palash "पलाश"

साठ का इतवार

दिनो के अर्थ भी उम्र के हिसाब से बदलते रहते हैं। याद है मुझे कभी बचपन में भी इतवार का इन्तजार करता था, अपनी युवा अवस्था में भी किया और आज जब प्रौढावस्था की ...
clicks 10  Vote 1 Vote  9:46pm 25 Jul 2017

गिद्धीय नर

स्त्री को भी शायद ना पता होअपने उभार और ढलान का मापमगर गिद्ध पुरुष की दॄष्टिहमेशा नापती रहती हैअंग प्रत्यगं के बीच की दूरीउसका क्षेत्रफलऔर कभी कभी आ...
clicks 2  Vote 0 Vote  10:58pm 23 Jul 2017

गिद्धीयनर

स्त्री को भी शायद ना पता होअपने उभार और ढलान का मापमगर गिद्ध पुरुष की दॄष्टिहमेशा नापती रहती हैअंग प्रत्यगं के बीच के दूरीउसका क्षेत्रफलऔर कभी कभी आयतन...
clicks 41  Vote 0 Vote  10:58pm 23 Jul 2017

चालीस के पार

सुनो, मेरे पीछे लापरवाही मत करनामुझे पता है तुममेरा ख्याल रख सकते होमगर खुद काबिल्कुल भी नहीहाँ आजकल भूलने बहुत लगे होयाद से आ जाना समय परवरना तुम्हारे ...
clicks 25  Vote 0 Vote  9:42am 22 Jul 2017

हर दौर का एक मकाम होता है..................

हर दौर की एक शख्सियत होती हैहर दौर का एक मकाम होता हैहर दौर की इक दास्तां होती हैहर दौर में कुछ नागवांर होता हैहर दौर कुछ लेता है बीते दौर सेहर दौर कुछ नये ...
clicks 23  Vote 0 Vote  10:51am 21 Jul 2017

कुछ लोग, कुछ लोग कहते हैं.......................

कुछ लोग, कुछ लोग कहते हैंमुझे मुल्क से मोहब्बत नहीकि मै जुबां पर हिन्दीदिल में उर्दू रखता हूँकुछ लोग, कुछ लोग कहते हैंमुझे मजहब का इल्म नही कि मै अपने घर म...
clicks 26  Vote 0 Vote  10:02am 20 Jul 2017

मै गलत नही

जबसे घर से आयी हूँ, किसी काम में मन नही लग रहा था, पापा ने अल्टीमेटम सा दे दिया था कि इस साल के लास्ट तक शादी कर दूंगा, शादी के बाद ससुराल वाले कहे तो नौकरी करो...
clicks 52  Vote 0 Vote  11:27pm 18 Jul 2017

एक सिपाही का खुला खत

कल ऑफिस पहुंची तो मिसेज कौल ने बोला- इन्द्रा तुम कल जम्मू चली जाओ, एक हफ्ते की वर्कशॉप के लिये, जाना तो मुझे था लेकिन कल ही मेरे सास ससुर घर आ गये हैं और मम्म...
clicks 24  Vote 0 Vote  12:34am 18 Jul 2017

कब बुराई दूर होती है……………………………..

उदास यूं बैठ जाने से कब उदासी दूर होती हैबुरा कहकर बुराई को कब बुराई दूर होती है……………………………..जलाना बन्द भी कर तो, मोमबत्तियां चौराहों परइस तरह के जुलूसो स...
clicks 23  Vote 0 Vote  1:12pm 11 Jul 2017

जुनैद ह्त्या कांड- ह्त्या या उससे भी कुछ अधिक

पिछले कुछ दिनों अपने परिवारिक मंगल कार्यो में व्यस्त होने के कारण अखबार और टीवी से दूर ही रही। कल रात मेरे एक परम मित्र ने मुझे जुनैद पर लिखने के लिये प्र...
clicks 25  Vote 0 Vote  1:22pm 10 Jul 2017
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