एक प्रयास

लाशें ही बोलेंगी

 ये वक्त चींटी की तरह काटता है. कैसे समझाऊँ?  स्क्रॉल करते करते रूह बेज़ार हो जाती है , अपने अन्दर की अठन्नी अपना चवन्नी होना स्वीकार नहीं पाती. ये वक्त के...
clicks 20  Vote 0 Vote  4:12pm 15 Mar 2019

बुद्ध से पुनः बुद्ध

कभी कभी पॉज़ बहुत लम्बा हो जाता है ...जाने कितना काम अधूरा रहता है लेकिन मन ही नहीं होता, महीनों निकल जाते हैं ऐसे ही...रोज एक खालीपन से घिरे, चुपचाप, खुद से भी स...
clicks 63  Vote 0 Vote  12:08pm 17 Dec 2018

पलाश पर शरद का अमृत

आजकल जाने क्यों मुँह फेरा हुआ है तुमने या फिर मुंह चुरा रहे हो मेरी समझ का मुहाना बहुत छोटा है और तुम्हारी कलाकारी का बेहद वृहद् हाँ, मानती हूँ ...
clicks 79  Vote 0 Vote  12:40pm 24 Oct 2018

मन का मधुबन सूना है ...तुम बिन...कान्हा

वो कौन सा गीत गाऊँ वो कौन सा राग सुनाऊँ वो कौन सा सुर लगाऊँ जो तेरी प्रिय हो जाऊँ मन का मधुबन सूना है ...तुम बिन...कान्हा बाँसुरी की तान टूट गयी जब से प्रीत तेर...
clicks 97  Vote 0 Vote  6:40pm 3 Sep 2018

कृष्ण तुम नहीं थे ईश्वर

कृष्ण तुम नहीं थे ईश्वरईश्वर होने और बनाए जाने में फर्क होता हैनहीं किये तुमने कोई चमत्कारये जो तप की शक्ति से प्राप्त शक्तियों कामचता रहा हाहाकारअसल म...
clicks 82  Vote 0 Vote  3:51pm 3 Sep 2018

न जाने कौन था वो

न जाने कौन था वो जिसने आवाज़ दी नाम लेकर - वंदना जाने स्वप्न था कोई या थी कोई कशिश इस जन्म या उस जन्म की यादों का न कोई शहर मिला यात्रा के न पदचिन्ह दिखेमैं ख़ा...
clicks 44  Vote 0 Vote  12:35pm 31 Aug 2018

काश वापसी की कोई राह होती

काश वापसी की कोई राह होती है न ...दृढ निश्चय फिर छोड़ा जा सकता है सारा संसार और मुड़ा जा सकता है वापस उसी मोड़ से लेकिन क्या संभव है सारा संसार छोड़ने पर भी उम्र क...
clicks 123  Vote 0 Vote  4:43pm 15 Jul 2018

जब से तुम बिछड़े हो प्रियतम

मरघट का सन्नाटा पसरा है मन प्रेत सा भटका है जब से तुम बिछड़े हो प्रियतम हर मोड़ पे इक हादसा गुजरा है मैं तू वह में ही बस जीवन उलझा है ये कैसा मौन का दौ...
clicks 56  Vote 0 Vote  12:32pm 21 Jun 2018

फिर वो स्त्री हो या ईश्वर

मैं भाग रही हूँ तुमसे दूरअब तुम मुझे पकड़ोरोक सको तो रोक लोक्योंकिछोड़कर जाने पर सिर्फ तुम्हारा ही तो कॉपीराइट नहींगर पकड़ सकोगेफिर संभाल सकोगेऔर खुद को च...
clicks 93  Vote 0 Vote  12:29pm 19 Jun 2018

मैं बनूँ सुवास तुम्हारी कृष्णा

मैं बनूँ सुवास तुम्हारी कृष्णा करो स्वीकार मेरी ये सेवाजाने कितने युग बीते जाने कितने जन्म रीते पल पल खाए मुझे ये तृष्णा मैं बनूँ सुवास तुम्हारी कृष्णा ...
clicks 70  Vote 0 Vote  12:44pm 17 Jun 2018
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