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जो चाँद पलकों पे था आँसू संग उतारा हैं.....

तुम गांडीवधारी हो या तुम्हे ख़सारा हैंहम दांव खेला चुके,अब समर तुम्हारा हैं,तुम फ़क़द तमाशा देखो,फब्तियां उड़ाओ,जो चाँद पलकों पे था आँसू संग उतारा हैं,कई रोज़ ...
clicks 3  Vote 0 Vote  12:33pm 18 Jan 2019

दोस्त बहुत हैं यहाँ कोई यार नही....!!!

किसी के आगे अब खुलने को हम तैयार नहीदोस्त बहुत हैं यहाँ कोई यार नही,मुश्किलों का समुन्दर हैं,तकलीफों के पहाड़ हैं,इस ताल्लुख़ से उबरने के कोई आसार नही,हाथ म...
clicks 19  Vote 0 Vote  9:06am 15 Jan 2019

अंधेरे ही फैलाने को यहाँ उजाला निकलता हैं.....

यहाँ हरेक सुहागिन का बदस्तूर हलाला निकलता हैं,दून से दवरा पहुचते परियोजना का दिवाला निकलता हैं,कौन सा दामन पाक हैं किन हाथों पे क़लम रखूँ ,मदो की बंदरबाट म...
clicks 8  Vote 0 Vote  3:46pm 7 Jan 2019

बहुत गरूर था हमे,आसमानों में आशिया बनाना था....

बहुत गरूर था हमे,आसमानों में आशिया बनाना था,मगर किश्मत में टूटकर पंख,बस फड़फड़ाना था,लाख मुसीबतों को जीत,जैसे ही मंज़िल को पाना था,तमाम कमज़ोरियों को उसी वक़्त...
clicks 24  Vote 0 Vote  1:49pm 4 Jan 2019

सब शिकायते एक खत में लिख कर बक्शे में बंद कर देते हैं....

सारी तकलीफे सारी उलझने ख़त्म कर देते हैं,सब शिकायते एक खत में लिख,उन्हें बक्शे में बंद कर देते हैं.....फिर न तुम जिक्र करो कोई ना मैं कोई तंज कसुखोल कर गांठे स...
clicks 36  Vote 0 Vote  4:58pm 28 Dec 2018

तेरे जाने के बाद बहुत काम आये आंसू .....

कभी रोके,कभी पोछे,कभी छुपाये आँसू ,तेरे जाने के बाद बहुत काम आये आँसू ,कभी सोचा भी के ख़ुशी से तुम्हे जाने दे,लगे जो गले तो खुद ही उभर आये आँसू ,एक हम थे जो खामो...
clicks 17  Vote 0 Vote  10:55pm 16 Dec 2018

मेरी हसरतो को कुचलकर शहनाईयां बजाना..

चाँद दिखाये मीरा तुम ज़हर पिलाना,मेरी हसरतो को कुचलकर शहनाईयां बजाना..अपने अंजाम में कुछ रोमानियत तो हो,हल्दी के हाथ से सज धज तुम मेरा गला दबाना,तुम तब भी म...
clicks 32  Vote 0 Vote  5:01pm 9 Dec 2018

शाम से दिल में सुलग रहा कोई....!!!

शाम से दिल में सुलग रहा कोई,बुझती हुई लकड़ियों में पक रहा कोई,हज़ार बार उम्मीद दम तोड़ती रही हैं,फिरभी दस्तक पर सज रहा कोई,यू तो कबसे रोना शिश्कना छोड़ चुका हूं...
clicks 13  Vote 0 Vote  7:57pm 6 Dec 2018

तेज़ बारिस थी धूप मुह दिखाने लगी....!!!

तेज़ बारिस थी धूप मुह दिखाने लगी,चुनाव नजदीक है शायद,अयोध्या याद आने लगी,बमुश्किल इस कौम को अंधेरो से निकाला था,एक भीड़ फिर सच को जुठ बताने लगी,मुददत बाद जब श...
clicks 31  Vote 0 Vote  1:18pm 29 Nov 2018

चिता की आग में जल रहा हूँ मैं ......

चिता की आग में जल रहा हूँ मैं ,तेरे मिलने को मचल रहा हूँ मैं ,एक रोज़ कभी मिली थी फूलो की सेज़,जबकि रोज़ काँटों पर चल रहा हूँ मैं ,हर बात तेरी नसीब समझकर मानता  ...
clicks 14  Vote 0 Vote  1:24pm 19 Nov 2018
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