अजित गुप्‍ता का कोना

भागते रहो

www.sahityakar.comकल एक पुराने मित्र घर आए, ताज्जुब भी हुआ कि इतने दिनों बाद! लेकिन मित्र कब बिना बात नाराज हो जाते हैं और कब रास्ता भटककर वापस आ जाते हैं, कौन बता सकता ...
clicks 17  Vote 0 Vote  9:06am 22 Aug 2019

आज स्यापा या खामोशी?

www.sahityakar.comएक झटके में देश कितना बदल गया है! अभी दस-बारह दिन भी नहीं बीते हैं जब देश में स्यापा हो रहा था। मोदीजी की डॉक्यूमेन्ट्री फिल्म - मेन्स / वाइल्ड का ट्र...
clicks 27  Vote 0 Vote  10:00am 12 Aug 2019

आप डरना बन्द करिये

www.sahityakar.comहम डरे हुए लोग हैं! क्यों डर रहे हैं! यह बात किसी को नहीं पता, पर डर रहे हैं। कल जम्मू कश्मीर के राज्यपाल का डर निकलकर बाहर आया। हरियाणा के मुख्यमंत्र...
clicks 7  Vote 0 Vote  8:53am 12 Aug 2019

नमन है तुझको कवि!

www.sahityakar.comधारा 370 क्या समाप्त हुई, कवि की कविता ही समाप्त हो गयी! कल एक चैनल पर हरिओम  पँवार ने कहा। वे बोले की मैं चालीस साल से कश्मीर पर कविता कह रहा था लेकिन ...
clicks 12  Vote 0 Vote  9:45am 10 Aug 2019

डर पर पहला प्रहार

www.sahityakar.comमैं एक बार महिलाओं के बीच बुलाई जाती हूँ, महिलाएं मुस्लिम थीं। वे अनपढ़ लेकिन कामगार भी थीं। महिलाएं कहने लगी कि हम तलाक-तलाक-तलाक से कब निजात पाएं...
clicks 20  Vote 0 Vote  11:32am 31 Jul 2019

ये असली बुद्धीजीवी

www.sahityakar.comइस देश में सदा से ही बुद्धीजीवियों का बोलबाला रहा है, इस पर कुछ लोगों का कब्जा रहता है। हमने भी कभी नहीं सोचा कि हम बुद्धीजीवी हैं लेकिन कुछ संस्थाओ...
clicks 32  Vote 0 Vote  10:33am 27 Jul 2019

आखिर प्रेम का गान जीत ही गया

www.sahityakar.comएक फालतू पोस्टके  बाद इसे भी पढ़ ही लें।लोहे के पेड़ हरे होंगेतू गान प्रेम का गाता चलयह कविता दिनकर जी की है, मैंने जब  पहली बार पढ़ी थी तब मन को छ...
clicks 18  Vote 0 Vote  11:53am 26 Jul 2019

एक फालतू सी पोस्ट

www.sahityakar.comजिन्दगी में आप कितना बदल जाते हैं, कभी गौर करके देखना। बचपन से लेकर जवानी तक और जवानी से लेकर बुढ़ापे तक हमारी सूरत ही नहीं बदलती अपितु हमारी सोच भी...
clicks 27  Vote 0 Vote  10:38am 21 Jul 2019

सन्नाटा पसर रहा है, कुछ करिये

www.sahityakar.comइतना सन्नाटा क्यों है भाई! आजकल  पूरे देश में यही सवाल पूछा जा रहा है। जिस देश को कॉमेडी शो देखने की लत लगी हो, भला उसके बिना वह कैसे जी पाएगा! हमारे ...
clicks 18  Vote 0 Vote  10:33am 19 Jul 2019

हम किसका दाना चुग रहे हैं!

www.sahityakar.comआज जो हो रहा है, वही कल भी हो रहा था, हर युग में हो रहा था। हम पढ़ते आए हैं कि राक्षस बच्चों को खा जाते थे, आज भी बच्चों को खाया ही जा रहा है। मनुष्य और दा...
clicks 13  Vote 0 Vote  10:35am 17 Jul 2019
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