palash "पलाश"

गुलाबी इश्क के पन्ने

वो महीन गुलाबीइश्क के पन्नेऔर उन पर लिखीमोहब्बत की आयतेंबेशकीमती हीरे सीरखी है सहेज करयादों की रुमालीचादर की तहों मेंवो पन्ने जिनमेंअल्फाज नहीलिखे थ...
clicks 4  Vote 0 Vote  10:53pm 19 Jan 2019

बडा आदमी

बचपन से एक ही सपना था, बडा होकर विदेश जाऊंगा, खूब पैसा कमा कर मै भी बडा आदमी बनूंगा।बचपन से बडा होने तक बहुत कुछ सीखा, बहुत कुछ बदला मगर बडा आदमी बनने की परिभ...
clicks 35  Vote 0 Vote  1:59pm 2 Dec 2018

वो फरिश्ते कम ही होते है.........

बहुत दूर तलक साथ दे,वो रिश्ते कम ही होते हैंऔरों के लिये भी जियेंवो अपने कम ही होते हैंदिखती तो हैं कई चेहरों मेंकुछ अपनेपन की फिकरबिन कहे दर्द दिल के सिय...
clicks 38  Vote 0 Vote  11:48pm 27 Nov 2018

परची

सलिल और अनीता की शादी को करीब आठ साल हो चुके थे किन्तु आंगन आज तक सूना था, कोई ऐसा डॉक्टर नही बचा था जिन्हे दिखाया न गया हो, कोई ऐसा मन्दिर नही था जहाँ मन्नत ...
clicks 53  Vote 0 Vote  7:55pm 18 Nov 2018

इक्तेफाक- The coincidence

कैसे समझ लूं, मिलना तुमसेमहज इक्तेफाक थाइतने बडे जहाँ में एक छत के नीचे तेरा मेरा साथ होना महज इक्तेफाक थाहजारों की भीड मेंटकरा जानातेरी नजरों का मेरी न...
clicks 56  Vote 0 Vote  11:44pm 1 Nov 2018

मुकाद्दमें जब चलाये जाते हैं

बेदिल दिल देखे उनकेजो दिलवाले कहलाते हैंचराग बाटंने वाले अक्सररातों में ख्वाब जलाते हैंकहाँ दिखेगें दाग भलासफेदपोशों के दामन मेंगुनाहो का कारोबार तो...
clicks 76  Vote 0 Vote  6:49pm 2 Oct 2018

मुकद्दमें जब चलाये जाते हैं

बेदिल दिल देखे उनकेजो दिलवाले कहलाते हैंचराग बाटंने वाले अक्सररातों में ख्वाब जलाते हैंकहाँ दिखेगें दाग भलासफेदपोशों के दामन मेंगुनाहो का कारोबार तो...
clicks 22  Vote 0 Vote  6:49pm 2 Oct 2018

आस पर विश्वास

दुर्वासा ऋषि  दुर्योधन की कपटता से पूर्णतः अनभिज्ञ थे, दुर्योधन ने उनसे अनुरोध किया कि जैसे आपने हमे अपनी सेवा का मौका दिया उसी तरह वह उसके पाड़्व भाइयो...
clicks 87  Vote 0 Vote  12:32am 13 Sep 2018

कुछ यूं ही

बडी खामोशी से हमने चुन ली खामोशीबेअदबी ही अदब जबसे जमाने में हुआकिससे करे शिकायत किसकी करे शिकायतदामन में दागों का फैशन जरा जोरों पे हैखुदा का शुक्र जो ...
clicks 101  Vote 0 Vote  11:45pm 22 Aug 2018

जरूरत का फूल

नही दे सकती स्नेह का जलसीचंने को नवजात जीवनकि सुनती हूँ उसके रोने मेंचीखें तीन जिन्दा, चार मॄत और दो अंकुरित मादा लाशों कीजानती हूँ अच्छी तरह निर्दोष है ...
clicks 79  Vote 0 Vote  11:55pm 27 Jul 2018
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