अनकहे किस्से

प्रेमी

चलते चलते अचानकरास्ता बदल लोगेतो भुलक्कड़ लगोगे।दोस्तों को देखोगेऔर मुँह फेर लोगेहर पल तन्हा रहोगे।किताबें खोल के बैठोगेऔर कुछ नही पढ़ोगेतो अनपढ़ दिखोग...
clicks 28  Vote 0 Vote  5:32pm 20 Nov 2020

कहो कवि अब क्या लिखोगे??

तुमने भूख लिखीकिसी भूखे ने नही पढ़ीभूखे को रोटी चाहिए कविता नहीकहो रोटी दे सकते हो क्या?तुमने बेरोजगारी लिखीवो किसी काम की नहीआदमी को काम और पैसे चाहिएका...
clicks 46  Vote 0 Vote  5:08pm 9 Nov 2020

आओ बैठो और बात करो

क्या बात हुई वो बात कहोआओ बैठो और बात करोहैं नाज़ुक लब क्यों सिले हुएअब शिकवों की बरसात करो।जो बीत गया वो जाने दोबातों को बाहर आने दोइस मन का बोझ उतारो भीक...
clicks 20  Vote 0 Vote  12:40pm 2 Nov 2020

तिल

मुझे शुरू से ही ख़ामोशियों से बड़ा लगाव था और तुम्हें चुप्पियों से सख़्त नफ़रत थी। हमारे बीच हर बार हुई घंटों लंबी बातचीत में सबसे ज्यादा योगदान तुम्हारा ही ...
clicks 45  Vote 0 Vote  1:01pm 21 Oct 2020

शब्दविहीन

एक बात के कई मतलब निकालने वाली इस दुनिया ने कई बार उन शब्दों के भी मतलब निकालने चाहे जिनका अर्थ समझाने के लिए शब्द बन ही नही सके। कई बार हम समझ ही नही पाते क...
clicks 39  Vote 0 Vote  12:35pm 7 Oct 2020

आखेट

कभी कभी ये जीवन एक आखेट की भाँति प्रतीत होता है और मैं ख़ुद को एक असफल आखेटक के रूप में पाता हूँ। मेरी चाहतें, मेरी ख़्वाहिशें, मेरा लक्ष्य एक मृग की भाँति है...
clicks 39  Vote 0 Vote  7:48pm 27 Sep 2020

इंतज़ार

कभी कभी लगता है कि अब आगे बढ़ जाना चाहिए। अब यहाँ रुकने का कोई औचित्य नही है। ऐसा कुछ नही है जिसके लिए रुका जाए। मैं गठरी बाँध कर आगे बढ़ने ही वाला होता हूँ कि ...
clicks 81  Vote 0 Vote  5:37pm 12 Sep 2020

और फ़िर ऐसे समय में

आज खोया आसमां हैकाले मेघों से घिरा हैरोक दो इन बारिशों कोडूबी जाए अब धरा है।आँसुओं की उठती लहरेंनयन का सागर भरा हैशूल बन कर चुभती यादेंघाव अब तक वो हरा है...
clicks 44  Vote 0 Vote  4:23pm 24 Aug 2020

लौटना जरूरी है

 जाना ज़रूरी होता है ना चाहते हुए भीठीक वैसे ही जैसे जीना ज़रूरी होता हैबिना किसी जरूरत के भी।लौट आना भी उतना ही ज़रूरी हैजितना लौटने की उम्मीद लगाए रखनात...
clicks 74  Vote 0 Vote  4:31pm 20 Aug 2020

ऐसा भी क्या बिगड़ा है

ये जो प्यारा मुखड़ा हैक्यों ऐसे उखड़ा उखड़ा हैप्यार, मोहब्बत और ये शिक़वेहर प्राणी का दुखड़ा हैनही अकेला तू ही भोगीसबको ग़म ने रगड़ा हैकौन सही है कौन ग़लत हैसदिय...
clicks 21  Vote 0 Vote  4:49pm 10 Aug 2020
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