Kalam Ka Sipahi /a blog by Rajesh Tripathi

जब मल्लाह ने यमुना में डूबने से बचायी मेरी जान

 आत्मकथाकुछ भूल गया, कुछ याद रहाराजेश त्रिपाठीभाग-20खेर में सुबह नहा धोकर हलका नाश्ता कर हम लोग यमुना नदी के किनारे स्थित सिंहवाहिनी मंदिर पहुंचे। उस द...
clicks 26  Vote 0 Vote  12:29pm 25 Dec 2021

जब मेरे बाबा ने कौशल से जीत लिया कवित्त युद्ध

 आत्मकथा                कुछ भूल गया, कुछ याद रहाराजेश त्रिपाठीभाग-17जब से सांप काटने की घटना घटी थी, मन उचाट-सा हो गया था। गांव जाकर अम्मा से मिलने ...
clicks 32  Vote 0 Vote  10:42pm 15 Dec 2021

जब मुझे सांप ने काटा और गुरु जी रात भर रोते रहे

 आत्मकथा-16कुछ भूल गया, कुछ याद रहाराजेश त्रिपाठीभाग-16चित्रकूट से लौट कर दूसरे दिन मैं विद्यालय गया तो गुरु जी की डांट सहनी पड़ी। उनसे छुट्टी लिए बगैर चि...
clicks 142  Vote 0 Vote  9:33pm 8 Dec 2021

जब मैं तेज उफनती नदी में बह गया

 आत्मकथा-14कुछ भूल गया कुछ याद रहा राजेश त्रिपाठी(भाग 14)आत्मकथागांव साथी में मेरी शिक्षा चल रही थी। आचार्य जी अब वहां एक तरह से अभिभावक की भूमिका निभान...
clicks 43  Vote 0 Vote  7:56pm 4 Dec 2021

जिस कश्मीर को आप नहीं जानते

डल लेक श्रीनगर (कश्मीर)    धरती के स्वर्ग कश्मीर के वर्तमान स्वरूप, स्थिति के बारे में आप सब जानते हैं आपमें से शायद कुछ लोगों को ही इसके गौरवशाली अतीत...
clicks 38  Vote 0 Vote  9:37am 1 Dec 2021

कुत्ते के काटने के कष्ट के बाद एक सुख भी मिला

 आत्मकथा-13कुछ याद रहा, कुछ भूल गयाराजेश त्रिपाठी(भाग-13)चौदह इंजेक्शन मैं किसी तरह झेल गया और कुत्ते के काटने के बाद होनेवाली दूसरी तकलीफों का डर नहीं रहा...
clicks 46  Vote 0 Vote  12:35pm 29 Nov 2021

मंगल प्रसाद तिवारी बन गये ‘मुगौड़ेवाले महाराज’

 आत्मकथाकुछ भूल गया कुछ याद रहाराजेश त्रिपाठी(भाग-6)बांदा में मंगल प्रसाद तिवारी के छोटे से परिवार के दिन अच्छे ही कट रहे थे। रामखिलावन त्रिपाठी को स्क...
clicks 41  Vote 0 Vote  11:42am 26 Oct 2021

रामखिलावन त्रिपाठी पर टूट पड़ा दुख का पहाड़

 आत्मकथाकुछ भूल गया, कुछ याद रहाराजेश  त्रिपाठीभाग-5 जब से मंगल प्रसाद तिवारी को यह पता चला था कि उनकी बहन उम्मीद से है तभी से वे उस दिन का इंतजार कर रह...
clicks 41  Vote 0 Vote  9:08pm 10 Oct 2021

भाग्य पर किसी का जोर नहीं चलता

                                कुछ भूल गया कुछ याद रहा                    राजेश त्रिपाठी                     (भाग-2)पंडित मुखर...
clicks 55  Vote 0 Vote  7:45pm 20 Sep 2021

मंदिर जहां चोरी करने से होती है मनोकामना पूरी

अगर आपसे कहा जाये कि अपने देश में एक ऐसा भी मंदिर है जहां मनोकमना पूरी करने के लिए भक्तों को वहां चोरी करनी पड़ती है तो आपको विश्वास नहीं होगा। आप उलटे प्र...
clicks 144  Vote 0 Vote  11:26am 14 Sep 2021
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