Blogger: vedprakash srivastav at गोण्डा लाइव न...
रांचीः राज्य की महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री डॉ. लुईस मरांडी के घर के सामने पारा शिक्षक कंचन कुमार दास की मौत के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली. पारा शिक्षकों की मांगों पर अबतक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई. न ही वार्ता के लिए कोई आश्वासन मिला है.एकीकृत पारा शिक्...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   5:42pm 19 Dec 2018
Blogger: Anshu Mali Rastogi at चिकोटी...
मैंकाम निकालने में अधिक विश्वास रखता हूं। काम निकलना चाहिए बस, चाहे वो कैसे या कहीं से भी निकले। साफ सीधा-सा फलसफा है, भूख लगने पर खाना ही पेट की अगन को शांत करता है, ऊंची या गहरी बातें नहीं। बातों से ही अगर पेट भर रहा होता तो आज किसान न खेती कर रहा होता, न रसोई में चूल्हे ही ...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   2:42pm 19 Dec 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
है यहाँ जीवन कठिन,वातावरण कितना सलोना।बाँटता सुख है सभी को,मखमली जैसा बिछौना।पेड़-पौधें हैं सजीले,खेत हैं सीढ़ीनुमा,पर्वतों की घाटियों में,पल रही है हरितिमा,प्राणदायक बूटियों से,महकता जंगल का कोना।शारदा, गंगो-जमुन का,है यहीं पर स्रोत-उदगम,मन्दिरों-देवालयों की,छटा अ...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   1:01pm 19 Dec 2018
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
दुःख (10 हाइकु)   *******1.   दुःख का पारासातवें आसमाँ पे   मन झुलसा !   2.   दुःख का लड्डु   रोज-रोज यूँ खाना   बड़ा ही भारी !   3.   दुःख की नदी   बेखटके दौड़ती   बे रोक-टोक !   4.   साथी है दुःख   साथ है हरदम   छूटे न दम !   5.   दुःख की वेला   ...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   12:31pm 19 Dec 2018
Blogger: Ajit at अजित गुप्‍ता ...
www.sahityakar.comरोज सुनाई पड़ता है कि यदि एक सम्प्रदाय की संख्या इसी गति से बढ़ती रही तो देश का बहुसंख्यक समाज कहाँ जाएगा? उसे केवल डूबने के लिये हिन्द महासागर ही मिलेगा। फिर तो हिन्द महासागर का नाम भी बदल जाएगा। ऐसे में मुझे इतिहास की एक बड़ी भूल का अहसास हुआ। जब भारत स्वतंत्र ह...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   9:17am 19 Dec 2018
Blogger: प्रमोद जोशी at Gyaankosh ज्ञानकोश...
फ्रांस में इन दिनों पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आंदोलन चल रहा है, जो ‘यलो जैकेट (ज़िले ज़ोन)’या पीली कमीज आंदोलन के नाम से प्रसिद्ध हुआ है. इसकी शुरूआत 17 नवम्बर को हुई थी, जिसमें तीन लाख से ज्यादा लोगों ने देश के अलग-अलग शहरों में जाम लगाए और रैलियाँ कीं. देखते ही देखत...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   9:17am 19 Dec 2018
Blogger: प्रमोद जोशी at ग्लोबल हलचल...
तकरीबन एक महीने से फ्रांसीसी जनता बगावत पर उतारू है। पिछले 17 नवम्बर से राजधानी पेरिस सहित देश के शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। इसमें 1500 से ऊपर गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। कम से कम तीन मौतों की खबरें भी है। आंदोलनकारी जगह-जगह यातायात रोक रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर हमले क...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   7:58am 19 Dec 2018
Blogger: akhtar khan akela at आपका-अख्तर खा...
इसमे कुछ शक नहीं कि किताब क़ुरान का नाजि़ल करना सारे जहाँ के परवरदिगार की तरफ से है (2)क्या ये लोग (ये कहते हैं कि इसको इस शख़्स (रसूल) ने अपनी जी से गढ़ लिया है नहीं ये बिल्कुल तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से बरहक़ है ताकि तुम उन लोगों को (ख़ुदा के अज़ाब से) डराओ जिनके पास तुमस...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   7:11am 19 Dec 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
मित्रों! बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') -- दोहे   "ज्ञान न कोई दान"   उच्चारण  -- दिसम्बर की बेदर्द रात....  श्वेता सिन्हा  भोर धुँँध में लपेटकर फटी चादर ठंड़ी हवा के कंटीले झोंकों से लड़कर थरथराये पैरों ...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   3:00am 19 Dec 2018
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      अखबार Saturday Evening Post को सन 1929 में दिए गए एक साक्षात्कार में प्रसिद्ध वैज्ञानिक एल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा, “बचपन में मुझे बाइबल और तालमूद (यहूदी धर्म साहित्य) दोनों ही की शिक्षा दी गई। मैं यहूदी हूँ, परन्तु मैं नासरी (यीशु) के ज्योतिर्मय व्यक्तित्व से मंत्रमुग्ध हूँ...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   8:45pm 18 Dec 2018
Blogger: S.M.MAasum at हमारा जौनपुर ...
जौनपुर एक ऐतिहासिक शहर है जिसकी जड़ें बहुत गहरी है जिसका तुग़लक़ के बाद का इतिहास तो लोगों ने याद रखा लेकिन पहले का इतिहास भुला दिया लेकिन यहां  समाज  पे उसका असर आज भी देखा जा सकता है |शोध बताते हैं की  इस जौनपुर में इक्षवाकु वश की जड़ें बहुत गहरी थी जिसके अंतर्गत ...
clicks 33 View   Vote 0 Vote   1:55pm 18 Dec 2018
Blogger: Pratibha Saksenas at लालित्यम्...
[यह पूर्व- कथन पढ़ना अनिवार्य नहीं है -संस्कृत, पालि,प्राकृत भाषाओँ में विराम चिह्नों की स्थिति - ( ब्राह्मी लिपि से ,शारदा,सिद्धमातृका ,कुटिला,ग्रंथ-लिपि और देवनागरी लिपि.)संस्कृत की पूर्वभाषा  वैदिक संस्कृत जिस में वेदों की रचना हुई थी, श्रुत परम्परा में रही थी. मुखोच...
clicks 12 View   Vote 0 Vote   10:55am 18 Dec 2018
Blogger: प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विवाद बजाय खत्म होने के बढ़ गया है. अदालती फैसले के एक पैराग्राफ को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर नए आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं. इससे मूल विवाद के अलावा कुछ नए आरोप और जुड़ गए हैं. शुक्रवार को अदालत ने जो फैसला सुनाया था, उससे सरक...
clicks 15 View   Vote 0 Vote   9:16am 18 Dec 2018
Blogger: Bal Sajag at बाल सजग...
" Life "In a dark room, our life is locked. .in which we strike, when we will try to walk.in this bad situation, can you survive. it's worse imagination, a life without a goal. it like a person sitting,in a corner of floor wall. in which not innovation of soul,for example as a playing doll. Poet : Devraj  kumar , Class : 8th , Apna GharIntroduction : This poem is belongs to Devraj of clas 8th .  He is such a nice guy he always try to find new things which other one thought normally . He interested in science and recently he made a speaker for their dance practice ....
clicks 14 View   Vote 0 Vote   5:30am 18 Dec 2018
Blogger: माधवी रंजना at DAANAPAANI...
दिल्ली के एयरपोर्ट के पास स्थित वायुसेना का संग्रहालय। भारतीय वायु सेना की बहादुरी की कई कही और अनकही कहानियां सुनाता है। एक दिन समय निकालिए कुछ घंटे और जानिए समझिए हमारी वायुसेना की ताकत को। उनके अतीत के गौरव को। खास तौर यहां वायु सेना द्वारा स्वतंत्रता के बाद हुए य...
clicks 17 View   Vote 0 Vote   12:00am 18 Dec 2018
Blogger: देवेन्द्र पाण्डेय at बेचैन आत्मा...
सुबह उठा तो देखा.. मच्छरदानी के भीतर एक मच्छर! मेरा खून पीकर मोटाया हुआ, करिया लालमारने के लिए हाथ उठाया तो ठहर गयारात भर का साफ़ हाथ सुबह अपने ही खून से गन्दा हो?यह अच्छी बात नहीं। सोचा, उड़ा दूँ!मगर वो खून पीकर इतना भारी हो चुका था क़ि गिरकर बिस्तर पर बैठ ...
clicks 13 View   Vote 0 Vote   8:29pm 17 Dec 2018
Blogger: Niranjan at Reflection of thoughts . . ....
९. अहमदपूर से नान्देड इस लेख माला को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए|२० नवम्बर, इस यात्रा का नौवा दिन| अहमदपूर में सुबह निकलते समय आसमां बिल्कुल साफ है| संयोग से मै यहाँ जिनके पास ठहरा था, वे आज परभणी मेरे पिताजी के पास जा रहे हैं| इसलिए कुछ वजन उनके पास भेज दिया| साईक...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   5:10pm 17 Dec 2018

 
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