नमस्ते namaste

जड़ें

एक पेड़ का धराशायी होना,टूट कर गिरना,हतप्रभ कर देता है ।एक सदमे की तरहआघात करता है ।कुछ तोड़ देता हैअपने भीतर ।एक पेड़ कोठूंठ बनते देखातो लगा,क्या फ़र्क है,प...
clicks 0  Vote 0 Vote  3:52pm 1 Jun 2020

दिलो-दिमाग़

जा रहे होतुम अपने रास्तेकिसी काम से ।तभी देखारास्ते के किनारेकोई बेचाराचोट खाया पड़ा हुआ था ।कोई ना मदद कोआगे आ रहा था ।दिल बोलाहाथ बढ़ा ।कर सहायताअस्प...
clicks 8  Vote 0 Vote  9:04am 18 May 2020

अंतरंग

ध्वस्त मनःस्थितिकोई राह सूझती न थीसन्नाटा पसरा थाबाहर और भीतरशब्द-शून्य क्षण थापत्ता भी हिलता न था अव्यक्त असह्य पीड़ा काबादल घुमड़ रहा था ।इतने में सह...
clicks 14  Vote 0 Vote  12:58pm 8 May 2020

सारी लड़ाई

सारी रस्साकशी !सारी खींचतान !सारी लड़ाई ..मुल्कों के बीच ..संप्रदायों के बीच..समुदायों के बीच ..परिवारों के बीच ..लोगों के बीच ..रिश्तों के बीच..अधिकार की नहीं..न...
clicks 19  Vote 0 Vote  1:31pm 5 May 2020

सारी लड़ाई

सारी रस्साकशी !सारी खींचतान !सारी लड़ाई ..मुल्कों के बीच ..संप्रदायों के बीच..समुदायों के बीच ..परिवारों के बीच ..लोगों के बीच ..रिश्तों के बीच..अधिकार की नहीं..न...
clicks 19  Vote 0 Vote  1:31pm 5 May 2020

कविता क्या खाक !

वाह भई वाह !क्या खूब !क्या कहने !छा गए !बहुत कामयाब रहा !कवि सम्मेलन तुम्हारा !लोगों ने बहुत सराहा !खूब तालियां बजी !चहुं दिक चर्चा हुई !पर एक बात बताओ भई !कब से ...
clicks 7  Vote 0 Vote  4:03pm 2 May 2020

कविता क्या खाक !

वाह भई वाह !क्या खूब !क्या कहने !छा गए !बहुत कामयाब रहा !कवि सम्मेलन तुम्हारा !लोगों ने बहुत सराहा !खूब तालियां बजी !चहुं दिक चर्चा हुई !पर एक बात बताओ भई !कब से ...
clicks 7  Vote 0 Vote  4:03pm 2 May 2020

नव संवत्सर अभिवादन

अब समय आ गया हैपुराने बहीखाते बंद करनई जिल्द बंधवाने का ..पुरानी सिलाई उधेड़ करनए धागों से भविष्य बुनने का ।द्वार पर खड़ा है नव संवत्सरअभिवादन करें इस बार ह...
clicks 20  Vote 0 Vote  10:23pm 25 Mar 2020

तुम सलामत रहो गौरैया

गौरैया तुम सलामत रहो,दाना चुगने नित आती रहो, बड़े शहरों के छोटे घरों मेंफुदकने चहकने के लिए ।क्योंकि तुम हो शुभ शगुनजीवन का सहृदय स्पंदन ।तुम जब-जब घर आत...
clicks 17  Vote 0 Vote  12:46am 24 Mar 2020

दीवार से सटा फूल खिला

दीवार से सट कर खिला हुआ एक पौधाकैमरा फ़्रेम के बीचोंबीचअचानक आ खड़ा हुआ,महा-जिज्ञासु बच्चे साटुकुर-टुकुर ताकता हुआ ।तब हमारा भी ध्यान गया ।क्यों दीवार स...
clicks 18  Vote 0 Vote  11:36am 20 Mar 2020
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