आपका-अख्तर खान "अकेला"

(इस वजह से ये शरारत है)

सआद नसीहत करने वाले कु़रान की क़सम (तुम बरहक़ नबी हो) (1)मगर ये कुफ़्फ़ार (ख़्वाहमख़्वाह) तकब्बुर और अदावत में (पड़े अंधे हो रहें हैं) (2)हमने उन से पहले कितने ...
clicks 10  Vote 0 Vote  8:30am 14 Feb 2019

जो बदकिरदारियाँ उन लोगों ने की थीं

(ऐ रसूल) हमने तुम्हारे पास (ये) किताब (क़ुरान) सच्चाई के साथ लोगों (की हिदायत) के वास्ते नाजि़ल की है, पस जो राह पर आया तो अपने ही (भले के) लिए और जो गुमराह हुआ त...
clicks 10  Vote 0 Vote  6:54am 13 Feb 2019

क्या ख़ुदा अपने बन्दों (की मदद) के लिए काफ़ी नहीं है

और ये लोग भी यक़ीनन मरने वाले हैं फिर तुम लोग क़यामत के दिन अपने परवरदिगार की बारगाह में बाहम झगड़ोगे (31)तो इससे बढ़कर ज़ालिम कौन होगा जो ख़ुदा पर झूठ (तूफा...
clicks 13  Vote 0 Vote  7:10am 12 Feb 2019

तो खु़दा ने उन्हें (इसी) दुनिया की जि़न्दगी में रूसवाई की लज़्ज़त चखा दी

जो आग में (पड़ा) हो मगर जो लोग अपने परवरदिगार से डरते रहे उनके ऊँचे-ऊँचे महल हैं (और) बाला ख़ानों पर बालाख़ाने बने हुए हैं जिनके नीचे नहरें जारी हैं ये खु़द...
clicks 1  Vote 0 Vote  7:17am 11 Feb 2019

उनके लिए (जन्नत की) ख़ुशख़बरी है

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मुझे तो ये हुक्म दिया गया है कि मैं इबादत को उसके लिए ख़ास करके खु़दा ही की बन्दगी करो (11)और मुझे तो ये हुक्म दिया गया है कि मैं सबसे पहल म...
clicks 4  Vote 0 Vote  7:33am 10 Feb 2019

और आदमी (की हालत तो ये है कि

(इस) किताब (क़ुरान) का नाजि़ल करना उस खु़दा की बारगाह से है जो (सब पर) ग़ालिब हिकमत वाला है (1) (ऐ रसूल) हमने किताब (कु़रान) को बिल्कुल ठीक नाजि़ल किया है तो तुम इ...
clicks 0  Vote 0 Vote  7:13am 9 Feb 2019

असल किताब (लौहे महफूज़) मौजूद है

और अगर कोई ऐसा क़ुरान (भी नाजि़ल हेाता) जिसकी बरकत से पहाड़ (अपनी जगह) चल खड़े होते या उसकी वजह से ज़मीन (की मुसाफ़त (दूरी)) तय की जाती और उसकी बरकत से मुर्दे ब...
clicks 0  Vote 0 Vote  8:02am 8 Feb 2019

बेशक वह हमारी बारगाह में बड़े रूजू करने वाले थे

(ऐ रसूल उन पैग़म्बरों के साथ झगड़ने वाले) गिरोहों में से यहाँ तुम्हारे मुक़ाबले में भी एक लशकर है जो शिकस्त खाएगा (11)उनसे पहले नूह की क़ौम और आद और फिरऔन में...
clicks 23  Vote 0 Vote  8:05am 7 Feb 2019

अपने माबूदों की इबादत पर जमे रहो

खु़दा के नाम से शुरू करता हूँ जो बड़ा मेहरबान निहायत रहमवाला है सआद नसीहत करने वाले कु़रान की क़सम (तुम बरहक़ नबी हो) (1)मगर ये कुफ़्फ़ार (ख़्वाहमख़्वाह) तक...
clicks 13  Vote 0 Vote  7:41am 6 Feb 2019

और देखते रहो ये लोग तो खु़द अनक़रीब ही अपना अन्जाम देख लेगें (179)

फिर जब दोनों ने ये ठान ली और बाप ने बेटे को (जि़बाह करने के लिए) माथे के बल लिटाया (103)और हमने (आमादा देखकर) आवाज़ दी ऐ इबराहीम (104)तुमने अपने ख़्वाब को सच कर दिखा...
clicks 3  Vote 0 Vote  8:09am 5 Feb 2019
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