अगर हमने कोई स्वप्न देखा है तो इसका सीधा अर्थ ये है कि हम निद्रा लोक में अवश्य गए थे। स्वप्न हमारी सोच से जन...
clicks 3  Vote 0 Vote  12:34pm 2 Dec 2019

असफल प्रेमी

प्रेम में सफ़ल ना हो सके अनगिनत प्रेमियों से परे मैं तुम्हें ना पाकर भी कभी हताश नही हुआ।हज़ारों दार्शनिकों द्वारा कही गयी एक बात सदैव मेरे मस्तिष्क में आ...
clicks 3  Vote 0 Vote  4:14pm 19 Nov 2019

दूरियाँ

तुम्हारी गहरी आँखों से टकराना अभी भी मेरी शर्मीली आँखें झेल नही पाती और प्रत्युत्तर में मेरी पलकें झुक कर तुम्हारे विजयी होने का संदेशा देती हैं।तुम्ह...
clicks 4  Vote 0 Vote  12:19pm 12 Nov 2019

रण में कूद पड़े नारायण

हम सभी जानते हैं कि महाभारत के युद्ध में पांडवों के साथ सम्मिलित होते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने वचन दिया था कि वो युद्ध में शस्त्र नही उठाएंगे परंतु युद्ध क...
clicks 20  Vote 0 Vote  11:20am 5 Nov 2019

अधूरी कविता

किसी दिन सहसा हीएक अंधेरे कमरे मेंमौन हो जाएगीमेरी आवाजरुक जाएगी मेरी सांसेंमेरी देह परिवर्तित हो जाएगीएक मृत शरीर मेंमेरी आत्मा कोनिष्काषित कर दिया ...
clicks 16  Vote 0 Vote  11:25am 1 Nov 2019

प्रियतम

इतनी उत्तेजित होती होसहसा ही सुन के नाम मेरायानी कि विह्वल तुम भी होछीना है जो आराम मेराजब साँझ ढले जब चाँद चलेउस पल में प्रियतम आ जानामैं गति हृदय की रोक...
clicks 32  Vote 0 Vote  3:18pm 22 Oct 2019

था कौन मेरा? क्या अपना था?

शिथिल पड़ी इच्छाओं कोसहसा ही कोई उछाल गयाथा कौन मेरा? क्या अपना था?क्यों अपनी आदत डाल गयाबंजर बस्ती सूनी गलियांबरसों से बरखा को तरसीडेरा डाले पतझड़ बैठाना...
clicks 34  Vote 0 Vote  12:40pm 18 Oct 2019
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