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एक मुर्दा कहीं से ले आओ

photo by Sanjay Groverग़ज़लभीड़, तन्हा को जब डराती हैमेरी तो हंसी छूट जाती हैसब ग़लत हैं तो हम सही क्यों होंभीड़ को ऐसी अदा भाती हैदिन में इस फ़िक़्र में हूं जागा हुआरात में न...
clicks 12  Vote 0 Vote  9:40pm 27 Jun 2018

है शुक्र कि मेरा कोई उस्ताद नहीं है

ग़ज़लcreated by Sanjay Groverहिंदू कि मुसलमां, मुझे कुछ याद नहीं हैहै शुक्र कि मेरा कोई उस्ताद नहीं हैजो जीतने से पहले बेईमान हो गएमेरी थके-हारों से तो फ़रियाद नहीं हैजो ...
clicks 19  Vote 0 Vote  11:54pm 20 Jun 2018

इसकी ख़ातिर अपनी नज़रों से भी क्या गिर जाऊं मैं !

ग़ज़लदूसरों के वास्ते बेहद बड़ा हो जाऊं मैंइसकी ख़ातिर अपनी नज़रों से भी क्या गिर जाऊं मैंएक इकले आदमी की, कैसी है जद्दोजहदकौन है सुनने के क़ाबिल, किसको ये दिख...
clicks 4  Vote 0 Vote  11:01pm 19 Jun 2018

किसीसे, बात छुपाओ, कभी कहा ही नहीं

ग़ज़लराज खुल जाने के डर में कभी रहा ही नहींकिसीसे, बात छुपाओ, कभी कहा ही नहींमैंने वो बात कही भीड़ जिससे डरती हैये कोई जुर्म है कि भीड़ से डरा ही नहीं !जितना ख़...
clicks 45  Vote 0 Vote  4:46pm 26 Apr 2018

कितने मिलते हैं मेरे दोस्त औ’ दुश्मन के ख़्याल

ग़ज़लया तो बेईमानी-भरी दुनिया से मैं कट जाऊंया कि ईमान के चक्कर में ख़ुद निपट जाऊंतुम तो चाहते हो सभी माफ़िया में शामिल होंतुम तो चाहोगे मैं अपनी बात से पलट...
clicks 50  Vote 0 Vote  4:13am 25 Apr 2018

पहेली हल

वामपंथी बायीं तरफ़ जाएं।दक्षिणपंथी दायीं तरफ़ जाएं। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-9126168104576814", enable_page_level_ads: true }); अक़्लमंद अपनी अक्...
clicks 12  Vote 0 Vote  6:05pm 18 Apr 2018

इक बच्चे ने सब देख लिया

ग़ज़लइकबच्चेनेजबदेखलियाइकबच्चेनेसबदेखलियायेबड़ेतोबिलकुलछोटेहैं!इकबच्चेनेकबदेखलिया ?अबकिससेछुपतेफिरतेहो?इकबच्चेनेजबदेखलियाअबक्यारक्खाहैक़िस्...
clicks 13  Vote 0 Vote  3:03pm 10 Apr 2018

तो ये है फ़क़त आने-जाने की दुनिया

ग़ज़ल                                                                                                      PHOTO by Sanjay Groverद...
clicks 82  Vote 0 Vote  8:00pm 12 Feb 2018

उनकी ख़ूबी मुझे जब ख़राबी लगी

ग़ज़लउनकी ख़ूबी मुझे जब ख़राबी लगीउनको मेरी भी हालत शराबी लगीउम्र-भर उनके ताले यूं उलझे रहेवक़्त पड़ने पे बस मेरी चाबी लगीउनके हालात जो भी थे, अच्छे न थेउ...
clicks 45  Vote 0 Vote  6:49pm 24 Jan 2018

यही तो मेरा हासिल हैं

गज़ल                                                                                                          सुबह ...
clicks 102  Vote 0 Vote  2:54pm 12 Jan 2018
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